सही कहा किसी का ईमान खतरे में है किसी का धर्म खतरे में है किसी की जाती खतरे में है लेकिन ये देश खतरे में नहीं है जिस देश को अंग्रेजों ने 200 साल तक पीटा आज वो देश खतरे में नहीं है खतरे में है तो सिर्फ नेताओं द्वारा रचित जाति खतरे में है
वक्त चाहे जैसा हो,शिक्षक ने हमेशा समाज को सही रास्ता दिखाया है
बबीता मैडम ने स्टूडेंट के साथ पूरे देश को , देश को बाटने वाले नफरती लोगो की कड़वी सच्चाई से अवगत कराया।
साहब,,,हम तो शिक्षक हैं...
सभी त्यौहार मनाते हैं ,
सभी धर्म का सम्मान करते हैं ,
सभी बच्चों को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान और एक-दूसरे से प्यार करना सिखाते हैं।
#Christmas
ग़लत परम्परा की शुरुआत...
शिक्षण संस्थानों में अभी तक अभिवादन में नमस्ते/नमस्कार, good morning आदि का प्रयोग होता रहा है
राम-राम, जयश्री राम, अल्लाह ओ अकबर अस्सलाम वालेकुम आदि का प्रयोग छात्रों में धार्मिक कट्टरवाद को बढ़ावा देने और ध्रुवीकरण का कारण बनेगा।
सहमत हो तो RT करें 🙏
चवन्नी छाप अनपढ़ जाहिल इंसान बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के आदेशों को पढ़ा होता तो इस तरह की बेवकूफी भरी बातें नहीं करता
परिषदीय विद्यालयों में सफाईकर्मी आते नहीं है इस कारण सभी शिक्षक, रसोइया और बच्चे खुद ही विद्यालय की सफाई करते हैं। इसके लिए आदेश भी आते रहते हैं।
हर तरह से शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है उनको मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है,शिक्षकों पर इतना दबाव बनाया जा रहा है कि आए दिन शिक्षक अप्रत्याशित मौत का शिकार बन रहे हैं।
चुनाव के रिजल्ट ने #OPS की लड़ाई को बड़ा मजेदार बना दिया है। अगर राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इसे #NPS में बदला गया तो यह आसन नहीं होगा और हम मजबूत बनेंगे अपनी लड़ाई में और यदि #OPS को बरकरार रखा गया तो भी हम सशक्त बनेंगे।
#voteforOPS#RestoreOldPension#पुरानी_पेंशन_बहाल_करो
अश्रुपूरित श्रद्दांजलि सूर्यप्रकाश जी😥🙏
मशीनी करण के इस युग मे सम्वेदना विलुप्त चुकी है, आप इस क्रूर संसार और इस सम्वेदना शून्य विभाग से विदा हो गए,
"रोज रोज के तुग़लकी फरमानों,मात्र 14 छुट्टियों में साल भर जैसे तैसे गुज़ारा में एक शिक्षक मरने से पहले कई बार मर चुका होता है।"
सुल्तानपुर (कुड़वार) BEO पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और तत्काल बी ई ओ कीगिरफ्तारी की जाए
पूरे प्रकरण की सी आई डी या मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाए
परिवार को एक करोड़ मुआवजा तथा सरकारी नौकरी दिया जाए
बी ई ओ की चल अचल संपत्ति की जांच कराई जाए
ऐसे बी ई ओ सेवा से बर्खास्त किया जाए
बेसिक शिक्षा विभाग के अव्यवहारिक आदेशों के कारण शिक्षक मानसिक रोगों का शिकार बन रहे हैं
जब एक अधिकारी की सनक के कारण शिक्षकों में अत्यधिक तनाव और दबाव में जी रहें हैं
वह दिन दूर नहीं जब शिक्षा विभाग के इन्हीं तुगलकी फरमानों के कारण शिक्षक काल के गाल में समा जाएंगे।