सुप्रीम कोर्ट के बहस में सरकार के तरफ से कहा गया है कि Ethanol Blending बस एक एक्सपेरिमेंट है उससे गाड़ी खराब होती है कि नहीं वो सरकार नहीं मालूम और न जिम्मेदारी है।
जैसे जबरदस्ती Covid 19 वैक्सीन लगवाकर सरकार ने बोल दिया कि सारे नागरिकों ने अपने मर्जी से लगवाया,
जैसे PM Cares Fund के लिए पहले लोगों से चंदा इकट्ठा करवा कर बोल दिया गया कि ये एक प्राइवेट चंदा है इसके RTI का कोई काम नहीं।
गजब का मजाक चल रहा है इस देश में, किसी दिन आपके शरीर पर भी सरकार एक्सपेरिमेंट करवा देगी और बाद में बोल देगी कोर्ट में की आपने अपनी मर्जी से करवाया है।
प्रयागराज में गजबे खेल हो गया!
ट्रैफिक पुलिस ने एक लड़के का बिना हेलमेट और नंबर प्लेट की में ₹6000 का चालान काट दिया ।
लड़का जेब ढीली करके आगे बढ़ा ही था कि आगे वही साहब खुद बिना हेलमेट के बाइक चमकाते हुए जाते दिखे
लड़के ने रोक कर पूछ लिया— सर, आपका हेलमेट कहाँ है...?
साहब बोले— छूट गया है!
लड़के ने कहा....
वाह साहब वाह! जनता का भूल जाए तो जुर्माना, और आपका भूल जाए तो बहाना..?
ऊपर से मोबाइल छीनने की कोशिश भी हुई।
मोटर वाहन कानून की धारा 210B कहती है कि अगर नियम तोड़ने वाला पुलिसवाला हो, तो जुर्माना दोगुना होना चाहिए।
अब देखते हैं प्रयागराज पुलिस इस भूलक्कड़ साहब का ₹12,000 का चालान काटती है या स्टाफ को छोड़ देगी l
कानून सबके लिए बराबर है साहब, वर्दी नियमों को तोड़ने का लाइसेंस नहीं देती।
@prayagraj_pol
#बड़ी_खबर
*शिक्षक हितों की अनवरत अनदेखी : शिक्षक आक्रोश होगा अब मुखर*
शिक्षा के मंदिरों में ज्ञान का दीप जलाने वाले शिक्षक आज स्वयं उपेक्षा, विसंगतियों और प्रशासनिक उदासीनता के अंधकार में खड़े हैं।
👉राजस्थान सेवा नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों के अवकाश में कटौती,
👉तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया वर्षों से पीड़ा का पर्याय बनना,
👉तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले इनके लिए दूर की कोड़ी बनना,
👉संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण में अनिश्चितता
👉पदोन्नत कार्मिकों की अव्यवस्थित काउंसलिंग, नियमों की निरंतर अनदेखी, रिक्त पदों को उचित रूप से नहीं खोलना,
👉BCI कैडर सुधार,
👉गैर शैक्षणिक कार्य,
👉असंख्य ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स
और बच्चों को पढ़ाने के अलावा सारे काम शिक्षकों से करवाने जैसे अनगिनत मुद्दों ने शिक्षक समाज को गहरे आक्रोश से भर दिया है।
इन्हीं ज्वलंत समस्याओं को लेकर
✊ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा)
आज दोपहर करेगा प्रेस वार्ता।
📍 समय: आज दोपहर 12 बजे ।
📍स्थान : पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षक हितों की लगातार हो रही अनदेखी से क्षुब्ध महासंघ आज सरकार के विरुद्ध व्यापक आंदोलन की घोषणा भी कर सकता है।
यह केवल शिक्षकों की व्यथा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भविष्य का प्रश्न है।
जब गुरु ही पीड़ित होगा, तो पीढ़ियों का निर्माण कैसे होगा?
🖋️*“शिक्षक की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, क्योंकि वही राष्ट्र के भविष्य की आवाज का निर्माणकर्ता है।”*
@mohitrathore001@RCTA_official@casrajasthan संबंधित जिला संगठन अपना विन्रम विरोध जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष दर्ज करावे, जिससे भविष्य में इस प्रकार के आदेशों की पुनरावृत्ति न हो।
आदरणीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी
राजकीय महाविद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 1 मई से 30 जून तक रहेगा।
और स्कूलों में
17.05 से 20.06 तक
क्या छोटे बच्चों पर गर्मी और लू का असर कम होता है?
ऐसे निर्णय आपके शासन में क्या उचित है?
पुर्नविचार करें।
@madandilawar@RajCMO@GovindDotasra
ये कंप्यूटर विषय के साथ सरासर अन्याय है जैसा मन में आ रहा है वैसा काम कर रहे हैं कृपया मुख्यमंत्री महोदय @BhajanlalBjp इस पर संज्ञान लेवे किताबें छप रही हैं 1 से 12 तक पठन कार्य सिर्फ 9 से 12 बस दो पीरियड ये बच्चों के भविष्य के साथ साथ देश के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है ।
नए शिक्षा पंचांग मे शिक्षकों को मिला तोहफा..
