सम्राट चौधरी को शिक्षा पर नहीं बोलना चाहिए। यही बेहतर है, उनके लिए भी और उनकी पार्टी के लिए भी। वो बिहार के जातीय समीकरणों पर ही बोलें, यही उनकी विशेषज्ञता है।
अब उन्होंने कह दिया है कि फिजिक्स के लिए अलग से यूनिवर्सिटी खोलेंगे। इसी तरह, गणित और केमिस्ट्री के लिए भी अलग से यूनिवर्सिटीज खोलेंगे। बिहार में। दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता है, कोई अपवाद भी नहीं है कहीं। ये व्यावहारिक भी नहीं है।
गणित के बिना भौतिकी का अस्तित्व संभव नहीं है। जहाँ भौतिकी पढ़ाई जाएगी, वहाँ गणित तो पढ़ाना ही पड़ेगा। भौतिकी में जब क्वांटम मैकेनिक्स पढ़ाया जाता है, तो ये केमिस्ट्री के ज्ञान के बिना संभव नहीं है। वहीं रसायन विज्ञान में थर्मोडाइनेमिक्स व मॉलिक्यूलर रिएक्शंस को समझना फिजिक्स के ज्ञान के बिना असंभव है। फिजिक्स एवं केमिस्ट्री, दोनों विषयों के लिए एक सर्वभौमिक भाषा गणित ही है। गणित के बिना दोनों समझ में नहीं आएँगे। डिफरेंशियल इक्वेशंस और लीनियर अल्जेब्रा की ज़रूरत दोनों में है।
मुझे कोई दिक्कत नहीं है, जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने सम्राट चौधरी को CM बनाया है। यही सत्य है। वो इन्हीं विषयों पर बोलें, या फिर अपनी एक अच्छी सी टीम रखें जो उनके लिए भाषण लिखे और उन्हें समझाए सम्बोधन से पहले।
यह इस महिला की दामाद और बेटी है। यह लड़की अपने सास-ससुर के काम में टालमटोल करती थी। लड़की की सास ने लड़की की मां को सच बता दिया
इस लड़की ने अपने और अपने पति के लिए खाना बनाया था सास ससुर के लिए नहीं बनाया फिर उन्होंने उसकी मां को फोन कर के बताया तो ये हाल किया उसकी मां ने 😭
आज इतना बड़ा शायर चला गया और कहीं कोई जिक्र नहीं!
"अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा,
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा?"
"सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा,
इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जाएगा।"
"तुम अजीब चीज हो सौ बार तुम्हें देखा है,
फिर भी हर बार नया देखना अच्छा लगा।"
अलविदा बशीर साहब 💔
India किसी से नहीं डरता — चाहे सातवां बेड़ा हो या सत्तरवां!
कोई भी देश भारत को आदेश देने का दुस्साहस न करे — इंदिरा गांधी 🔥🇮🇳
और आज के प्रधानमंत्री मोदी America के दबाव में आकर किसानों के खिलाफ फैसला कर लेते है। 🤡🤡
अमेरिका ने भारत पर कृपा कर दी है।
अमेरिका ने कहा है कि,हम भारत को एक महीने के लिए रूस से तेल ख़रीदने की अनुमति देते है।उनके कहने का तात्पर्य है कि हम भारत पर टैरिफ़ नहीं लगाएँगे क्योंकि अनुमति हमने दी है।बहुत शुक्रिया ट्रंप अंकल 🙏
मिलें ये हैं रंजीत
#Uber ड्राइवर
8709158325
कल सुबह, गलती से मेरा wallet उनकी taxi में छूट गया था. देर शाम, वो काफ़ी दूर से उसको लौटाने आए.
ईमानदार और भले लोग आज भी हैं दुनिया में.
मैंने कहा, आपकी तस्वीर और नंबर पोस्ट करूँगा. बोले, ठीक है.
@Uber_India Please see.
23 जुलाई 1906 को जन्मा वह बालक, जिसने अदालत में अपना नाम बताया –
“आज़ाद”
पिता का नाम – “स्वतंत्रता”
और पता – “जेलखाना”
वह केवल नाम से नहीं, अपने प्रण से भी आज़ाद था।
काकोरी कांड से लेकर क्रांतिकारी संगठन के पुनर्गठन तक, उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को खुली चुनौती दी।
Hindustan Socialist Republican Association को मजबूत किया, साथियों में जोश भरा, और यह साफ कर दिया कि भारत की आज़ादी भीख में नहीं, संघर्ष से मिलेगी।
अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद (आज का चंद्रशेखर आजाद पार्क) —
27 फरवरी 1931 की वह दोपहर इतिहास बन गई।
चारों तरफ से पुलिस ने घेरा।
साथी को सुरक्षित निकल जाने का आदेश दिया।
और जब आख़िरी गोली बची… तो उसे दुश्मन के लिए नहीं, अपने स्वाभिमान के लिए रखा।
उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया।
उन्होंने अपनी शर्तों पर जीवन जिया, और अपनी शर्तों पर ही प्राण त्यागे।
आज भी सवाल उठते हैं—मुखबिरी किसने की? दस्तावेज़ क्यों सार्वजनिक नहीं हुए?
इतिहास बहस कर सकता है, शोध जारी रह सकता है…
लेकिन एक सच्चाई निर्विवाद है—
चंद्रशेखर आज़ाद को अंग्रेज जीवित नहीं पकड़ सके।
वह शरीर से गए,
पर विचार बनकर अमर हो गए।
आज जरूरत है केवल उन्हें याद करने की नहीं,
उनकी निर्भीकता, उनका स्वाभिमान और उनका राष्ट्रप्रेम अपने जीवन में उतारने की।
🇮🇳
“दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे,
आज़ाद ही रहे हैं, आज़ाद ही रहेंगे।”
Big breaking news 🚨
अगर आप 100 साल तक भी चुनाव जीतते रहें, तो भी पंडित नेहरू की विरासत की बराबरी कभी नहीं कर सकते।🔥🔥🔥
पंडित नेहरू पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी के प्रतीक हैं।उन्होंने इस देश को तब खड़ा किया जब यह अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा था।🤔
जिस दौर में मंदिर - मस्जिद को लेकर हिंदू मुस्लिम को लेकर खून की नदियाँ बह रही थी , ऐसे दौर में उन्होंने भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
~ मनोज कुमार झा, RJD
मनोज झा द्वारा पंडित नेहरू पर दिया गया यह सबसे प्रभावशाली भाषणों में से एक था🔥🔥🔥