राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में चयन के बाद छात्रों का नामांकन इसलिए न हो पाए कि पिछली परीक्षा का रिजल्ट जारी करने में यूनिवर्सिटी असफल रहा तो क्या कहेंगे.....
राजधानी का हाल.… यह कैसा खेल है रेलवे के वेंडरों का। सामान बेचकर पैसा वे कमाएं और जब गाड़ी स्टेशन पर पहुंचे तो गेट बंद कर दिया जाए। बोरे में भरे प्लास्टिक के बोतल और कचरे से। पैसेंजर को चढ़ने में परेशानी। हटाने की बात कहने पर बकझक करना.....वाह व्यवस्था वाह@MFP