काल औरंगझेब चे वंशज म्हणून कोल्हापुरात एका हॉटेल मध्ये एक चित्र उतरवले आणि तोडफोड केली. ते होत मुघालचा शेवटच्या बादशहा बहादुर जफर चे .अश्या बहादूर शाह च्या चित्राची मोडतोड केल्याने त्याचे काही बिघडत नाही,पण आपलं अज्ञान उघडयावर पडते .
या मुघल वंशाजांचे पुढे काय झाले?
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कल कथा सुनाते हुए कहा कि वे लोग ज़मींदार परिवार के थे। उनकी माँ मुंबई में गंदे कपड़ों की गठरी सिर पर लेकर धोने जाती थी। चंद्रचूड़ के पापा 23 साल में हाई कोर्ट में वकील बने। 32 साल में सरकारी वकील और बाद में CJI बने। इससे क्या साबित हुआ कि चंद्रचूड़ के पापा
तीन साल से बॉलीवुड का कुछ भी कामयाब नहीं हुआ है। परेशान होकर अब नंगी-पुंगी फ़िल्में चलाने की कोशिश हो रही है। ओटीटी और इंटरनेट के जमाने में ये फ़ॉर्मूला नहीं चल पाएगा। ऐसा और इससे भी खुला कंटेंट बिखरा पड़ा है। #पठान एक और फ़्लॉप साबित हो सकती है। बॉलीवुड के पास स्टोरी नहीं है।
न्यायपालिका में सामाजिक विविधता न होने के सवाल को हम जैसे कुछ लोग लगभग पाँच साल से उठा रहे थे। कोलिजियम सिस्टम का मामला अब संसद तक पहुँच गया है और सभी दल चाहते हैं कि जजों द्वारा जज बनाने का भ्रष्ट सिस्टम ख़त्म हो। ऐसे किसी भी मुद्दे को पकने में समय लगता है। अब पक गया है।
कोलिजियम सिस्टम की विदाई का वक्त क़रीब आ गया है। संसद में सर्वदलीय सहमति बनती नज़र आ रही है। बताइए तो क्या आपने कभी #Casteist_Collegium या #Abolish_Collegium पर ट्वीट या रिट्वीट किया है?
स्त्रीयांना, लहान ९-१० वर्षांच्या मुलींना गुलाम बनवतेय, त्यांच्यावर रोज, कित्येक वेळा, कित्येकांद्वारे बलात्कार केला जातोय, त्यांचा छळ केला जातोय, त्यांचा व्यापार होतोय हा विचार हे पुर्ण पुस्तक वाचून झाल्यावर सुद्धा करवत नाही....(5/n)
@Profdilipmandal और एक बात रह गई, कुत्तों और गाय को पानी पिलाते वक्त पुलिसवालों को वीडियो करने से ban करना होगा।
इंसानियत निभानी हैं तो बिना कैमरे के निभा नही सकते क्या। वैसे इनको सरकार से पैसा क्राइम कम करने के लिए मिलता हैं, ना की रोड के कुत्तों को पानी पिलाके इंसानियत दिखाने के लिए।
कॉलेजियम ने जातिवादी और आरक्षण विरोधी लोगों को उनका merit देखे बिना जज बनाया है. पटाना हाईकोर्ट का जज बिना देखे अंग्रेज़ी के दो सेंटेन्स नहीं बोल सकता लेकीन कट्टर जातिवादी और SC/ST/OBC के आरक्षण विरोधी है.
कॉलेजियम ख़त्म करने के लिए RT करें!
An open letter to #NadavLapid following his criticism of #KashmirFiles. It’s not in Hebrew because I wanted our Indian brothers and sisters to be able to understand. It is also relatively long so I’ll give you the bottom line first. YOU SHOULD BE ASHAMED. Here’s why: