बरेली में चाइनीज मांझे से कटा राज्यमंत्री के भतीजे का गला: रसूखदारों के घर तक पँहुची सिस्टम की लापरवाही की आंच!
गन्ना राज्यमंत्री के सगे भतीजे की गर्दन जब बीच शहर के फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से कट जाती है, तब जाकर सोई हुई सरकार और प्रशासन की नींद टूटती है। आज जब खुद सत्ताधारी दल के कद्दावर नेता का इकलौता बेटा अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है, तब मंत्री जी डीएम और एसएसपी को तलब करने की बात कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब सालों से कोर्ट और सरकार की तरफ से इस जानलेवा मांझे पर कागजी प्रतिबंध है, तो यह बाजारों में सरेआम कैसे बिक रहा है?
क्या यूपी पुलिस सिर्फ चालान काटने और विपक्ष को दबाने में व्यस्त है? आज सत्ता के रसूखदारों के घर का चिराग बुझते-बुझते बचा है, जरा सोचिए उस आम जनता का क्या हाल होता होगा जिसका कोई पुरसाहाल नहीं है।
@fatehpurpolice@INCUttarPradesh एक पहचान यह भी है अपराधियों के गले में भाजपा का दुपट्टा डाला है पुलिस चाहे तो वीडियो की सही से जांच भी कर सकती हैकि यह वीडियो भारत के किसी राज्य या किसी विदेशी का है पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि इस वीडियो की सच्चाई सच्चाई सामने आनी चाहिए
@bstvlive@babyranimaurya उपलब्धियां गिना रही है इनके विधानसभा क्षेत्र में कहीं पर भी चले जाओ किसी गांव या मोहल्ला में मैं चले जाओ सड़क पर नहीं आप नालियों में चलोगे।
पूरे देश में छात्रों की हालत खराब है आए दिन पेपर लीक जैसे मामले बढ़ते जा रहेहैं बड़े स्तर पर छात्र आंदोलन भी कर रहे हैं 2025 में AD 03/2025 में Maintenance
Assistant (Mech)
(Trainee) (RS-02) की परीक्षा अभी तक नहीं कराई है आखिर क्या मानसिकता @nmdclimited राखीहै।
@SocialistLeadr
पूरे देश में छात्रों की हालत खराब है आए दिन पेपर लीक जैसे मामले बढ़ते जा रहेहैं बड़े स्तर पर छात्र आंदोलन भी कर रहे हैं 2025 में AD 03/2025 में Maintenance
Assistant (Mech)
(Trainee) (RS-02) की परीक्षा अभी तक नहीं कराई है आखिर क्या मानसिकता @nmdclimited राखीहै।
@RahulGandhi
पूरे देश में छात्रों की हालत खराब है आए दिन पेपर लीक जैसे मामले बढ़ते जा रहेहैं बड़े स्तर पर छात्र आंदोलन भी कर रहे हैं 2025 में AD 03/2025 में Maintenance
Assistant (Mech)
(Trainee) (RS-02) की परीक्षा अभी तक नहीं कराई है आखिर क्या मानसिकता @nmdclimited राखीहै।
@rajnathsingh पहले यह स्थिति थी कि महिलाओं पर हो रहा जूर्म के खिलाफ आवाज उठा सकती थी और जूर्म करने वाले के खिलाफ उचित कार्रवाई होती थी और अब महिलाएं न जुर्म के खिलाफ आवाज उठाती उठा पारही हैं और ना ही जूर्म करने वाले पर कोई कार्रवाई हो रही है।