Effective management, teamwork, and teachers who are willing to learn.
Government school teachers do not have high expectations of their students for various reasons. One of the reasons is casteism. Another reason is that teachers do not hold themselves to high standards.
He hates himself.
But he has no self-awareness.
So he projects.
His cruelty is self-flagellation.
His vanity is self-contempt.
His narcissism is self-loathing.
HIs insults are self-owns.
His presidency is his pathology.
His symptoms are our nightmare.
अभी तक मुख्यधारा के मीडिया की इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वह भाजपा के किसी साधारण कॉर्पोरेटर से भी वैसे सवाल पूछ सके, जैसे इन दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पूछे जा रहे हैं।
ये सवाल इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल और उससे जुड़े दावों पर हैं। इन सवालों के जवाब देते हुए गडकरी जी लगातार घिरते नज़र आ रहे हैं।
इससे पहले द्वारका एक्सप्रेसवे की लागत को लेकर भी गडकरी जी चर्चा में रहे थे। इस परियोजना की लागत पर सवाल उठे।
जगजाहिर है, जब तक नरेंद्र मोदी और अमित शाह न चाहें, तब तक मुख्यधारा के मीडिया में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह मोदी सरकार के किसी मंत्री से इस तरह के असहज सवाल पूछ सके।
जब नितिन गडकरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब पूर्ति समूह से जुड़े हितों के टकराव और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद उन्हें अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद भाजपा के भीतर नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता खुला और अंततः नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए।
क्या इतिहास किसी नए रूप में खुद को दोहराने की तैयारी कर रहा है?
3 Idiots me sabse 'loser' character real life mein sabse courageous nikle... aur baaki teen 'heroes' sabse bade losers. Who would've thought? More power to you, bhai. ❤️
The girl is Imtiaz Ali's daughter Ida Ali with her boyfriend Krish Aggrawal. VHP, Bajrang Dal etc. are supportive of such unions.
There is no such thing as "Reverse Love Jihad".
‘हवा में उड़ते हुए’ सड़क परिवहन मंत्री का इंटरव्यू
सवाल : आपने जो आम दिए हैं वे खट्टा है।
जवाब : आप इमली की बात मत कीजिए।
इथेनॉल के मुद्दे पर नितिन गडकरी के इस इंटरव्यू का एक पंक्ति में सा सार यही है।
पूरा इंटरव्यू सुन लीजिए। अगर आप अपना माथा नहीं पकड़ लेंगे तो फिर कहिएगा!
मेघा ने माइलेज के मुद्दे पर पहले सवाल से ही घेरा। अपनी गाड़ी की माइलेज का भी उदाहरण दिया। पर गडकर ने कहा, माइलेज मापने की मशीन घर में नहीं होती, डीलर से जांच कराइए! दिक़्क़त हो तो कंज़्यूमर कोर्ट जाइए!
मतलब कुछ भी!
माइलेज बताने का मीटर घर में नहीं होता पर हर गाड़ी में तो होता ही है। इसको नकार दिया गडकरी ने!
कार कंपनियों के लिए ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है कि दशकों से हर कार के साथ बनाए गए उनके माइल-मीटर पर गडकरी ने सवाल उठा दिया है!
पर शायद कार कंपनियाँ गडकरी की इस बात के ख़िलाफ़ फिर भी ना बोलें! संभवतः कोई डर या दबाव होगा! नहीं तो कार कंपनियों को सामने आकर स्वीकारने चाहिए कि कार में फिट माइल-मीटर धोखा है!
बात इतनी भर नहीं है।
क़रीब आधे घंटे के इस इंटरव्यू में गडकरी ने किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया है। गोल गोल घुमाया है। ज़्यादा कुरेदने पर अपरोक्ष रूप से FIR और परोक्ष रूप से Defamation केस तक की धमकी दी है!
सवाल पूछा जा रहा है E10 वाली गाड़ियों में E20 डाले जाने की और जवाब दे रहे हैं 100% इथेनॉल या पेट्रोल से चलने वाले फ़्लेक्सी फ़्यूल इंजन की!
इथेनॉल के बाद भी पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
जवाब : आयं बाएँ साएं
जब एक सवाल का जवाब न सूझा तो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री पर बात टाल दी!
इस पूरे इंटरव्यू पर एर रिसर्च पेपर लिखा जा सकता है। रिसर्च पेपर इस बात पर कि जब तर्क और तथ्य न पेश कर पा रहे हों तो अपनी ज़िद को सही साबित करने के लिए इंटरव्यू नहीं देना चाहिए।
बहुत लंबा लिखा जा सकता है। लेकिन निचोड़ ये कि अगर प्रधानमंत्री @narendramodi अपने मंत्री @nitin_gadkari की इन तमाम बातों को सुनने के बाद भी इन पर समुचित ‘नीतिगत’ कार्रवाई नहीं करते हैं तो फिर समझ लीजिए कि ईश्वर नहीं, अब इथेनॉल ही सबका मालिक है 🙏
और अंत में @MeghaSPrasad के लिए एक शब्द
Superb 🙌
Video Credit @ABPNews YT
उत्तर प्रदेश : आगरा में एक घर में फ्रिज के अंदर "शिवलिंग" जैसी आकृति बन गई है। लोग इसे अमरनाथ के पवित्र हिमलिंग जैसी आकृति से जोड़ रहे हैं। पूजा–पाठ शुरू हो गई है। चढ़ावा आना शुरू हो गया है।
@madanmohansoni
पहले देश में 3% बच्चे विकलांग थे. आज देश में 4% से ज्यादा बच्चे विकलांग हो गए. वजह है कि हम देखते ही नहीं हैं.
आज देश के सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं हैं.
- यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल