पांच मिनट की फिल्म है जिसका नाम है 'सॉरी'. इस फिल्म को बनाने में मात्र 30 मिनट का समय लगा। इस फिल्म ने इंटरनेशनल ऑस्कर अवॉर्ड भी जीता है.!
यह फिल्म एक पिता पर आधारित है।
बच्चे के जन्म से लेकर पिता के बुढ़ापे तक. भले ही आप भाषा नहीं समझते हों, फिर भी आप बहुत कुछ समझ जायेंगे। आख़िर पिता तो पिता ही होता है.
बहुत दिलच्स्ब!
अंत देखना न भूलें !
श्रीकृष्ण सदा सहायते 🙏💐
दो ट्रेनों के बीच ट्रैक में फंसा यह घोड़ा शोरगुल के बावजूद थोड़ा भी विचलित न होकर सीधा दौड़ता रहा, इसलिए बच भी निकला।
जिंदगी भी कुछ ऐसा ही मांगती है, जो विचलित नहीं होते वे जीवन के हर मुश्किल से बाहर निकल आते हैं..!!
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#LifeLessons#oldvideo
कोई ऐसी बारिश हो जाए।
अनचाही यादें धुल जाए।
हम उसमें भीगे खड़े- खड़े।
और सपने देखे बड़े- बड़े।
ख्वाबों का पिटारा खुल जाए।
अनचाही यादें धुल जाए।
~पूजा यादव
@thepoetichouse दुनियादारी के झंझट से,
रहते कोसों दूर।
खेलों के संसार में अपने,
रहते बस मगरूर।
अपनी वो छोटी सी दुनिया
थी कितनी खुशहाल।
उस बचपन को फिर से जी लूँ,
बनकर नन्हा बाल।
~पूजा यादव
@KavyaKutir निश्छल हृदय, कपट और छल से
होते थे अनजान।
नहीं किसी अपमान भय था,
नहीं चाहा सम्मान।
छोटा सा वो हृदय भी कितना
होता था विशाल।
उस बचपन को फिर से जी लूँ,
बनकर नन्हा बाल।
~ पूजा यादव
@kavitaaayein ठहरना चाहते है जरा
ये भागते हुए शहर।
बैठना चाहते हैं
उस बरगद की छाँव में
जो बलि चढ गया
किसी ऊँचे टावर या मॉल के।
टहलना चाहते है ये शहर
गाँवों के हाथों में हाथ डाल
उस पगडंडी पर
जो दब गई गहरे तक
किसी हांफती हुई सड़क तले।
~पूजा यादव
@KavyaKutir रात के अंधियारे में राही कोई माँगे उजाला
दीप को लौ दे सको तो रोशनी उसको दिखा दें।
मौन हैं पर कहने को बातें हृदय में हैं समेटे,
वक्त हमको दे सको तो बात दो तुमको सुना दें।
~पूजा यादव