@raviparmarIN क्योकि कटे आम से निकाह करने के बाद जब सवर्ण से शादी की तब सच पता चला कि जिन्दिगी सिर्फ सवर्ण जीते हैं हम दलित तो आधी लाइफ तो सिर्फ ब्रहमंण् और भगवान् को गाली देने में बर्बाद करते हैं
@LakhanmeenaIND ये नौकरी ढूँढने नहीं जायेंगे । गधों नौकरी ढूँढने 33% वाले जाते हैं क्योंकि मालिक बनने की बुद्धि तुम्हारे पास होती नहीं और आरक्षण बिना नौकरी भी नहीं पा सकते क्योंकि क्लास में जब ज्ञान बट रहा था तो दूसरे लोग दिमाग लगा कर 100% ले रहे थे और तुम 33% क्योंकि तुमको आरक्षण का भरोसा था
@BHEEM_BAUDH चाइना नहीं बहुत से देश हमसे आगे हैं उनमें से कही भी आरक्षण नहीं, कहीं मदरसा, मिशनरी शिक्षा नहीं, गली गली मस्जिद नहीं ईसाई मिशनरियों के मायाजाल नहीं
@nidhiratan11 अबे अक्ल के अंधो मेरे पास आओ मैं ऐसे बहुत से ब्राहमण दिखा दूंगा जिन्होंने अपनी बेटी की अरेंज शादी दलितों से की है। और बराबर सम्मान देते हैं। वो छोड़ो बाबा साहब की शादी किस किस से हुई उनकी जाति क्या थी पता ही नहीं बकचोदी बंद करो