अरे कुठे नेऊन ठेवलाय महाराष्ट्र माझा
एक जण महाराष्ट्राची अस्मिता धुळीस मिळवतो आणि लगेच त्यावरती पडदा टाकण्यासाठी विषयांतर करण्यासाठी केंद्रीय यंत्रना सज्ज एकापेक्षा एक महाराष्ट्राच्या मातीशी गद्दारी करतोय.
ही नालायक हलकट मिडिया काल कुठं मेली होती काय ?
महाराष्ट्राच्या मातीतले
Exactly this. Stay in India if you cannot respect the culture and the public spaces in a foreign country. People from no other country behave like this. Sharam karlo thodi.
जर मोठया मुर्त्या बुडवायची आपली लायकी नाही, तर आणता कशाला रे एवढ्या मोठ्या मुर्त्या?
20 फूट, 30 फूट, 50 फूट चा अट्टाहास का?
जर समुद्र किनारी अश्या मुर्त्या सोडून द्यायच्या असतील तर मग 10 दिवस पूजताच कश्याला?
मुंबईतील गणपती मंडळांनी स्वतःहून पुढे यावं आणि 5 फुटाच्या वर गणपती नकोच अस बोलावं!
अती झालं हे!
माफ कर बाप्पा 🙏🏼
#ganapati #mumbai #visarjan
“People say I was a silent Prime Minister. I was not a Prime Minister who was afraid to talk to the press.”
Remembering Dr. Manmohan Singh on his birth anniversary 🇮🇳
भिंगार मध्ये विसर्जन मिरवणूकीत कट्टर हिंदू सरकार च्या पोलिसांनी लाठीचार्ज केला त्यात एका माणसाचा मृत्यू झाला.
एक तर पोलिस गृहमंत्र्याच च ऐकत नाही,किंवा लाठीचार्ज करायचा आदेश त्यांनीच दिला असेल.
He had Cambridge on his Resume, Oxford behind his name, the RBI in his career, economic reform in his record, and 10 years in the Prime Minister’s Office.
Yet,
They called him “weak.”
They called him “accidental.”
They called him “Maun-Mohan.”
Dr Manmohan Singh never needed a camera to look powerful, never needed noise to look intelligent, and never needed propaganda to build a legacy.
“History will be kinder to me.”
Every passing year makes this line hit harder. 🔥
Sir, history didn’t just become kinder. It became your loudest reply.
And the funniest thing about history?
It eventually separates STATESMEN from showmen.
You were a Brilliant Statesman, sir.
Happy Birthday, Dr Manmohan Singh. ❤️🇮🇳
This is BJP's Bihar 😞
Now the blood of any Bhakts will not boil! 💔
Now no Noida channel will telecast this inhuman and brutality!
If Congress was running the gover, all the Godi media would have been running in Bihar, Jungle raj would have been declared.
एक लाख कोटीपेक्षा जास्त मालमत्ता असेल तर IPO करावा लागेल हा नियम आहे..बरोबरच आहे..!
पण तुम्हाला माहितेय का ?
की ही एक लाख कोटींची मर्यादा /नियम RBI ने
जून २०२६ पासून लागू केलाय..😑🤯
कोणीतरी नक्कीच नीच राजकारण करत आहे..
ती व्यक्ती कोण..
हे जर कंपन्यांची मालकी बदलायची वेळ आलीच तर लक्षात येईलच..
आणि ह्या सर्वात आश्चर्य काहीच वाटत नाही..
दुसऱ्याच्या बापाने घडवलेल्या पक्षाची मालकी बदलू शकते..
ह्या नया भारतात
दुसऱ्याच्या बापाने घडवलेल्या कंपन्यांचीही मालकी नक्कीच बदलू शकते..😏
UPI से ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% चार्ज की चर्चा के बीच व्यापारियों में क्या असर होगा? सरकार की ओर से मर्चेंट से जुड़े शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद यह मुद्दा कारोबारियों और डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वालों के बीच चर्चा में है। बताया गया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर ग्राहक और व्यापारी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क की व्यवस्था की बात सामने आई है। इसमें अधिकतम शुल्क ₹300 तक होने की बात कही गई है। वहीं, छोटे दुकानदारों के लिए निर्धारित सीमा तक लेनदेन पर शुल्क से छूट का प्रावधान बताया गया है। सरकार और एनपीसीआई (NPCI) का यह नया ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर WooNews की टीम ने व्यापारियों से सीधी बातचीत की और जाना कि अगर बड़े UPI पेमेंट पर मर्चेंट से शुल्क लिया जाता है, तो इसका कारोबार पर क्या असर पड़ सकता है। क्या व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन करेंगे या इसका असर ग्राहकों तक पहुंच सकता है? दुकानदारों ने इस मुद्दे पर क्या कहा और उनकी सबसे बड़ी चिंता क्या है? वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, दुकानदारों को किए गए UPI पेमेंट में ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन संख्या में करीब 4% थे, लेकिन कुल वैल्यू में उनकी हिस्सेदारी करीब 66% बताई गई है। इसी वजह से बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन और उनसे जुड़े पेमेंट खर्च को लेकर चर्चा बढ़ी है। सरकार की ओर से UPI को बढ़ावा देने के लिए पहले से प्रोत्साहन योजना भी चलाई जाती रही है। अब बड़े मर्चेंट पेमेंट से जुड़े शुल्क की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
🚨Not to prove someone wrong but my genuine feeling is that cutting these wires will cause hassle and inconvenience to people who are dependent on Internet for work or other purposes... Just my personal opinion🤷♂️
IIT Mumbai Director is saying, he is going to resign on Monday 🔥🔥
All the Professors must resign immediately.
Let Narendra Modi and his team run the IIT. Show them it's not as easy as running a tea stall 😡😡
Majak bana diya hai is desh ka BJP ne 😡😡