यह वीडियो उस सच को सामने लाती है, जिसके बारे में आपने सुना होगा, लेकिन अपनी आँखों से शायद नहीं देखा होगा।
देखिए, कैसे पुलिस सच और न्याय के लिए लड़ने वालों के खिलाफ़ ही कहानियाँ गढ़ती है।
यह Law & Order का माखौल है।
#NoidaWorkerProtest#Srishti#Akriti#Students@theCaRWAN
BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपना ये वीडियो डिलीट कर दिया.
दरअसल,BJP की नई वाली सोशल मीडिया टीम ने बेवकूफी की थी. रूस के राजदूत ये मिलने वाले इस वीडियो में “रा रा रसपुतिन” गाना लगा दिया था. ये गाना रूस के लिए अपमानजनक माना जाता है.
नई वाली सोशल मीडिया टीम लगातार ब्लंडर कर रही है. दो दिन पहले निर्मला सीतारमण के वीडियो में झोला भरकर कट लगाए और उस वीडियो को चला दिया.
उससे पहले गणेश आरती को बिगाड़ दिया. मीम के चक्कर में BJP को गुंडा बताया.
मतलब सारे काम बेवकूफों जैसे हो रहे हैं. ये BJP की और लंका लगाएंगे. ना नैरेटिव है, ना ही कोई लाइन, ना ही काउंटर.
अमित मालवीय ने पहले ही बर्बाद किया था, दीपक महस्के ने फूंक ही दिया.
When this attack happened, I personally went to the DCP and asked him to arrest these goons. The DCP replied, “We can’t arrest people randomly.”
I told him, “The attack happened right in front of the police. How can you say you can’t arrest them?”
To which the DCP replied, “You are free to go to the courts”
Such is the attitude of Delhi Police.
What a shame for the Delhi Police - and for Amit Shah.
A Hindutva extremist Swatantra Bharadwaj is openly boasting that he broke open the head of a young protester’s father, who needed 60 stitches.
He further claims that Kapil Mishra’s intervention shielded him from police action, and asserts that not only Kapil Mishra but even Chirag Paswan is like an elder brother to him.
If someone can assault a citizen, openly boast about it, and flaunt political connections as protection from the law, what does that say about Delhi’s policing?
What does it say about the safety of ordinary citizens across Delhi-NCR?
This lawlessness is unfolding right under Amit Shah’s nose. That's why he is unworthy of the chair he occupies.
Is this true @CPDelhi? Criminal gang members openly masquerading as Police officers—is this not a very urgent security threat in capital of the country? Is this why law & order situation is so bad?
कितना शर्मनाक है कि एक शख्स "स्वतंत्र भारद्वाज" खुलेआम पॉडकास्ट में दावा करता है कि उसने एक लड़की के पिता ((एक दलित व्यक्ति) का सिर फोड़ा और लड़की के साथ बदतमीज़ी की—लेकिन इसके बावजूद उसे जेल नहीं हुई।
वह बड़े गर्व से दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, दिल्ली के नेता कपिल मिश्रा और सांसद मनोज तिवारी उसके “बड़े भाई जैसे” हैं, इसलिए उसका बाल भी बांका नहीं हो सकता। वह बेफ़िक्री से इन नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवा रहा है और खुलेआम घूम रहा है।
अगर ये दावे सच हैं, तो सवाल बेहद गंभीर है—दिल्ली पुलिस और शासन-प्रशासन की कार्रवाई कहाँ है? क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है और रसूखदारों के लिए सारे नियम ताक पर रख दिए जाते हैं? किसी भी सरकार के Law & Order की असली परीक्षा यही होती है कि वह ताकतवर अपराधियों के खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से पेश आए।
दक्षिणपंथी मानसिकता के इन रसूखदारों को सरंक्षण देकर क्या भाजपा यही ‘GenZ’ के सामने यही उदाहरण पेश कर रही है?
आज निशु है, कल कोई और बेटी या परिवार इस अराजकता का शिकार हो सकता है। इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आवाज़ उठाइए, क्योंकि चुप्पी किसी भी व्यवस्था को जवाबदेह नहीं बनाती।
बेटा तुम्हे डरने की जरुरत नहीं है अब पूरा भारत तुम्हारे साथ है।
हमने देखा है आप बहुत हिम्मती हो आप अपने न्याय की लड़ाई लड़ो आप जरूर सफल होगे।
और @Ichiragpaswan जी आपको फिर से विचार करना चाहिए कि आप किसका साथ दे रहे हो?
Swatantra Bhardwaj का साथ दे रही है दिल्ली पुलिस? एक दलित का सिर फोड़ने के बाद भी ये खुलेआम धमकी दे रहा है और दावा कर रहा है कि दिल्ली पुलिस और बीजेपी के बड़े नेता उसके साथ हैं...
@vinay_sultan
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
वीडियो वायरल होने के बाद मुझे और मेरे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता है, लेकिन मैं डरूँगी नहीं में अन्याय जातिवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूँगी।
@DelhiPolice कोई कार्यवाही नहीं कर रही है, हमें विपक्ष के तमाम नेताओं से उम्मीद है कि वो मुझ दलित समाज की बेटी को न्याय दिलाएंगे 🙏
किताब कब तक रहेगी सादा, कभी तो आग़ाज़-ए-बाब होगा,
जिन्होंने बस्ती उजाड़ डाली, कभी तो उनका हिसाब होगा।
सुकूत-ए-सेहरा में बसने वालों ज़रा रूतों का मिज़ाज समझो,
जो आज का दिन सुकूँ से गुज़रा तो कल का मौसम ख़राब होगा।
बेरहमी की सभी सीमाएं पार कर दी हैं आपने @DelhiPolice . आप जिसे मर्जी उठाकर ले जाते हैं- जिसके साथ चाहें बर्बरता करते हैं? कोई जवाबदेही है @CPDelhi ? शर्मनाक! कुछ कहेंगी आप @gupta_rekha ? In solidarity with the Reporters of @4pmnews_network
दिल्ली की मुख्यमंत्री @gupta_rekha
से सवाल पूछने पर पत्रकारो की पिटाई कर रही है दिल्ली पुलिस,
पत्रकारों से उनका धर्म पूछ कर उनको और मारा जा रहा है । @4pmnews_network की पत्रकार शाहीन और उनकी सहयोगी नफीसा को दिल्ली पुलिस ने थाने में बंद करके मारा । गंभीर आरोप।
14 साल इंतज़ार... और बच्ची ने दम तोड़ा, AIIMS की लापरवाही पर भड़का पीड़ित परिवार।
देखिए @Milan_reports की Ground Report, The Red Mike के यूट्यूब चैनल पर।
अगर ये देख कर और सुन कर भी आपकी आँखें नहीं खुलती हैं तो समझिए आपकी संवेदनाएं मर चुकी हैं
सवाल पूछने पर दो महिला पत्रकारों को पीट दिया गया, लाठी के निशान इन पत्रकारों के शरीर पर नहीं हमारे देश के लोकतंत्र पर हैं।