🙏🏻🇮🇳संगम नेतृत्व की टीम के साथ भारत जोड़ो यात्रा के अवसर पर परम आदरणीय श्री राहुल गांधी जी से भेंट का अतिविशेष,अविस्मरणीय पल। मेरे जीवन का यह क्षण बेहद महत्वपूर्ण और असीम उर्जा से भर देने वाला था। मैं आपका हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हूँ। 🇮🇳🙏🏻
#भारत_जोड़ो_यात्रा
🇮🇳विश्व को सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाने एवं अत्याचार का प्रतिकार करने का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित करती हूॅं।
परम पूज्य बापू के जीवन मूल्यों को आत्मसात कर उनके बताए मार्ग पर पूर्ण निष्ठा के साथ चलना हमारा कर्तव्य होना चाहिए।🇮🇳
#mahatmagandhiji
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महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी को उनकी जयंती "पराक्रम दिवस" अवसर पर शत-शत नमन करती हूं।
कृतज्ञ राष्ट्र देश की स्वतंत्रता के लिए उनके त्याग और समर्पण को सदैव स्मरण रखेगा।
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#NetajiSubhasChandraBose
खालसा पंथ के संस्थापक,धर्म की रक्षा के लिए अपने समस्त परिवार का बलिदान कर देने वाले सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करती हूं।
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#gurugobindjayanti
विश्व प्रसिद्ध रॉकेट वैज्ञानिक एवं 'इसरो' के भूतपूर्व अध्यक्ष, पद्म विभूषण प्रो० सतीश धवन जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन करती हूं।
#SatishKumarDhawan
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*शिक्षा ही स्त्री का गहना हैं - साबित्रीबाई फूले*
नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता एवं देश की पहली महिला शिक्षिका महान समाजसेविका, माता #सावित्रीबाई_फुले जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन करती हूं।
आपने सामाजिक एकता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। आपका संघर्ष हम सभी देशवासियों को सदा सदा तक प्रेरित करता रहेगा।
#savitribaifule
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लाइक फादर, लाइक सन ..?
नो, नॉट ऑलवेज
किसी मशहूर फिल्मी डायलॉग राजेश खन्ना कहते है- मिलार्ड, जिंदगी लंम्बी नही, ऊंची होनी चाहिए।
तो जस्टिस चंद्रचूड़ का कार्यकाल सबसे लम्बा था ही, सबसे ऊंचा भी था।
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हिंदुस्तान के सबसे लंबे कार्यकाल वाले चीफ जस्टिस, यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ फरवरी 1978 में पदभार लिया।
साढ़े सात साल बाद जब जुलाई 1985 में रिटायर हुए, हिंदुस्तान उन्हें आयरन हैंड के रूप में जानने लगा था।
जस्टिस चंद्रचूड़ नें 4 प्रधानमंत्री देखे। वे जनता सरकार के दौर में वे चीफ जस्टिस हुए थे। तो मोरारजी, चरणसिंह, इंदिरा गांधी और राजीव..
सभी अलग अलग मिजाज की सरकारे..
बड़े बहुमत की सरकारें,
और बेहद ताकतवर सरकारें।
किस्सा कुर्सी का मामले में जस्टिस चंद्रचूड़ ने संजय गांधी को जेल में रहने पर विवश कर दिया था। इसके बाद आई इंदिरा की सरकार से उनकी कैसी ठनी रहती होगी, जरा अंदाजा लगाइये।।
मगर जस्टिस चंद्रचूड़ के पास केवल रीढ़ की हड्डी ही नही...
