जब एक मुसलमान या आदिवासी हथियार उठाता है पुलिस पर फायरिंग करता है तो वो आतंकवादी, नक्सली, माओवादी कहलाता है।
भरत तिवारी के पास भी अवैध हथियार थे।
पुलिस पर फायरिंग कर चुका था ?
फिर जातिवादी मीडिया उसे मसीहा और निर्दोष क्यों बता रही है ?
असल में जातिवाद का यही तो विशेषाधिकार होता है कि अपराधी का महिमामंडन करने में नहीं चूकते।।
जादू देखिए 👇
मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. इसके बाद उनके परिवार ने उज्जैन में धड़ाधड़ जमीनें खरीद लीं.
खास बात है कि ये जमीनें सरकारी प्रोजेक्ट के आस पास थीं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है- मोहन यादव की पत्नी, बहू, भाई, उनके लड़के और तमाम रिश्तेदारों ने जमीन खरीदी.
खबरदार- अगर किसी ने भ्रष्टाचार कहा, ये तो जादू है.
एक युवा डॉक्टर ने पेशे की नैतिकता को सर्वोपरि रखते हुए अपने करियर के पहले ही दिन एक प्रतिष्ठित अस्पताल से इस्तीफा दे दिया।
डॉक्टर ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हर मरीज को अनावश्यक रूप से भर्ती करने और मुनाफे के लिए लंबे समय तक ICU में रखने का दबाव बनाया जा रहा था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चिकित्सा नैतिकता के खिलाफ जाकर मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकतीं।
इस घटना ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ते व्यवसायीकरण और अनैतिक प्रथाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर डॉक्टर के इस साहसिक फैसले की जमकर सराहना हो रही है!
तुम लोग यहां स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में व्यस्त हो,
वहां मोहन यादव जी ने अपने रिश्तेदारों के नाम मध्यप्रदेश की आधी जमीन लिखवा दी।
>पत्नी के नाम - 11 एकड़
>बेटे के नाम - 17 एकड़
>बहु के नाम - 10 एकड़
>चचेरा भाई - 108 एकड़
खैर छोड़ो मैं तो जा रहा हूं रिक्शावाले कि खाल उतारने।
NEET के बाद अब RENEET भी घोटाले की जद में फंस गया है। बिहार से सॉल्वर गैंग के 40 लोग गिरफ्तार हुए हैं। एक मेडिकल कॉलेज की संलिप्तता बताई जा रही है।
जब बायोमैट्रिक सिस्टम को फेल करके वास्तविक परीक्षार्थी की जगह 40 लाख रूपये में किसी सॉल्वर को बैठाया जा सकता है तो कुछ भी संभव है।
धर्मेंद्र प्रधान जी @dpradhanbjp और एनटीए क्या इस बात की गारंटी लेंगे कि किसी अन्य राज्य में सॉल्वर गैंग के लोग नहीं पहुंचे होंगे। यह शर्मनाक नहीं शर्म से डूब जाने की बात है। एक तरफ देर से परीक्षा केंद्र पहुंचने वाले बच्चों को परीक्षा के बैठने नहीं दिया गया दूसरी तरफ यह सब।
अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
NEET की परीक्षा में फिर से धोखाधड़ी बताती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई, क्योंकि नीचे-से-ऊपर तक सब मिले थे, इसीलिए बायोमेट्रिक की जाँच में भी घपला किया गया। ये तो एक जगह है जहाँ बात खुल गई, बाक़ी न जाने और कितनी सेंटरों पर ये हुआ होगा।
युवाओं के साथ हो रहा ये धोखा तभी बंद होगा जब भाजपा के ख़िलाफ़ इस देश का हर छात्र, उनके माता-पिता, उनका संपूर्ण परिवार एकजुट हो जाएगा।
भाजपा अपराध और नाउम्मीदगी का दूसरा नाम बन गई है।
वोट की लूट से बनी सरकार, पेपर धांधली से लेकर चढ़ावा-चंदा-दान चोरी तक पहुँच गई है। भाजपा और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों ने सरेआम-बेईमानी के अपने ही बनाए रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।
#NEET
#NEET_REEXAM
लखनऊ अग्निकांड हो या दिल्ली.. भारत में लोगों की जान जाने के लिए किसी विदेशी आक्रमण की जरूरत नहीं है।
यहां की भ्रष्ट सरकारें एवं घटिया सिस्टम आपकी हत्या करने के लिए काफी हैं। इन्हें मासूमों की लाशों से बहुत प्यार है।
न जाने कब तक निर्दोष लोग इसी तरह मारे जाते रहेंगे।
“जब RSS पब्लिक में मार्च निकालता है,तो उन्हें Security कौन देता है ?
गृह मंत्रालय Security देता है ! तो मैं जानना चाहता हूँ कि मैं किसे Security दे रहा हूँ !
