संविदा नियमों के अनुसार पात्र कर्मचारियों को स्थायी करने की दिशा में आखिर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा है? 🤔
संविदा भर्तियों के माध्यम से चयनित कर्मचारियों के भविष्य को लेकर न कोई स्पष्ट रोडमैप नजर आ रहा है और न ही वर्तमान सरकार इस दिशा में गंभीरता दिखा रही है। कार्यवाही करना तो दूर, ऐसा लगता है मानो इस विषय पर विचार तक नहीं किया जा रहा है।
जबकि नियमानुसार अब तक हजारों पात्र कर्मचारियों को स्थायीकरण का लाभ मिल जाना चाहिए था। आखिर इन कर्मचारियों को कब तक इंतजार करना पड़ेगा? उनके भविष्य और वर्षों की सेवा का जवाबदेह कौन होगा?
संविदा कर्मचारियों को केवल आश्वासन नहीं, अपने अधिकारों के अनुरूप ठोस कार्रवाई चाहिए।
यह स्थिति वास्तव में पीड़ादायक है। 💔
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इतिहास हमें सिखाता है कि आचार्य चाणक्य जैसे शिक्षक केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं थे, बल्कि राष्ट्र और समाज की दिशा बदलने की क्षमता भी रखते थे। शिक्षक का वास्तविक सम्मान उसके ज्ञान, अनुभव और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को पहचानने में है।
इसी भावना के साथ ATUR राजस्थान सरकार से विनम्र अपील करता है कि महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कार्यरत Assistant Teachers के योगदान, योग्यता और अनुभव को उचित महत्व दिया जाए तथा उनके नियमितीकरण के लिए सकारात्मक और न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।
इन शिक्षकों ने विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर मेहनत की है। उनके अनुभव और सेवाओं का लाभ विद्यार्थियों को निरंतर मिलता रहे, इसके लिए उन्हें सेवा सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना आवश्यक है।
हमारा विश्वास है कि सरकार और शिक्षक एक-दूसरे के सहयोगी हैं। शिक्षकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य देना न केवल उनके हित में है, बल्कि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
हमारा उद्देश्य विरोध नहीं, संवाद है। हमारा आग्रह टकराव नहीं, समाधान है।
आइए, शिक्षकों के अनुभव का सम्मान करें, उनके भविष्य को सुरक्षित बनाएँ और महात्मा गांधी विद्यालयों में कार्यरत Assistant Teachers के नियमितीकरण की दिशा में सकारात्मक पहल करें।
शिक्षक सशक्त होंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था और सशक्त होगी।
सादर नियमितीकरण व स्थाईकरण की अपील सहित🙏🏻
विपुल शर्मा
प्रदेश अध्यक्ष
व समस्त असिस्टेंट टीचर्स
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In Rajasthan’s MGGS, we teach students the nuances of the Future Tense, while our own careers remain trapped in an Indefinite Present Continuous! 📚⏳
The irony is truly Shakespearean:
• The Credentials: REET-qualified, pedagogically trained, with 3+ years of rigorous classroom experience building Rajasthan’s 'World-Class' English schools.
• The Administrative Reality: In the secretariat's vocabulary, the word 'Permanent' is treated like an extinct Latin noun or a mythical folklore!
Under the 2022 framework, a 3-year timeline was codified for transition to regular service. Yet, our files seem to be aging slower than continental drift while our service clocks tick past October 2026.
How do we explain 'cause and effect' to our pupils when 3 years of dedicated service still equates to zero service security?
We respectfully petition the Hon’ble Chief Minister @BhajanlalBjp & Chief Secretary: Please resolve this bureaucratic oxymoron. Regularize eligible MGGS teachers before our retirement certificates arrive ahead of the regularization order!
📍 Assistant Teachers' Union of Rajasthan (ATUR)
@svoruganti1466@BhajanlalBjp@MadanDilawar@rajeduofficial@TikaRamJullyINC@DIPRRajasthan
#RegularizeMGGSTeachers #RajasthanEducation #AdministrativeIrony #JusticeForMGGSTeachers #REETTeachers #AssistantTeachersUnion
In Rajasthan’s MGGS, we teach students the nuances of the Future Tense, while our own careers remain trapped in an Indefinite Present Continuous! 📚⏳
The irony is truly Shakespearean:
• The Credentials: REET-qualified, pedagogically trained, with 3+ years of rigorous classroom experience building Rajasthan’s 'World-Class' English schools.
• The Administrative Reality: In the secretariat's vocabulary, the word 'Permanent' is treated like an extinct Latin noun or a mythical folklore!
Under the 2022 framework, a 3-year timeline was codified for transition to regular service. Yet, our files seem to be aging slower than continental drift while our service clocks tick past October 2026.
How do we explain 'cause and effect' to our pupils when 3 years of dedicated service still equates to zero service security?