मजबूत जिगरा भी था।
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मिनर्वा मिल केस, हिंदुस्तान के लैंडमार्क जजमेंट में से है, जिसने सम्विधान के " बेसिक स्ट्रक्चर" की अवधारणा दी।
याने सविधान को बदलने की सरकार, और संसद की शक्ति सीमित है। वो कोई कानून, कोई संशोधन ऐसा नही ला सकती सकता, जो सम्विधान के मूल ढांचे को बदल दे, या समाप्त कर दे।
ये फैसला, सम्विधान को छेड़ने की कोशिश करने वाली हर सरकार के सामने सीना ताने खड़ा है। सम्विधान के मूल भाव, याने नागरिक के मूल अधिकार, आजादी, जीवन और समानता का अतिक्रमण कोई गवर्मेन्ट नही कर सकती।
ओल्गा टेलिस वर्सज बॉम्बे म्यूनिसपल कारपोरेशन मामले में उन्होंने जीवन के अधिकार को डिफाइन किया- रोजगार, रहवास के अधिकार को उसका हिस्सा माना।
पुत्तुस्वामी केस में "राइट टू प्राइवेसी" को डिफाइन किया। गुरबख्श विरुद्ध पंजाब केस में उन्होंने फैसला दिया, की अग्रिम जमानत को अनुच्छेद 21 के तहत, नागरिक अधिकार की तरह देखा जाना चाहिए।
एक हैबियस कार्पस केस, जिसमे इमरजेंसी के दौरान, जीवन का अधिकार भी निलंबित हो सकता है.. यह फैसला प्रतिगामी माना जा सकता है।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में उनके 338 फैसले, कानूनों की व्याख्या में प्रकाश स्तम्भ की तरह रहेंगे। जब कभी नागरिक- राज्य अधिकारों के मसले पर बहस छिड़ी, तो ( हैबियस कार्पस केस छोड़) चंद्रचूड़ का फैसला, लोकतन्त्र, और नागरिक स्वतंत्रता के पक्ष में साफ नजर आया।
और यही उन्हें यादगार बनाता है।
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मगर भारत के लोग उन्हें शाहबानो केस के लिए याद करेंगे। इस केस ने सरकार को सम्विधान संशोधन को मजबूर कर दिया। इस पेंडोरा बॉक्स के खुलते ही जो गंगा बही, भारत आज तक उसके बहाव की थाह नही पा सका है।
उस फैसले के नतीजो में डूबते उतराते देश मे,
आज उनके ही पुत्र चीफ जस्टिस हैं। पर भारत का सुप्रीम कोर्ट, आज अपनी विश्वसनीयता के सबसे कमजोर, छिछले दौर में है।
क्योकि फैसले आने के पहले पूरा हिंदुस्तान जानता है, कि क्या फैसला आयेगा। जनता को ऐसे किसी फैसले की आशा नही, जो टोटेलेटेरियन हो चुकी सरकार को लेशमात्र भी दिक्कत करे।
सत्ता का हाथ, लोकतन्त्र के गिरहबान से हटाने की हिम्मत अब सुप्रीम कोर्ट में नही। भले ही उस पर कोई चंद्रचूड़ ही क्यो न बैठा हो।
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ये गिरावट अभी की नही। कभी चार जज लेकर कोर्ट के लॉन में प्रेस कांफ्रेंस के लिए बैठ जाने वाले गोगोई के, आगे चलकर राज्यसभा में बैठ जाने तक ये गिरावट गर्त तक जा चुकी थी।
ये गिरावट अनुत्क्रममणीय, स्थायी है। और देश मौजूदा चीफ जस्टिस से इसमे बेहतरी लाने की कतई उम्मीद नही करता, अगर उनके नाम मे चंद्रचूड़ न लगा होता।
उनका दो तिहाई कार्यकाल जा चुका, अगले नवंबर में रिटायर हो जाएंगे। फैसलों से इतर, वे टिप्पणियां अच्छी करते हैं, मजमों में वे शानदार बोलते हैं। वे बड़े लोकप्रिय हैं।
मगर लोकप्रिय तो कुणाल कामरा और अरिजीत सिंह भी है। उनके पिता लोकप्रिय होने के लिए नही, अपने फैसलों से याद किये जाते थे।
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एक कॉन्स्टिट्यूशनल इंस्टियूशन, कॉन्स्टिट्यूशन की इज्जत रखे जाने और अपना वकार कायम करने से विश्वसनीय होता है। जब वो न्याय के साथ खड़ा हो, दहाड़ कर खड़ा हो, तो विश्वसनीय होता है।
आज सुप्रीम कोर्ट की टोपी महाराष्ट्र में रोज उछल रही है। हर दूसरे दिन, किसी प्रिडिक्टीबल फैसले से उछल रही है। सरकार औऱ लोकशाही के बीच रस्साकशी में, कोर्ट जब सरकारी प्रतीत होता है।
तो इसके शीर्ष पर बैठे शख्स को देखकर, मुझे उस शख्स के लिए दुख होता है, जिसका दौर सबसे लंबा ही नही..
सबसे ऊंचा भी था।
तो शायद अंग्रेजी की ये कहावत हमेशा सच हो, जरूरी नही। लाइक फादर, लाइक सन ..?
नो, नॉट ऑलवेज।
इतिहास जो भुलाया नहीं जा सकता :-
साल था 1971
'अगर भारत पाकिस्तान के मामले में उसकी नाक में उंगली करेगा तो अमेरिका अपनी आंख नहीं फेर लेगा,भारत को सबक सिखाया जाएगा"
-रिचर्ड निक्सन.
