रामलला को अवैध कब्जेदार बताने वाले चढ़ावा चोरी में न्याय नहीं चाहते। दरअसल, उनको सुख मिल रहा है कि, रामलला पर हमला करने का अवसर मिल रहा है। भ्रम में हैं कि, राजनीतिक लाभ ले लेंगे।
चित्रा जी, आसाराम को जानने वालों से भी बात कीजिए।कोई नहीं कहेगा वो दरिंदा है। जंतर मंतर पर लोग सालों उसकी तस्वीर की आरती उतारते रहे। सब कहेंगे ईश्वर का रूप है। लेकिन उसने अपनी साधिकाओं को भी नहीं छोड़ा। वो कहती हैं आसाराम भेड़िया है। आपको क्या लगता है आसाराम भगवान है या भेड़िया?
@news24tvchannel Bjp me koi supreme leader h hi ni jo is mantriyon ko mantrimandal se barkahast kar ske isiliye in mantriyon ka mann bhi bhar jata h ye log janta ko hi jhootha bol deta h😂😂
जन्मदिन की बधाई देने के लिए आए सभी आगंतुकों व संपूर्ण विश्व से संदेश भेजनेवाले शुभचिंतकों को हार्दिक धन्यवाद!
इस अवसर पर जिन लोगों ने समाज सेवा के माध्यम से विभिन्न आयोजन किये हैं या भंडारे या साइकिल वितरण आदि के माध्यम से अपनी सहृदयता का परिचय दिया है, उन सबको भी जन-सेवा करने के लिए दिल से शुक्रिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति माधव जामदार जी की ये टिप्पणियॉं महाराष्ट्र सरकार के साथ साथ उन सभी सरकारों के लिये आईना हैं जो पुलिस के ज़रिये नागरिकों को डराना चाहती हैं।
शुक्रिया जज साहब,
न्यायालय की चौखट एैसे ही मुखर रहे तो सत्ता के सिंहासनों पर बैठे लोगों को मजबूरन लोकतंत्र का पालन करना पड़ेगा।
"सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, वे विरोध-प्रदर्शन नहीं कर सकते....."
◆ एक मामले की सुनवाई करते हुए बम्बई उच्च न्यायालय के जस्टिस माधव जामदार ने कहा
#JusticeMadhavJamdar | Bombay High Court | Justice Madhav Jamdar
भाजपा अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके भाजपा शासित राज्यों विशेषकर प. बंगाल में राजनीतिक हिंसा का विषैला वातावरण बना रही है और पुलिस का राजनीतिकरण कर रही है। इस नकारात्मक-प्रहारात्मक व्यवहार से पूरे देश की जनता बेहद नाराज़ और आक्रोशित है। यहाँ तक कि भाजपा के अपने नेता और कार्यकर्ता तक इस तरह के हिंसक हमलों के ख़िलाफ़ हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि आज जहाँ उनकी सरकारें नहीं हैं, वहाँ भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के ऊपर अगर ऐसा प्राणघातक हमला होना शुरू हो गया तो क्या होगा या फिर कल को उनकी सरकार जाने के बाद क्या होगा। भाजपा के बड़े नेता तो सुरक्षा घेरे में ख़ुद को बचा लेंगे लेकिन आम कार्यकर्ता को सड़क पर जनाक्रोश का शिकार होने के लिए छोड़ देंगे।
माननीय न्यायालय एवं लोकसभा अध्यक्ष तत्काल संज्ञान लें।
घोर निंदनीय!