ग्रीष्मावकाश,शीतकालीन अवकाश में कटौती,
संस्थाप्रधान घोषित अवकाश में कटौती!!
अब शिक्षक संघ किस मुँह से पर्ची काटेंगे... अब इन शिक्षक संघो के बहिष्कार का समय आ गया हैँ
क्यों एक ही दुकान से स्कूलों की किताब खरीदना अनिवार्य है?
स्कूल की किताब दूसरी जगह मिलेगी ही नहीं तो NCERT जैसी संस्थाएं चल ही क्यों रही है? स्कूल ड्रेस और जूते भी तय दुकान से ही लेने का दवाब पेरेंट्स पर खुलेआम बनाया जा रहा है। जिलों के कलेक्टर भी जांच क्यों नहीं कराते?
99.99% सांसद क्यों चुप स्कूलों की लूट पर?
"बच्चों की किताबें लेकर आया हूं स्कूल से। 4th और UKG की। टोटल बिल बना 11500 रुपए का। क्या करे? पढ़ाना तो पड़ेगा। बस लूट है। शिक्षा के नाम पर। कोई सुनने वाला नहीं। कोई बचाने वाला नहीं।"
वो दौर और था जब गुरु को भगवान का दर्जा दिया जाता था। आज से 20–30 साल पहले के बच्चे अगर अपने मास्टर साहब को घर के बाहर, सड़क पर या कहीं दूर से भी आते देख लेते थे, तो तुरंत रास्ता बदल लेते थे या सम्मान के कारण सहम जाते थे।
उस समय के बच्चे चाहे आगे चलकर कलेक्टर, अधिकारी या बड़े पदों पर क्यों न पहुँच गए हों, लेकिन अगर आज भी उनका शिक्षक सामने आ जाए तो वे झुककर प्रणाम करना अपना सौभाग्य समझते हैं। उनके मन में गुरु के लिए वही आदर और कृतज्ञता आज भी जिंदा है।
लेकिन आज का समय देखिए। शिक्षक के प्रति वह सम्मानजनक भय और आदर कहीं दिखाई नहीं देता। आज हालात ऐसे हो गए हैं कि कई जगहों पर छात्र ही शिक्षक को धमकाने, गाली देने, मारने-पीटने तक उतर आते हैं।
यह देखकर मन में सवाल उठता है कि क्या सचमुच गुरु का सम्मान करने वाली वह पीढ़ी आखिरी थी? या फिर हमें समाज, परिवार और शिक्षा – तीनों स्तरों पर फिर से उस गुरु-सम्मान की परंपरा को जगाने की जरूरत है।
क्योंकि जिस समाज में गुरु का अनादर होता है, उनका सम्मान कम हो जाता है, वहाँ ज्ञान का मूल्य भी धीरे-धीरे कम होने लगता है।
1990 से 2000 तक में जन्म लेने वाले बच्चे को टीचर घर के बाहर या रोड पर दिखाई देते तो छुप जाते थे
और आज का समय देखो टीचर को स्टूडेंट पीट रहा है टीचर का सम्मान करने वाली ये हमारी आखिरी पीढ़ी है
आज भी हमें टीचर मिले तो हम नतमस्तक होते 👏
कंप्यूटर शिक्षा और कंप्यूटर अनुदेशकों पर विधानसभा मे शिक्षा विभाग ने घुमाफिराकर वही जवाब दिया है जो मई 2021 में हाइकोर्ट में दिया था।
समझ से बाहर है शिक्षा विभाग कौनसी शिक्षण विधियों की गाथा गा रहा है जबकि कंप्यूटर विषय अपने आप मे शैक्षणिक+प्रायोगिक है और आज के युग की अनिवार्यता।
राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षा सिर्फ कागजों में और कंप्यूटर लैब में भ्रष्टाचार
सरकारी स्कूलों के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से वंचित
शिक्षा विभाग में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर व्यवस्थित गाइडलाइन की कमी
ना किताबें ना रेगुलर कालांश ना कंप्यूटर शिक्षक ना केडर
@madandilawar@RajCMO
@RajCMO@BhajanlalBjp आदरणीय श्री @BhajanlalBjp जी आपकी दूरदर्शी सोच #आपणो_अग्रणी_राजस्थान की दिशा में कंप्यूटर अनुदेशकों की वेतन विसंगति, केडर विस्तार की मांग को भी पूरा करें श्रीमान
#bci_4200(वरिष्ठ अध्यापक -कंप्यूटर विज्ञान)
#sci_4800 (व्याख्याता- कंप्यूटर विज्ञान)
कृपया संज्ञान लें श्रीमान जी