'भारत अमेरिका को दोस्त मानता है। बॉस नहीं। भारत अपनी किस्मत खुद लिखने में सक्षम है। हम जानते हैं कि परिस्थितियों के अनुसार प्रत्येक के साथ कैसे व्यवहार करना है?"
- इंदिरा गांधी
भारतीय प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने ठीक यही शब्द व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के साथ बैठकर, आंखों से आंख मिलाकर बिना पलक झपकाए व्यक्त किये थे।
अपनी आत्मकथा में हेनरी किसिंजर जो उस समय अमरीका के NSA और सेक्रेटरी आफ स्टेट थे, ने इस ब्योरे को दर्ज़ किया है।
वह दिन था जब भारत-यू.एस संयुक्त मीडिया संबोधन को इंदिरा गांधी ने रद्द कर दिया था, जो अपने ही अनोखे अंदाज में व्हाइट हाउस से चली गईं थीं।
किसिंजर ने इंदिरा गांधी को उनकी कार में छोड़ते हुए कहा था, "मैडम प्रधानमंत्री, आप को नहीं लगता है कि आप को राष्ट्रपति के साथ थोड़ा और धैर्य के साथ काम लेना चाहिए था "।
इंदिरा गांधी ने उत्तर दिया, "धन्यवाद, श्रीमान सचिव, आपके बहुमूल्य सुझाव के लिए,एक विकासशील देश होने के नाते, हमारी रीढ़ सीधी है - और सभी अत्याचारों से लड़ने के लिए पर्याप्त इच्छाशक्ति और संसाधन हैं। हम साबित करेंगे कि वे दिन लद गए जब हजारों मील दूर बैठी कोई "शक्ति" किसी भी राष्ट्र पर शासन कर सकती है और अक्सर उसे नियंत्रित कर सकती है।"
जैसे ही उनका एयर इंडिया बोइंग वापसी में दिल्ली के पालम रनवे पर उतरा , इंदिरा गांधी ने विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को तुरंत अपने आवास पर बुलाया। बंद दरवाजों के पीछे एक घंटे की चर्चा के बाद वाजपेयी जल्दी-जल्दी लौटते दिखे. इसके बाद यह ज्ञात हुआ कि वाजपेयी संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बीबीसी के डोनाल्ड पॉल ने वाजपेयी से सवाल पूछा, "इंदिरा जी आपको एक कट्टर आलोचक के रूप में मानती हैं। इसके बावजूद, क्या आप को नहीं लगता की आप संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए मौजूदा सरकार के रुख़ के पक्ष में होंगे। ?"
वाजपेयी ने प्रतिक्रिया दी थी कि "एक गुलाब एक बगीचे को सजाता है, और बगीचे को सजाने का काम लिली भी करती है । सभी इस विचार से घिरे हुए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से सबसे सुंदर हैं। जब उद्यान संकट में पड़ता है, तो सभी को उसकी रक्षा करनी होती है । मैं आज बगीचे को बचाने आया हूं। इसे भारतीय लोकतंत्र कहा जाता है।"
परिणामी इतिहास हम सभी जानते हैं।
अमेरिका ने पाकिस्तान को 270 प्रसिद्ध पैटन टैंक भेजे। उन्होंने विश्व मीडिया को यह दिखाने के लिए बुलाया कि ये टैंक विशेष तकनीक के तहत बनाए गए थे, और इस प्रकार अविनाशी हैं। इरादा बहुत साफ था। यह बाकी दुनिया के लिए एक चेतावनी संकेत था कि कोई भी भारत की मदद न करे।
अमेरिका यहीं नहीं रुका।
भारत को तेल की आपूर्ति करने वाली एकमात्र अमेरिकी कंपनी बर्मा-शेल को बंद करने के लिए कहा गया । उन्हें अमेरिका द्वारा भारत के साथ अब और व्यापार बंद करने के लिए सख्ती से कहा गया था।
उसके बाद भारत का इतिहास केवल वापस लड़ने के बारे में है। इंदिरा गांधी की तीक्ष्ण कूटनीति ने सुनिश्चित किया कि तेल यूक्रेन से आए।
सिर्फ एक दिन तक चली एक लड़ाई ने इन 270 पैटन टैंकों को नष्ट कर दिया। नष्ट किए गए टैंकों को प्रदर्शन के लिए भारत लाया गया था जो राजस्थान के गर्म रेगिस्तान आज भी एक गवाह के रूप में खड़े हैं जहां यू.एस का गौरव नष्ट हो गया था।
इसके बाद अठारह दिनों तक चले युद्ध की परिणति में पाकिस्तान से 1.0 लाख युद्धबंदी बनाये गए । मुजीबर रहमान लाहौर जेल से रिहा हुए।
मार्च का महीना था - इंदिरा गांधी ने भारतीय संसद में बांग्लादेश को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।
वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को 'मां दुर्गा' कहकर संबोधित किया ।
इन घटनाओं के नतीजे इस प्रकार हैं-
-भारत की अपनी तेल कंपनी, अर्थात इंडियन ऑयल अस्तित्व में आया।
-भारत ने दुनिया की नजरों में खुद को ताकतवर राष्ट्र के रूप में सिद्ध किया।
-भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) का नेतृत्व किया।
इसका नेतृत्व निर्विवाद था।