@indSupremeCourt@loksabhaspeaker@LokSabhaSectt@MahuaMoitra@PTI_News@ANI@aajtak@ndtv@ABPnews@abplive@abpmajhatv
राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस समारोह के राज्यस्तरीय आयोजन में गांधी, लोहिया, जेपी, कर्पूरी, अंबेडकर, संत कबीर साहेब, संत रविदास सहित पार्टी के सभी संस्थापक सदस्यों एवं समाजवादी पुरखों का स्मरण किया।
समतामूलक समाजवादी वैचारिक राजनीतिक दर्शन तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के खून-पसीने, समर्पण-संघर्ष और त्याग-तपस्या से सिंचित @RJDforIndia के 30वें स्थापना दिवस पर पार्टी और आदरणीय लालू प्रसाद जी के चाहने वाले करोड़ों समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @laluprasadrjd जी के निर्देशानुसार आगामी 5 जुलाई को पार्टी का 30वाँ स्थापना दिवस जिला स्तर पर पूरे उत्साह, उमंग, उल्लास, जोश एवं धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
जन्मदिन की बधाई देने के लिए श्री राहुल गांधी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद!
‘सामाजिक न्याय का राज’ लाने में साथ निभानेवाले सब लोगों का स्वागत है। हमें अपनी एकता का संकल्प हर बार दोहराना है, और सांप्रदायिक ताक़तों को दबे-छिपे लाभ पहुँचानेवालों के चेहरे से परदा हटाना है।
PDA राजनीति से बहुत ऊपर उठकर देश की 95% उस आबादी के हक़-अधिकार, मान-सम्मान और ख़ुशहाली-तरक़्क़ी का आंदोलन है, जो सदियों से हर समाज में शोषित, वंचित, ग़रीब रहे हैं। ‘पीडीए’ पीड़ा के एकसूत्र से बंधे हैं और 5% परंपरागत वर्चस्ववादियों के अत्याचार व प्रभुत्व के कारण पीढ़ियों से ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ रहे हैं। ‘प्रेम, दया, अपनापन’ पीडीए की एकता का मूल आधार है।
वो हर कोई पीडीए में शामिल है, जिसके पास रहम और इंसानियत भरा दिल है।
@RahulGandhi
#PDA
#सामाजिक_न्याय_का_राज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव जी को जन्मदिवस की आत्मीय बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।
#akhileshyadav#samajwadiparty#PDA
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री @yadavakhilesh जी आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अनंत बधाई !
श्री हनुमान जी महाराज से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख, समृद्धि तथा निरंतर यश और सफलता प्रदान करें !
आप सदैव स्वस्थ, ऊर्जावान एवं जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहें ऐसी कामना करता हूँ!!
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी को #जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करता हूँ। आप निरंतर जनसेवा एवं सामाजिक न्याय के पथ पर आगे बढ़ते रहें।
@yadavakhilesh
जब दौर अँधेरों का हो, तब नाम उम्मीद का होता है।
सियासत में जब कामयाबी की पहली शर्त क्रूरता, निर्ममता, अवसरवाद और नैतिक समझौते बन जाएँ; तब भी कोई अपनी सहृदयता, सौम्यता, वैचारिक प्रतिबद्धता और मानवीय संवेदनाओं से राजनीति के नए प्रतिमान गढ़ दे, तो वही असल जननायक होता है। जिस दौर में अधिकांश सियासतदाँ या तो बिक रहे हों, या झुक रहे हों, या डर रहे हों; उस दौर में जो संविधान, सामाजिक न्याय और समाजवाद के पक्ष में तनकर खड़ा रहे, वही समय की सबसे बड़ी उम्मीद बनता है।
हर दौर एक उम्मीद चुनता है।
