पत्रकार @RupeshKSingh85 को आज 2 बजे सरायकेला की पुलिस, गिरफ्तार कर ले गई है, दो दिनो से वे प्रदूषण से प्रभावित बच्ची के इलाज के लिए लगातार पहल कर रहे थे, सारे न्याय पसंद लोग से अपील है रुपेश जी की इस गिरफ्तारी का पूरजोर विरोध करें,
#release_journalist_Rupesh_Kumar_Singh
इस ‘गणतंत्र’ के बंदियों को सुप्रीम कोर्ट के कथनानुसार व संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार कभी हासिल होगा? ‘जेल अपवाद है व ज़मानत नियम,’ यह धरातल पर फलीभूत कभी होगा या जेलों के...
स्वतंत्र पत्रकार और पटना की बेऊर जेल में विचाराधीन बंदी @RupeshKSingh85 का लेख-
https://t.co/XyQuhtvfnC
मानवाधिकार दिवस विशेष | जेलों की अंधेरी कोठरी में चीखते मानवाधिकार: यातना, भूख और बर्बरता का खौफनाक चित्र!
https://t.co/39q5qhZbj9
@IpsaShatakshi@India_NHRC
जनप्रिय और जनपक्षीय इंसान का मनोबल जब किसी भी तरह नहीं तोड़ सकती है तब वह ऐसे ही मानसिक प्रताड़ना का इस्तेमाल करती हैं। और ऐसे इंसान को स्वास्थ्य से तोड़ने का काम करती है।
रूपेश के साथ भी यही खेल खेला जा रहा है। अगर वह ऐसी स्थिती में जेल के इस मनमनाने नियम का किसी भी तरह से 7/n
कॉन्फ्रेंसिंग में भी वह थोड़े दूबले व शारीरिक रूप से भी थोड़े कमजोर दिख रहे थे। बाकि तो जिन्हें जिंदादिली से जीने की आदत है वह जिंदादिल दिखेगा ही और इसकी भरपूर कोशिश भी करेगा। पर, इनके स्वास्थ्य समस्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हम सब जानते हैं कि जब यह क्रूर व्यवस्था एक 6/n
जेल मैन्युअल के अनुसार भी डाइट नहीं दिया जा रहा है। स्पेशल डाइट या केयर की तो बात ही दूर है।
रूपेश का कोई मेडिकल जांच भी उनकी कुछ दिन पहले की समस्या को लेकर नहीं कराया गया है। जबकि यह बहुत ही जरूरी है। क्योंकि उनकी स्वास्थ्य समस्या खतरनाक स्तर को छूए हुए थी।
पिछले विडिओ 5/n
कि रेगुलर चेकअप की जरूरत होगी और साथ ही सही खान पान की भी।
पर, जब से रूपेश को बेऊर जेल, पटना लाया गया है तब से पहला, तो उन्हें बेवजह सेल में बंद रखा गया है, जबकि भागलपुर जाने के पहले वह नार्मल वार्ड में थे। दूसरा,रूपेश को स्वास्थ्य संबंधी सही डाइट बहुत ही जरूरी है,पर यहां तो 4/n
ट्राइग्लिसराइड्स और वीएल डीएल कॉलेस्ट्रॉल खतरनाक स्तर तक बढ़ा हुआ था, साथ ही कमर की नस दबने की समस्या भी सामने आई थी, जिसे लेकर कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई और फिर कोर्ट के आदेश पर इनका इलाज कराया गया और कुछ दिनों के बाद रिपोर्ट ठीक-ठाक आई। पर,वहाँ अस्पताल में यह कहा गया था 3/n
यहां होना जरूरी था।और हमारे वकील साथी के प्रयास पर उन्हें वापस लाया गया।
रूपेश को भागलपुर जेल पनीसमेंट के तौर पर भेजा गया था, मनमाने आरोप के साथ, वह ट्रांसफर बस 6 महीने का था, पर इन्हें पूरे 20 महीने बाद वापस लाया गया है। वहां भागलपुर में रूपेश का स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया था, 2/n
अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनपक्षीय पत्रकारिता के लिए मशहूर @RupeshKSingh85 रूपेश कुमार सिंह पिछले तीन सालों से बिहार और झारखंड की जेलों में कैद हैं।
https://t.co/i41sRQIovU
लगाकर तीन साल से ज्यादा समय से जेल में रख गया है, और अब उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर करके व मानसिक प्रताड़ना देकर तोड़ने की भरपूर चाल चली जा रही है।
भ्रष्टाचार में अव्वल स्थान रखने वाले बेऊर जेल के इस रवैये को देखकर लगता है कि 9/n
विरोध जताऐंगे या अपने अधिकार की मांग करेंगे तो फिर से जेल की विधि व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाकर किसी अन्य जेल में भेज दिया जाएगा। जो अब तक होता रहा है। रूपेश को मानसिक रूप से परेशान करने के अलावा और कुछ नहीं है। एक जनपक्षीय पत्रकार व लेखक को पहले तो फर्जी आरोप में कई मामले
8/n
हाईकोर्ट में रिट दाखिल करने की जरूरत है। क्योंकि एक स्वस्थ और मानवाधिकार के लिए बोलने, लिखने, लड़ने वाले इंसान के स्वास्थ्य के साथ यह खिलवाड़ बर्दाश्त से बाहर है।
n/n.
आज 10 बजे के लगभग पटना के बेऊर जेल के एसटीडी से रूपेश @RupeshKSingh85 से बात हुई। बीच में विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग से बात हुई थी पर एसटीडी खराब था।एसटीडी ठीक होने पर बात हो गई। रूपेश को भागलपुर से 23 सितम्बर को वापस बेऊर जेल लाया गया है, चूंकि पटना कोर्ट में मामला चल रहा है इसलिए 1/n