आदमी ने तो सरकार को तगड़ा छील दिया। 👇🏼
ये तक कह दिया कि थू है ऐसी सत्ता पर!!
सच में काहे का विश्वगुरु, डंकापति जो ख़ाली लफ़्फ़ाज़ी करे और काम के नाम पर ख़ाली??
#NoidaAccident#NoidaAuthority#NoidaTechieDeath
विपक्षी पार्टी के लोगों को डराया, धमकाया, जबरन अपने पार्टी में शामिल करवाया, उनके परिवार वालों को जेल भेजा, कहीं पर बिना विरोध चुनावों को हाईजैक किया, शिवसेना को तोड़ा, अब टीएमसी को तोड़ा, ED IT CBI का भरपूर (दुर) उपयोग किया, मीडिया से महिमामंडन करवाया, सवालों पर पाबंदी लगाई, 0 प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, अपने दोस्त को देश बेचा, जजों को राज्यसभा में भेजा और फिर अब सबसे ज्यादा समय तक के पीएम का दर्जा मिला.. यह सफ़र इतना आसान नहीं रहा है मित्रों.. यह एक तस्वीर हमारे मौजूदा लोकतंत्र को बयां करने के लिए काफी है...
डेढ़ महीने पहले कहा था सयानी घोष गजब की वक्ता हैं .. ईश्वरीय देन है उनकी वक्तृत्व कला .. आज भी कायम हूं ..पाला बदलने की खबर आ रही है … अब एनडीए की तरफ से बैटिंग करेंगी .. तब जो उनकी बखिया उधेड रहे थे .. अब कसीदे पढेंगे.. राजनीतिक लोगों को लेकर जज्बाती नहीं होना चाहिए .. देश कुछेक हजार लोग चला रहे .. बाकी अपना देखे
Khan Sir अब मुसलमान हो गए हैं,क़ानून व्यवस्था के मसले पर नफरती लोगों को मौका मिल गया। TV चैनल तो ऐसे लिख रहे हैं…फैसल खान के ठिकानों पर छापेमारी।
ठिकानों पर…वाह! दो-चार दिन में ISI से संपर्क भी खोज लाएंगे सूत्र। हजारों बच्चों की उम्मीद Khan Sir को नहीं छोड़ा तो किसी और की क्या बिसात!
‘विकास का गुजरात मॉडल’ तो दुनिया देख चुकी है, अब पेश है ‘विकास का बिहार मॉडल’ 🤥
मोदी विरोधी इसी AI जेनेरेटेड बताएँगे। वे शर्म करने को कहेंगे क्योंकि ये बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया है। आप मत मानना।
मैं 2017 में उस समय YouTube पर 10 लाख (1 Million- aap hi bio mai million ka aura dekha) लोगों को जोड़कर बैठा था, जब न Reels थीं, न Shorts थे और न ही Jio का आज जैसा विस्तार था।
उस समय लोगों को जोड़ने का एक ही तरीका था -विषय पर पकड़, पढ़ाने की क्षमता और छात्रों का विश्वास।
शिक्षक का मूल्यांकन पत्रकार से नहीं, लाखों छात्रों के परिणामों से होता है।
पत्रकारिता बची है नहीं, देश की जनता कर रही है इसका फैसला।
पेपर लीक, बेरोज़गारी और भर्ती घोटालों पर सवाल पूछने वाले शिक्षक आपको तमाशेबाज दिख रहे हैं।
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
@RahulGandhi केंद्र सरकार ने क्रूड ऑयल महंगा होने पर तेल की कीमत तो बढ़ा दी थी, अब क्रूड ऑयल सस्ता होने पर देखते हैं विपक्ष तेल सस्ता कार्ने का दबाव सरकार पर डालने में कामयाब होता है या नहीं या बढु हुई कीमत बानी रहेंगी जनता की जेब पर
@RahulGandhi केंद्र सरकार ने क्रूड ऑयल महंगा होने पर तेल की कीमत तो बढ़ा दी थी, अब क्रूड ऑयल सस्ता होने पर देखते हैं विपक्ष तेल सस्ता कार्ने का दबाव सरकार पर डालने में कामयाब होता है या नहीं या बढु हुई कीमत बानी रहेंगी जनता की जेब पर
"ये लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन का दृश्य है,"
प्लेटफार्म का टीन शेड गिर गया है।
कुछ यात्री घायल हो गए हैं,
खैर जब तक कोई मरे नहीं, तब तक कोई न्यूज नहीं मानी जाएगी।
राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट।
जनता के पास एक अधिकार होना चाहिए कि जिस भी मंत्री के मंत्रालय में गड़बड़ी हुई हो,
उस मंत्री को तुरंत बिना इधर उधर की बात किए पद से भगा देना चाहिए।
बेशर्म