निजी तौर पर मुझे बीते कुछ वर्षों में अखिलेश यादव जी को थोड़ा क़रीब से देखने और समझने का अवसर मिला। आज जब उनके नेतृत्व की चर्चा हर ओर है, तब यह याद रखना चाहिए कि एक समय ऐसा भी था जब उनके राजनीतिक भविष्य पर संदेह किया जाता था और उनकी वैचारिक दिशा पर भ्रम फैलाया जाता था। मगर भीतर ही भीतर एक नये अखिलेश तैयार हो रहे थे। वे किताबें पढ़ रहे थे, समाज के दुःख-दर्द को आत्मसात कर रहे थे, विपक्ष में रहते हुए हर दिन कुछ नया सीख रहे थे और सामाजिक न्याय की विचारधारा को अपने राजनीतिक व्यक्तित्व का स्थायी आधार बना रहे थे। ऐसे निहायत विपरीत हालात में हर दिन जननायक अखिलेश बन रहे थे।
जो संघर्ष से निकला हो, वही भरोसा बनता है।
हमने देखा कि भारतीय राजनीति के सबसे कठिन और विषम दौर में भी उन्होंने न अपना धैर्य खोया और न अपना विचार। अपमान का उत्तर कटुता से नहीं, बल्कि अपने काम और दृष्टि से दिया। गालियों का जवाब मुस्कुराहट, ह्यूमर और शालीनता से दिया। साथ छोड़ देने वालों के बीच भी उन्होंने संयम नहीं छोड़ा। निहायत विपरीत हालातों की तपिश में तपकर जो व्यक्तित्व आकार लेता है, वही लंबे समय तक समाज का विश्वास अर्जित करता है। आज जो अखिलेश हमारे सामने हैं, उन्होंने ऐसे ही ख़ुद को नया गढ़ा है।
सत्ता बदलने से बड़ा है, राजनीति का चरित्र बदलना।
इसीलिए PDA को केवल चुनावी समीकरणों से उपजा राजनीतिक नारा मानना उसकी वैचारिक शक्ति को कम करके आँकना होगा। PDA कोई समीकरण नहीं, समाज का स्वाभाविक विस्तार है। यह उन करोड़ों वंचित, पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और मेहनतकश लोगों की आकांक्षाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है, जो प्रतिनिधित्व, सम्मान, साझेदारी और संवैधानिक अधिकारों के साथ अपना भविष्य देखना चाहते हैं। यह केवल चुनाव जीतने की रणनीति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की राजनीति को नए समय की भाषा देने का प्रयास है।
जो पीछे छूट गए थे, अब वही इतिहास लिखेंगे।
आज जब भारतीय राजनीति अनेक स्याह रास्तों से गुजर रही है, तब यदि कहीं लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे की नई रोशनी दिखाई देती है, तो वह अखिलेश यादव के नेतृत्व में दिखाई देती है। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर से लेकर डॉ. राममनोहर लोहिया, महात्मा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, कर्पूरी ठाकुर, जगदेव प्रसाद, गाडगे बाबा, मान्यवर कांशीराम, मंडल आंदोलन, अवंतीबाई लोदी, ऊदा देवी पासी और फूलन देवी जैसी परिवर्तनकारी परंपराओं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने वाला यह नेतृत्व नई पीढ़ी के लिए केवल एक राजनीतिक विकल्प नहीं, बल्कि एक वैचारिक विश्वास बन चुका है।
आगामी 2027 का चुनाव केवल सरकार बनाने का चुनाव नहीं होगा। यह संविधान, लोकतंत्र और भारत की राजनीतिक दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक मोड़ भी होगा। ऐसे समय में यदि करोड़ों लोगों की उम्मीद किसी नेतृत्व पर जाकर ठहरती दिखाई देती है, तो इसलिए कि इतिहास अंततः उन्हीं का साथ देता है, जो कठिन समय में भी अपने विचार से समझौता नहीं करते।
जन के तमग़े से सुसज्जित 'जननायक' @yadavakhilesh जी को जन्मदिन की क्रांतिकारी शुभकामनाएँ। आपका संघर्ष, आपका धैर्य और आपकी वैचारिक प्रतिबद्धता सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की इस यात्रा को और अधिक मज़बूती दे - इसी मंगलकामना के साथ।
पूर्व विधायक आदरणीय श्री विजेंद्र यादव जी के सुपुत्र के सगाई समारोह में उपस्थित होकर शुभकामनाएं दीं।
ईश्वर से युगल के प्रेम, विश्वास व सुख-समृद्धि से परिपूर्ण सुखमय और आनंदमय जीवन की मंगलकामना करता हूँ।