Professor of Computer Sc. and Director, Bharati Vidyapeeth, New Delhi. An Academician, having active interest in Technological trends and Societal development
Beginning to a new chapter-
A campus that already feels like a place full of possibilities and memories waiting to unfold. Grateful to begin this journey here. 🎓🫶🏻 #meetmycampus#collegediaries#bvicam
“One achievement down. Many more to go”
A heartfelt thank you to M. N. Hoda Sir, our Director, Ayushi Ma’am, and Jagruti Ma’am for their constant guidance and encouragement. Proud to be part of a college that inspires creativity, learning, and growth every day.
@ProfMNHODA1
भक्त एक बार फिर दुविधा में हैं!
कल तक सोनम वांगचुक उनके लिए देश विरोधी थे! मेरे कई जानने वाले बोल रहे थे कि सोनम के स्कूल के फंडिंग में अनियमितता है, इससे बचने के लिए सोनम प्रोटेस्ट कर रहे हैं.. और भी तरह तरह की बातें!
उसी सोनम का अनशन तुड़वाने दो केंद्रीय मंत्री अस्पताल गए थे। प्रधानमंत्री उनके कुशल क्षेम के लिए प्रार्थना कर रहे हैं!
बेचारे भक्त समझ नहीं पा रहे, उन्हें अब क्या करना है! मैं तो जबलपुर वाले मिश्रा अंकल के बारे में सोच रहा हूँ कि उनपर क्या बीत रही होगी !
यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
दो जेनरेशन की बातचीत सुनिए और सोचकर देखिए कि अगर ये दादा पोती होते तो घर का क्या माहौल होता ?
आजकल ऐसा ही है! लोग बताते नहीं हैं। अधिकांश इस तरह के अंकल लोग अपनी इसी तरह की सोच के चलते अपने घरों में उपेक्षित हैं। गुस्सा बाहर निकालते हैं!
सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ वह दुखद है। माननीय जस्टिस ने संयम और उदारता का परिचय देते हुए उचित ही कोई एक्शन नहीं लिया। यह बात तारीफ़ के क़ाबिल है। सुप्रीम कोर्ट का कंधा चौड़ा होना चाहिए और दिल बड़ा। इस बात को भी संज्ञान में लेना चाहिए कि समाज में न्याय को लेकर हताशा फैलती जा रही है। उसकी निष्पक्षता पर संदेह बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती। कोई किसी का एनकाउंटर कर दे रहा है, किसी का घर गिरा दे रहा है। नागरिक अपने सवालों को लेकर कोर्ट की सीढ़ियाँ चढ़ता है लेकिन दीवारों से टकरा जा रहा है। इन्हीं कारणों से हताशा बढ़ती जा रही है। उम्मीद है, ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी। यह भी कि न्याय व्यवस्था अपनी उदारता के साथ साथ विश्वसनीयता को बेहतर करेगी। उम्मीद की आख़िरी मंज़िल कोर्ट है और उस मंज़िल का बने रहना ही हताशा का इलाज है।
माननीय @nitin_gadkari जी, आपने पूछा था कि इथेनॉल (Ethanol) से खराब हुई 4 गाड़ियों के नाम बताओ? लीजिए, उन 4 में से एक मैं खुद हूँ! मेरी गाड़ी इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण खराब हुई है।
आपकी सरकार कहती है कि गाड़ियाँ पेट्रोल में मिलावट से खराब हो रही हैं।
तो जनता यह पूछे कि सरकारी और प्राइवेट पंपों पर शुद्ध पेट्रोल दिलवाने की जिम्मेदारी किसकी है? हम टैक्स पूरा दें और नुकसान भी हमारा ही हो? जवाब दीजिए! #EthanolScam #NitinGadkari #FarmersOrCorporate
Unbelievable levels of Corruption
Rekha Gupta Govt buys bedsheets for hospitals
Market Price 150/-
Govt bought for 450/-
200% commission of each item.
Govt bought approx 16.5 lacs bed sheets for Delhi Govt Hospitals with total bed strength of 15.5K beds.
This means for 200 bedded hospital, they bought 20,000 bed sheets. And literally forced head of hospitals to take 20K bed sheets and store them in their hospital.
That’s how they scaled the buying to scale up their commission.
🚨 #ExpressInvestigation | Since he took oath as CM of Madhya Pradesh on December 13, 2023, Mohan Yadav’s family and their real estate companies have bought at least 137 plots, adding up to 168 acres, for Rs 45 crore, in zones most benefited by this infrastructure push, an investigation of land records by @mazoomdaar has found.
https://t.co/FEMW9VC7hm