अज्ञानता से भय पैदा होता है, भय से अन्धविश्वास पैदा होता है, अन्धविश्वास से अन्धभक्ति,और अन्धभक्ति से व्यक्ति का विवेक शून्य हो जाता है_
Dr.भीम राव अम्बेडकर
सवर्ण पहले कांग्रेस को वोट करते थे. शाहबानों मामले के बाद सवर्ण समाज 1989 में BJP की ओर शिफ्ट हो गया.
आज भी BJP का कोर वोटर सवर्ण समाज है. इस बात पर शोध अध्ययन और डिबेट होनी चाहिए BJP सवर्ण समाज को ऐसा क्या देती है जो यह समाज BJP के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है.
इस बात पर बहस होनी चाहिए BJP सवर्णों की पार्टी है यह जानते हुए भी OBC SC ST BJP को क्यों वोट देता है ?
BJP केवल सवर्ण समाज के वोटों के बदौलत सत्ता में नही है. BJP को सत्ता में लाने का सबसे बड़ा श्रेय OBC और SC-ST को जाता है.
यह मुमकिन ही नही है 10% आबादी के दम पर कोई पार्टी सत्ता में आ जाए.
क्या बहुजन एकता, दलित एकता या ओबीसी एकता एक मिथ बन चुका है ?
तंज़ानिया से हरियाणा, फिर लेटेंट में फ़ुल टशन, बंदा ये बिंदास है
अफ़्रीका के रहने वाले फ़ैज़ल जब हिन्दी, पंजाबी, मराठी जैसी भाषाओं में गाने गाते हैं तो सुनने वाले सुनते रह जाते हैं.
और जब वो ताइक्वांडो सिखाने पहुंचते हैं तो उनकी देसी डांट बता देती है कि ये शख़्स पूरी तरह भारत का हो चुका है.
लेकिन ऐसा नहीं है कि ये सफ़र आसान था. फ़ैज़ल ने भी अपने हिस्से की मुश्किलों का सामना किया और आज भी करते हैं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उनके कुछ सपने पूरे हो चुके हैं, और कई बाक़ी हैं.
फ़ैज़ल अब यहीं रहना चाहते हैं, यहीं अपने सपने पूरा करना चाहते हैं, क्योंकि तंज़ानिया हो या हरियाणा, सपनों का कोई पिनकोड नहीं होता. ये उन्हीं सपनों की कहानी है…
#SmallSpacesBigDreams
पूरा वीडियो देखिए: https://t.co/R7ZnQY97OZ
भारत का इको सिस्टम प्रधानमंत्री की कुर्सी पर कभी किसी गैर-ब्राह्मण को एक-डेढ़ साल से ज्यादा टिकने नही दिया.
1980 में चौधरी चरण सिंह को हटा दिया गया
1990 में वीपी सिंह को हटा दिया गया
1991 में चंद्रशेखर को हटा दिया गया
1997 में एचडी देवीगौड़ा को हटा दिया गया
1998 में आईके गुजराल को हटा दिया गया
मनमोहन सिंह से पहले अल्पसंख्यक हैं जो प्रधानमंत्री बने. उन्होंने भारतीय इको सिस्टम को चुनौती दी और 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे.
मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने में सबसे बड़ी भूमिका सोनिया गांधी ने निभाई. मनमोहन सिंह इसलिए प्रधानमंत्री बने कारण उनके पास लॉयल्टी, टैलेंट और कमिटमेंट था.
आज सरदार मनमोहन सिंह का जन्मदिन है. उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.
IIT Kanpur में 257 प्रोफेसर हैं. SC-ST समाज से एक भी प्रोफेसर नही है.
OBC समाज से केवल 3 प्रोफेसर हैं.
IIT कानपुर का बजट तकरीबन 750 करोड़ रुपए है. यह पैसा सरकार से मिलता है.
सरकारी खर्च से चलने वाला इतना बड़ा इंस्टिट्यूट में एक भी SC-ST प्रोफेसर का नही होना हैरान करता है.
गूगल पर सर्च कीजिए IIT Kanpur में इन 6 सालों में कितने स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की है ?
आज उस इंसान की जयंती है 👇.
जिसने ना अपनी डिग्री छुपाई
जिसने ना अपनी शादी छुपाई
जिसने ना 15 लाख का झूठा वादा किया
जिसने ना ज्ञानेश कुमार को कब्जे में किया
जिसने ना मेलोड़ी गिफ्ट करी किसी औरत को
जिसने ना प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से मना किया
जिसने ना किसी को गाली देने पर ट्रोल करवाया
जिसने ना कभी चुनाव में जाकर रैली की
जिसने ना कभी विपक्ष पर Ed भेजी डराने के लिए
जिसने ना कभी प्रोपेगंडा फ़िल्में बनवाई अपने लिए
जिसने ना कभी अमेरिका का डर माना था
जिसने ना कभी पकिस्तान जाकर बिरयानी खाई
ऐसे अमूल्य वीर सपूत कभी कभी ही जन्म लेते हैँ
आज वाला इनकी इन कामों की बराबरी कर सकेगा कभी क्या??