We respectfully petition the Hon’ble Chief Minister @BhajanlalBjp & Chief Secretary: Please resolve this bureaucratic oxymoron. Regularize eligible MGGS teachers before our retirement certificates arrive ahead of the regularization order!
📍 Assistant Teachers' Union of Rajasthan (ATUR)
@svoruganti1466@BhajanlalBjp@Nitu_Aggarwal_@YagyaDutt_IND@MadanDilawar@rajeduofficial@TikaRamJullyINC@DIPRRajasthan
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*राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल रूल्स 2022: सेवा अवधि पूर्ण होने के उपरांत भी सहायक शिक्षकों के नियमितीकरण का रास्ता अवरुद्ध क्यों?*
*असिस्टेंट टीचर्स यूनियन आॅफ राजस्थान* का नीतिगत पक्ष एवं ध्यानाकर्षण:
नियम व शिथिलता: 'राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स, 2022' के तहत 5 वर्ष की सेवा शर्त में 2 वर्ष की आधिकारिक छूट प्रदान की गई थी। इसके अनुसार 3 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितीकरण का स्पष्ट प्रावधान है।
तथ्यात्मक समयसीमा:
इस प्रक्रिया के तहत अंतिम पदस्थापन: जुलाई–अगस्त 2023
वर्तमान समय: अक्टूबर 2026
मौजूदा स्थिति: निर्धारित 3 वर्ष की कार्य-अवधि पूर्ण हो चुकी है, किंतु पात्रता रखने वाले संविदा सहायक शिक्षकों के नियमित कैडर में समायोजन की प्रक्रिया अभी तक धरातल पर शुरू नहीं हो सकी है।
प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से विनम्र प्रश्न:
जब नियम पूर्व-निर्धारित हैं और कार्मिकों ने निष्ठापूर्वक अपना कार्यकाल पूर्ण कर लिया है, तो फिर इस विधिक प्रक्रिया को पूर्ण करने में और कितना समय लगेगा? संविदा के अनिश्चित भविष्य के बीच शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
शासन से निवेदन है कि 3 वर्ष पूर्ण कर चुके समस्त संविदा सहायक शिक्षकों की स्क्रीनिंग व नियमितीकरण संबंधी अग्रिम विभागीय प्रक्रिया को नियमानुसार गति दी जाए।
@BhajanlalBjp@MadanDilawar@rajeduofficial@TikaRamJullyINC@DIPRRajasthan
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राजस्थान संविदा शिक्षक: ‘ब्रह्मा कैलेंडर’ का शिकार!*
*राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल रूल्स 2022: एक ऐसी टाइम-मशीन जिसमें 3 साल = 3 जन्म!*
नमस्कार सरकार,
एक कहानी सुनिए।
*नियमों की किताब में लिखा है:*
Rajasthan Contractual Hiring to Civil Posts Rules, 2022 के अनुसार संविदा पर लगे कार्मिकों को 5 साल में नियमित किया जाएगा, और उसमें 2 साल की विशेष छूट दी गई है। सीधा गणित है - 5 में से 2 गए, बचे 3। मतलब 3 साल की सेवा के बाद पक्के।
*हमारा गणित:*
हमारी अंतिम पदस्थापन: *जुलाई-अगस्त 2023*
आज का महीना: *अक्टूबर 2026*
हमने स्कूल में बच्चों को गिनती सिखाई, खुद भी गिन ली - पूरे *3 साल* हो गए।
*सरकार का गणित:*
सरकार का कैलेंडर हमारे वाला नहीं, ब्रह्मा जी वाला है।
हमने ब्रह्मा जी से पूछा तो वो भी बोले -
"इतना लंबा इंतजार? मेरे ब्रह्मा कैलेंडर में भी नहीं लिखा था!
मेरे यहाँ तो सत्य युग 17,28,000 साल का होता है, पर तुम्हारा 3 साल उससे भी लंबा लग रहा है!"
हमारा सफर कुछ ऐसा रहा:
*जुलाई 2023:* फाइल चल पड़ी! लगा अब तो जीवन पक्का।
*2025:* 2 साल बीत गए... शब्द थे ‘पक्के’ नहीं, *‘पक कर अचार’* बना रहे हैं! हम अभी तक संविदा ही हैं।
*अक्टूबर 2026:* अब तो हालत ये है - 3 साल का मतलब 3 जन्म? क्या पुनर्जन्म में फिर से शिक्षक बनना पड़ेगा? दशकों का इंतजार, अब तो ‘परमानेंट’ की जगह ‘पाषाण’ न बन जाए!
हम संविदा के अनिश्चित भविष्य के बीच भी पूरी निष्ठा से पढ़ा रहे हैं, क्योंकि बच्चे इंतजार नहीं करते। पर सवाल तो बनता है:
जब नियम आपने बनाया, छूट आपने दी, 3 साल हमने ईमानदारी से काट लिए, तो फिर हमारे नियमितीकरण की फाइल किस ‘सरकारी टाइम-मशीन’ में अटकी है जो 3 साल को 3 युग बना रही है?
