लोकतंत्र के मंदिर संसद परिसर में भारत के महामहिम उपराष्ट्रपति महोदय श्री जगदीप धनखड़ जी का INDI गठबंधन द्वारा किया अपमान अत्यंत निंदनीय व दुर्भाग्यपूर्ण है।
तथाकथित मोहब्बत की दुकान वालों का असली चेहरा!
Received a telephone call from the Prime Minister, Shri @narendramodi Ji. He expressed great pain over the abject theatrics of some Honourable MPs and that too in the sacred Parliament complex yesterday. He told me that he has been at the receiving end of such insults for twenty years and counting but the fact that it could happen to a Constitutional office like the Vice President of India and that too in the Parliament was unfortunate.
I told him- Mr. Prime Minister, the antics of a few won’t prevent me from performing my duty and upholding the principles enshrined in our Constitution. I am committed to those values from the bottom of my heart. None of the insults will make me change my path.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का फोन आया और उन्होंने कल संसद के पवित्र परिसर में कुछ माननीय सांसदों द्वारा प्रदर्शित की गयी अपमानजनक नाटकीयता पर अत्यंत दुख व्यक्त किया। उन्होंने मुझे बताया कि वह पिछले बीस वर्षों से इस तरह के अपमान सहते आ रहे हैं, लेकिन देश के उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के साथ, और वह भी संसद में, ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मैंने प्रधान मंत्री से कहा कुछ लोगों की बेतुकी हरकतें मुझे मेरा कर्तव्य निभाने और हमारे संविधान में निहित सिद्धांतों का सम्मान करने से नहीं रोक सकती हैं। मैं संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हूं और इस प्रकार के अपमान मुझे अपने मार्ग से विचलित नहीं कर सकते। @narendramodi
शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।
कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारत माता के वीर सपूत, परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।