छात्रों की माँग को लेकर धरने पर बैठे राहुल गांधी जी, सांसदों और विपक्ष के नेताओं को जिस प्रकार से प्रधानमंत्री आवास के सामने से गिरफ्तार किया गया है, उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
छात्रों और युवाओं के कदम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। पिछले एक महीने से लाखों छात्र और युवा NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। उनकी पहली और सबसे बड़ी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने और दमनकारी रवैया अपनाने में लगी हुई है।
पेपर लीक का मुद्दा घर-घर की चर्चा बन चुका है। पूरा देश चाहता है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर जवाबदेही तय हो, सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को कठोर सज़ा मिले। लेकिन इस भावना के ठीक विपरीत प्रधानमंत्री मोदी और सरकार अपने मंत्री को बचाने में लगी हुई है।
छात्रों और युवाओं के साथ हो रहे इस अन्याय का जवाब भाजपा को ज़रूर मिलेगा।
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
बजट से ठीक पहले जनता की जेब पर फिर मोदी सरकार का वार!
👉🏻 1 फरवरी से कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹50 महंगा।
👉🏻 1 जनवरी को ही ₹111 की बढ़ोतरी हो चुकी थी।
लगातार बढ़ती कीमतें साफ कहती हैं
मोदी सरकार राहत नहीं, सिर्फ वसूली जानती है।
ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है।
भारत के 140 करोड़ नागरिक fastest growing economy बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं।
हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं।
ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।
#ViksitBharatBudget