हालांकि ये सारी घटनाएं लोग भूल गए हैं । मगर इतिहास आज भी बुलंद खड़ा है जिसको आगे वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जाना चाहिए।
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक, महान वैज्ञानिक, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से अलंकृत डॉ. विक्रम साराभाई जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में आपके अतुलनीय योगदान को देश सदैव स्मरण रखेगा।
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#VikramSarabhai
विपक्ष के जितने नेताओं को राम मंदिर उद्घाटन मे बुलाया गया है (खास तौर पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं को)जरूर जाना चाहिए क्यों तो अगले कुछ महीनो में लोकसभा चुनाव है "ना जाने पर" ये लोग बहुत बड़ा मुद्दा बनाकर चुनावी सभा में ये कहेंगे कि विपक्ष के लोगों ने राम जी का अपमान किया है
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 139 वें स्थापना दिवस पर समस्त कांग्रेसजनों एवं देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं देती हूॅं। आज से 138 वर्षों पूर्व भारतीय जनमानस की राजनीतिक चेतना जगाने के लिए "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस" की स्थापना हुई थी।
भारत की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सामाजिक सद्भाव के लिए, हर भारतीय नागरिकों के लिए "न्याय" सुनिश्चित करने के लिए हम आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।
#CongressFoundationDay 🇮🇳🙏🏻
💐वीर बाल दिवस💐
गुरु गोविन्द सिंह जी के वीर सपूत,नौ और छः साल की छोटी सी उम्र में देश और सिख पंथ की गरिमा और सम्मान की रक्षा हेतु अपना सर्वोच्च और अप्रतिम बलिदान देने वाले साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह जी को कोटिशः नमन करती हूं।
#veer_baal_diwas
समस्त देशवासियों को क्रिसमस पर्व की बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं।
प्रभु ईशु से प्रार्थना है कि वो आपके और आपके परिवार में खुशियां, प्यार और समृद्धि लाए और देश में सुख-शांति, भाई चारा और सद्भाव सदैव बनी रहे।
#MarryChristmas2023
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राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
उपभोक्ता अधिकार दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा एवं उन्हें विभिन्न प्रकार के आर्थिक शोषण और ठगी से बचाना है।
सजग रहें, जागरूक रहें।
#राष्ट्रीय_उपभोक्ता_अधिकार_दिवस
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करती हूं।
आपने भारतीय किसानों के कल्याण हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करते हुए, देश में बड़े कृषि सुधार लाने की दिशा में अपार योगदान दिया।
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#Charan_chaudhari
छत्तीसगढ़ के गांधी,महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक और प्रसिद्ध साहित्यकार स्व.#पंडित_सुंदरलाल_शर्मा जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करती हूं ।
छत्तीसगढ़ में फैले अंधविश्वास, छुआ-छूत, रूढिवादिता जैसी कुरीतियों को दूर करने एवं छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता आंदोलनों की मजबूती और जनजागरण के लिए अथक प्रयास करने वाले पं. सुंदरलाल शर्मा जी का व्यक्तित्व और जीवन मूल्य हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
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माँ भारती के अमर सपूत, 'काकोरी ट्रेन एक्शन' के वीर योद्धा राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
स्वतंत्रता के महायज्ञ में आपने त्याग, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान की जो आहुति दी, वह चिरकाल तक अविस्मरणीय रहेगी।
आपका सर्वोच्च बलिदान हम सभी को सदैव देश की सेवा के लिए प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।
🙏🏻🙏🏻💐💐🙏🏻🙏🏻
#जयहिन्द
Happy birthday 🎈 @GurpreetKChadha ji
🎂 🎉 🎊 🎁
May your birthday and every day be filled with the warmth of sunshine, the happiness of smiles, the sounds of laughter, the feeling of love and the sharing of good cheer. 💫