डॉ मनमोहन सिंह जी बहुत याद आते हैँ आप 😪
कुछ नहीं गाइज, क्लासेज चल रही हैं।😅👇
डिटेन हुई @neha_aisa SIR पढ़ा रही हैं।
स्टूडेंट हैं पुलिस वाले, अनुशासित लग रहे हैं।
मास्टरनी भी मानो मधुर कविता सुना रही हैं।
‘मोदी-शाह के अगले '50 सालों तक' भारत में राज करने के दावों के पीछे का राज़ 2 दिन पहले दोनों इलेक्शन कमिश्नर ने बता दिया, देश को पता चल गया कि भाजपा के इस दंभ के पीछे कुछ और नहीं वोटचोरी है।’ @RahulGandhi
एनडीटीवी की न्यूज़ एंकर Padmaja Joshi आईआईटी बॉम्बे के मामले में खुद जज बनकर फैसला सुना रही हैं
वीडियो से साबित हो गया साहिल वकोडे ने चीटिंग की थी इसलिए उसने आत्महत्या की.
Padmaja Joshi ने साहिल के पिता से पूछा वायरल वीडियो से तो साबित हो गया है साहिल के साथ कोई जातीय भेदभाव नही हुआ ?
साहिल के पिता ने कहा, एक तरफा वीडियो से कुछ साबित नही होता है. पुलिस को मामले की जांच करने दिया जाए.
क्लासरूम के एक वीडियो पर साहिल को बदनाम किया जा रहा है. क्लासरूम के बाहर का वीडियो या HOD के ऑफिस के अंदर का वीडियो अभी तक लीक नही किया गया. लीक केवल क्लासरूम वाला वीडियो किया ताकि नोएडा मीडिया साहिल के खिलाफ खबर चलाकर बदनाम करे.
पहले ज्ञानेश 'चोर' की बेटी का केस रोस्टर से हटाकर जूनियर जज को सौंपा गया फिर जज ने सुनवाई का ऑडियो म्यूट कर दिया और उसे स्टे दे दिया !
भारत की न्यायपालिका के लिए हर दिन नए निचले स्तर देखने को मिल रहे हैं : महुआ मोइत्रा, सांसद
सिर्फ भारत ही नहीं पूरे विश्व में इस रिपोर्ट की चर्चा है कि भारत में चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं या नहीं ?
कमाल कर दिया इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार रितिका ने और जबरदस्त काम किया सौरभ भाई आपने।
मोदी भक्ति आपको हर नियम क़ानून से ऊपर रखती है, इन दोनों लोगो की बात से समझ लीजिये
पहली तस्वीर में प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव हैँ
जिनका कार्यकाल इसी अक्टूबर में खत्म हो रहा था इलाहबाद यूनिवर्सिटी के VC के तौर पर.
और कमाल देखिये, इनको दोबारा अगले पांच साल के लिए नियुक्त कर दिया गया है उसी पोस्ट पर
दूसरी तस्वीर में अक्षय लबरू हैँ जो श्रीनगर के DM थे, इनका ट्रांसफर होना था पर ज्ञानेश कुमार के दामाद होने के नाते इनको भी उसी पोस्ट पर अगले 5 साल के लिए दोबारा नियुक्ति कर दी गयी है.
संगीता जी ने 15 अगस्त को स्पीच में मोदीजी को गाली देने वालों को देशद्रोही बोला था.
और अक्षय ने मोदीजी को जंतर मंतर पर गाली देने वालों को जानवर बताया था.
खबर है कि संगीता जी के पति देश के अगले CJI बन सकते हैँ.
भक्त बनिये, सिस्टम आपको फल जरूर देगा 😊
इस देश में लोग अपनी टट्टी साफ करवाने के लिए सीवर में हर रोज दलितों को उतारते है, इनको शर्म आनी चाहिए।
आये दिन सीवर में उतरकर दलितों की जान ली जाती है और हम सभ्यता की बात करते है!
~ @surajyengde
ऐसे देश में एट्रोसिटी से भी मजबूत कानून लाने होंगे! मनुवादी, एट्रोसिटी को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानकर कैसे जीते है?
IIT मुंबई में एक स्टूडेंट ने कहा था कि IIT इंक्लूजिव नहीं है, सब तबके के लोग नहीं हैं। इतनी सी बात पर प्रो डुल्ला ने उसे 6 महीने के लिए सस्पेंड करवा दिया था!
ये सुनने के बाद भी क्या गुंजाइश रह जाती है ये जानने में कि उसने दलित छात्र के साथ क्या किया था?
ये आदमी Shivsena-UBT का प्रवक्ता है. इनका नाम आनंद दुबे है. NMF News नाम के यूट्यूब चैनल पर बैठकर जमकर SC-ST एक्ट का विरोध कर रहा था.
बोल रहा था प्रोफेसर पर SC-ST एक्ट नही लगना चाहिए.
कॉकरोच लोगों को समाज के लिए खतरा बताया जबकि जंतर मंतर आंदोलन के समय उद्धव ठाकरे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन देने दिल्ली गए थे. बॉस कॉकरोच जनता पार्टी को सपोर्ट करते हैं और पार्टी का एम्प्लॉयी कॉकरोच जनता आंदोलन को समाज का दुश्मन बता रहा है ?
आनंद दुबे ने यूजीसी एक्ट को काला कानून बताते हुए जमकर अपनी भड़ास निकाली. ऐसा लग रहा था शिवसेना UBT का नेता नही, RSS या BJP का बोल रहा है.
अफसोस होता है शिवसेना UBT ने SC ST एक्ट और यूजीसी एक्ट विरोधी को प्रवक्ता बनाया है.