*असिस्टेंट टीचर्स यूनियन ऑफ़ राजस्थान (ATUR) की ओर से सरकार से सीधी माँग नहीं, गुहार है:*
1. नियम 2022 के अनुसार 3 साल पूर्ण कर चुके सभी संविदा सहायक शिक्षकों की स्क्रीनिंग तुरंत शुरू की जाए।
2. नियमित कैडर में समायोजन की प्रक्रिया को कागज से निकालकर धरातल पर लाया जाए।
3. शिक्षा विभाग में अचार बन चुके इस मुद्दे को अब तो परोसा जाए!
हमें भरोसा है, सरकार सुनेगी। क्योंकि शिक्षक का सम्मान, स्थायी नियुक्ति से ही है।
संविदा नहीं, स्थायी ही समाधान!
@BhajanlalBjp@MadanDilawar@rajeduofficial@TikaRamJullyINC@DIPRRajasthan
#RajasthanAssistantTeachers #BrahmaCalendar #पक्क_कर_अचार_बन_गए #संविदा_से_स्थायी_तक #RajasthanEducationReform #PermanentAssistantTeachers
यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के 25 साल के उपलक्ष में राजस्थान के अगर संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए तो बहुत बड़ी बात होगी
इस आजाद भारत में संविदा कर्मी अभी आजाद नहीं है
हर सरकार हमारे साथ बहुत अन्याय करती है कम मानदेय में हमारी जिंदगी चली जाती है पर काम हम रेगुलर कर्मचारियों की तरह करते हैं ऐसा सोतेला व्यवहार हमारे साथ किया जा रहा है
हमें न्याय दीजिए
MGGS Assistant Teachers शिक्षा विभाग राजस्थान
श्रीमान जी इस पर विशेष ध्यान दें संविदा कर्मियों कीआवाज बोल रही है
हमारे साथ इतना अन्याय शोषण मत करोहमकोआजादी दो
हम भी इस मिट्टी पर पैदा हुए आप भी इस मिट्टी पर
पर हमारे साथ अंग्रेजों की तरह व्यवहार मत कीजिए
बस हमें न्याय दीजिएआपसे हाथ जोड़कर विनती है सविदा कर्मी परिवार बहुत दुखी हैं
आप से विनम्र अनुरोध है। 🙏 @RajCMO@BhajanlaIBjp@narendramodi@NitinNabin@PMOIndia@DIPRRajasthan@KumariDiya@zeerajasthan_@gssjodhpur #25YearsOfSeva #MGGS #PERMANENTASSISTANTTEACHERS
यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के 25 साल के उपलक्ष में राजस्थान के अगर संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए तो बहुत बड़ी बात होगी
इस आजाद भारत में संविदा कर्मी अभी आजाद नहीं है
हर सरकार हमारे साथ बहुत अन्याय करती है कम मानदेय में हमारी जिंदगी चली जाती है पर काम हम रेगुलर कर्मचारियों की तरह करते हैं ऐसा सोतेला व्यवहार हमारे साथ किया जा रहा है
हमें न्याय दीजिए
MGGS Assistant Teachers शिक्षा विभाग राजस्थान
श्रीमान जी इस पर विशेष ध्यान दें संविदा कर्मियों कीआवाज बोल रही है
हमारे साथ इतना अन्याय शोषण मत करोहमकोआजादी दो
हम भी इस मिट्टी पर पैदा हुए आप भी इस मिट्टी पर
पर हमारे साथ अंग्रेजों की तरह व्यवहार मत कीजिए
बस हमें न्याय दीजिएआपसे हाथ जोड़कर विनती है सविदा कर्मी परिवार बहुत दुखी हैं
आप से विनम्र अनुरोध है। 🙏 @RajCMO@BhajanlaIBjp@narendramodi@NitinNabin@PMOIndia@DIPRRajasthan@KumariDiya@zeerajasthan_@gssjodhpur #25YearsOfSeva #MGGS #PERMANENTASSISTANTTEACHERS
श्रीमान जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
राजस्थान में संविदा कर्मियों का बहुत गंभीर का विषय है हम आपसे संविदा कर्मी हाथ जोड़कर विनती करते हैं संविदा कर्मियों को नियमित करें
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्रीमान भजनलाल जी शर्मा जी को मामला अवगत कराया जाए इनको नियमित किया जाए
संविदा कर्मियों की दुआएं आपके साथ
MGGS सहायक अध्यापकों को नियमित करो शिक्षा विभाग #MGGS #PERMANENTASSISTANTTEACHERS @PMOIndia@rajeduofficial@EduMinOfIndia@zeerajasthan_@BJP4India@BJP4Rajasthan@ZeeNews@ABPNews@abplive@PTI_News@1stIndiaNews@ndtv