कोई भी दूध की थैली से दूध पीकर इसे कूड़ेदान में नही डालेगा...
इस तरह से देश के झंडे का प्रतीक दूध की पैकिंग पर छापना देश के तिरंगे का अपमान होगा जब ये पन्नी कूड़ेदान और पैरों के तले पड़ेगा...
@Amul_Coop
@samajwadiparty वैसे किसी भी भर्ती प्रक्रिया में कोई पीडीए नहीं होता है बल्कि एससी एसटी ओबीसी ईडब्ल्यूएस होता है। ये कौन सा पीडीए उठाकर घूम रहे हो जो कहीं किसी संविधान में नहीं है?
इससे पता चलता है कि ये जनता को भेड़ समझते हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं।
@samajwadiparty अखिलेश यादव को पता होना चाहिए कि पुलिस भर्ती में आरक्षण लागू होता है जिसमें ओबीसी को 27 और एससी को 21 एवं एसटी को 2 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है । भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले नोटिफिकेशन जारी हुआ होगा । अगर उसमें कहीं कोई गड़बड़ी है और आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है
@samajwadiparty तो अखिलेश यादव को उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए थी। भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी उसको कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। इस प्रकार की बिना सिर पैर की बात कौन करता है? अगर कुछ भी आपके पास नहीं है तो एक दस रूपए का इंडियन पोस्टल ऑर्डर लगाकर सूचना मांग लो ।
वक्त आ गया है अब शादियों के वचनों में बदलाव करने का, अब पत्नी से वचन लेना है की ड्रम में नहीं भरोगी, डीजल डालकर नहीं फूंकोगी, प्रेमी के साथ मिलकर हत्या नहीं करवाओगी..! - 🤣😅😱
लोकतंत्र में संवैधानिक पद धारण किए किसी व्यक्ति की निष्ठा संविधान और जनता के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति में नही हो सकती। अगर कोई व्यक्ति संविधान और जनता के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के प्रति वफादारी रखता है तो वो देश के संविधान का ही नहीं बल्कि लोकतंत्र का भी अपमान है ।
ये पद की गरिमा को गिराने वाले लोग हैं। लोकतंत्र के साथ इससे बड़ा खिलवाड़ और क्या हो सकता है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी के साथ सुपर मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली पड़ी हुई है और पीछे बाबा साहब और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें लगी हुई हैं।
आम आदमी पार्टी की मुख्यमंत्री आतिशी मार्लोना की आस्था देश के लोकतंत्र के प्रति नही है बल्कि एक व्यक्ति विशेष के प्रति है । ये जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं बल्कि एक व्यक्ति विशेष के प्रति जवाबदेह हैं । ये लोकतंत्र नही बल्कि राजतंत्र में आस्था रखने वाले लोग हैं ।