ये कौन लोग हैं ?
कहॉं शाखा चलाते हैं ?
Funding कौन करता है ?
बताना पड़ेगा !”
@PriyankKharge जी ने RSS की नाक में नकेल डाल दी है 🔥🔥🔥
बेटी NEET परीक्षा से चूकी गई पिता फूट-फूट कर रो पड़े क्या आप इनकी मज़बूरी का अंदाजा लगा सकते हैं..?
अब इस बच्ची का पूरा साल बर्बाद हो जायेगा क्या सारे कानून छत्रों के लिए ही हैं कुछ मिनट लेट होने पर एंट्री नहीं दी..?
@nehafolksinger हमने वोट दिया मंदिर के लिए , जो राम को लाये है , वोट दिया PM को पुजारी बनने पर ! सरकार वो सब कर रही है !
सरकार को गलत कहना सही नहीं है ।
कहाँ हो सामाजिक न्याय के चिंतकों?
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक यादव लड़की ने दलित लड़के से लव मैरिज की तो मायके वालों ने उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद भाई अभिषेक यादव ने शव को जला दिया।
सोशल मीडिया पर सामाजिक न्याय की लफ़्फाज़ी करने वाले लक्ष्मण यादव सहित सपा, राजद के सारे क्रांतिकारी मौन क्यों हैं? सुजाता यादव का गुनाह यह था कि उसने एक दलित लड़के से शादी की थी, लेकिन फिर भी लड़की के परिजनों ने पुलिसवालों से मिलीभगत करके लड़के पर झूठी FIR दर्ज करवा दी। अतः पुलिस नव-दंपति को जबरन पकड़कर ले आई।
यहाँ अदालत की मानसिकता और कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान है। लड़की ने कोर्ट के समक्ष बयान दिया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। फिर भी जज ने लड़के को जेल भेज दिया। लड़की को उसकी मौसी की कस्टडी में रखा गया। इधर लड़की का भाई अभिषेक यादव अंदर ही अंदर घुट रहा था कि उसकी बहन ने किसी दलित से प्रेम कैसे कर लिया।
अतः उसने घरवालों के साथ मिलकर लड़की की हत्या की साजिश रची। उन्होंने उसे बहला-फुसलाकर घर बुलाया। लड़की के भाई अभिषेक यादव ने अन्य सदस्यों के साथ एक राय होकर अपनी ही बहन का बेरहमी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के सबूत मिटाने के लिए उन्होंने उसकी लाश को नदी के किनारे जलाकर राख कर दिया। इन हत्यारों पर कठोर से कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
लानत है ऐसी गोबर मानसिकता पर, जहाँ इंसान जाति के गुरूर में इस कदर हैवान बन जाए कि उसे अपनी ही बहन का खून करने पर तनिक अफ़सोस न हो। सामाजिक न्याय की लफ़्फाज़ी करने वाले सारे क्रांतिकारी मौन हैं, क्योंकि मामला उनका सजातीय है। यादव समाज कहने को तो बैकवर्ड है, लेकिन सच्चाई यह है कि वे आज भी सड़ी-गली जातिवादी दंभ में जीने वाले सबसे बड़े लंबरदारों में से एक हैं। अपनी इसी सामंती सोच के चलते वे दलित समुदाय का उत्पीड़न करने में अग्रणी पंक्ति में खड़े हैं। यादव समाज के सुधारकों को अपनी जाति में बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरत है।
एक बेटी पीरियड्स की तकलीफ़ झेलते हुए NEET परीक्षा केंद्र पहुंची…
सिर्फ दो मिनट की देरी हुई और उसे गेट के बाहर रोक दिया गया।
उसकी आंखों में आंसू थे, हाथ में एडमिट कार्ड था, सामने उसका सपना खड़ा था…
लेकिन नियमों की दीवार सपनों से ऊंची निकली।
आज एक परीक्षा नहीं छूटी, एक बेटी का हौसला टूटा है।
#NEET
ये मत सोचो कि बच्चे देर से पहुंचे थे इसलिए एग्जाम नहीं देने दिया गया।
NEET का पेपर 2:00 बजे से था 1:35 pm पर पहुंच गए थे।
मगर 1:30 पर क्यों नहीं पहुंच पाए इसलिए बाहर रोक दिए गए।
पेपर लीक वाली NTA और सरकार बेवजह की सख्ती सिर्फ बच्चों पर दिखा सकती है।
@khurpenchh कोचिंग सेन्टर नहीं था , गेम खेलने के लिए खिलोने , ऑनलाइन गेम की दुकान थी ! बस इसकी आड़ में शिक्षा / कोचिंग पर ताले लगा दिये ! बुल्डोजर से जमींदोज होंगे !