@AshwiniVaishnaw@ECRlyHJP@GM_ECRly@drmdnr@Railwhispers
आदरणीय सर,
सादर प्रणाम। 🙏
गाड़ी संख्या 03029/03030 हावड़ा–राजगीर के पुनः परिचालन के संबंध में आपके द्वारा लिया गया निर्णय अत्यंत सराहनीय एवं स्वागतयोग्य है। विशेष रूप से इस ट्रेन को बख्तियारपुर जंक्शन के बजाय बख्तियारपुर लिंक बाईपास से परिचालित करने तथा अशोकधाम और अथमलगोला में अतिरिक्त ठहराव प्रदान करने के लिए मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। निश्चित रूप से यह निर्णय क्षेत्र के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा और राहत लेकर आएगा।
हालांकि, इसी प्रसन्नता के बीच एक बात का खेद भी है, जिसे आपके समक्ष अत्यंत विनम्रता और आत्मीयता के साथ रखना चाहता हूँ।
सर,दानापुर मंडल के डुमरी हॉल्ट में इस ट्रेन का ठहराव नहीं दिया जाना हम लोगों के लिए अत्यंत निराशाजनक है। विशेषकर इसलिए कि हावड़ा–राजगीर ट्रेन के पुनः परिचालन के लिए लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष में डुमरी के हमारे संघर्षशील साथी श्री कृष्ण मुरारी जी की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जितनी अथमलगोला के हम लोगों की।
हम दोनों ने जब-जब मंडल रेल कार्यालय, दानापुर अथवा पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपने प्रतिवेदन और आग्रह प्रस्तुत किए, तब-तब अथमलगोला और डुमरी—दोनों स्थानों पर ठहराव सहित हावड़ा–राजगीर ट्रेन(53043/44 पूरानी ट्रेन संख्या) के पुनः परिचालन की मांग एक साथ रखी।
इसलिए सर, आज जब अथमलगोला को ठहराव मिला है तो निश्चित रूप से हमें अत्यंत प्रसन्नता है, लेकिन उसी संघर्ष के एक महत्वपूर्ण साथी कृष्ण मुरारी जी और डुमरी को इस सुविधा से वंचित रह जाना मन को कहीं न कहीं दुखी करता है।
सर, संघर्ष का सबसे सुंदर प्रतिफल यही होता है कि संघर्ष करने वाले प्रत्येक साथी को उसका सम्मान और उसका उचित परिणाम मिले। कृष्ण मुरारी जी ने भी इस ट्रेन के पुनः परिचालन की लड़ाई में निरंतर अपनी आवाज बुलंद की है। ऐसे में डुमरी हॉल्ट को ठहराव मिलना उनके संघर्ष के प्रति सम्मान भी होगा और क्षेत्र के यात्रियों के हित में एक न्यायसंगत निर्णय भी।
आप सक्षम प्राधिकारी हैं। हम आपसे बड़ी उम्मीद रखते हैं। महादेव से भक्त जिस विश्वास के साथ अपनी मनोकामना रखता है, हम आपके समक्ष यह आग्रह रख रहे हैं कि अथमलगोला के साथ डुमरी हॉल्ट को भी गाड़ी संख्या 03029/03030 हावड़ा–राजगीर का ठहराव प्रदान करने की कृपा करें।
मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि अथमलगोला को मिला ठहराव हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है, लेकिन अपने संघर्ष के साथी डुमरी और कृष्ण मुरारी जी की उपेक्षा की कीमत पर मिली इस प्रसन्नता को हम पूर्ण नहीं मान सकते। इसलिए हमारी विनम्र अपेक्षा है कि अथमलगोला के साथ डुमरी को भी समान रूप से यह सुविधा प्रदान की जाए।
सर, आपके प्रति हमारा सम्मान किसी एक निर्णय पर निर्भर नहीं है। एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हम सदैव रेल प्रशासन के अधिकारियों का सम्मान करते आए हैं, आज भी करते हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। हमारा आग्रह केवल इतना है कि जहाँ संघर्ष सामूहिक रहा है, वहाँ उसका सम्मान भी सामूहिक होना चाहिए।
आपसे पुनः करबद्ध आग्रह है कि डुमरी हॉल्ट में गाड़ी संख्या 03029/03030 हावड़ा–राजगीर का ठहराव प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें। इससे न केवल डुमरी क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्षरत साथियों के प्रयासों को भी उचित सम्मान मिलेगा।
आपके सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा में।
सादर एवं साभार। 🙏
आपका परम विश्वसनीय
निरंजन कुमार सिंह,
पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता
BN24 Live एवं खबर तरंग
अथमलगोला, पटना।
अखबार ने वही लिखा है,जो रेलवे अधिकारीयों ने बताया है। रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी को यह समझना होगा की भारतीय रेल आज भी करोड़ों भारतीय की जीवन रेखा - लोकस्वर है। कोरोना के बाद IIT इंजिनियरों की बात मानकर ZBTT नियम का हवाला देकर,10 हजार से अधिक स्टाॅपेज हटाये गए थे,नतीजा क्या हुआ सबके सामने है। जनहित में वो सारे स्टाॅपेज रेलवे को लौटाने पडे़,इतना ही नहीं बिहार जैसे विकासशील राज्य में लोकसभा चुनाव के दौरान इसका खामियाज़ा भी उस समय के वर्तमान लोकसभा सांसदों को उठाना पड़ा,इस खामियाजे का सबसे बड़ा उदाहरण उस समय के पाटलिपुत्र लोकसभा के जनहितैषी सांसद राम कृपाल यादव हुए जिन्हें 05 साल जनता के बीच रहने के बावजूद हार का मुंह देखना पडा़। रेलवे अधिकारी उस स्टेशन की पीडा़ को कभी नहीं समझ पाए,.? जिस स्टेशन पर ट्रेन का सटाॅपेज खत्म होने के बाद उस स्टेशन की यात्री सुविधा महापाषाण युग में चली गई।कई स्टेशनों ने काफी संघर्ष के बाद वो सभी पूराने सटाॅपेज वापस लिये,दानापुर मंडल का बड़हिया व अथमलगोला स्टेशन जननायक जनक्रांति का ज्वलंत उदाहरण है,पूराने सटाॅपेज वापस पाने के लिए इतना संघर्ष किसी स्टेशन ने नहीं किया होगा,इसी आंदोलन से प्रभावित होकर उस समय के तत्कालीन स्थानीय लोकसभा सांसद व वर्तमान केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन बाबू को संसद में बाढ़,बड़हिया व अथमलगोला स्टेशन पर ठहराव बहाल करने के लिए हुंकार भरनी पडी़ थी।आग्रह है रेल मंत्री जी इन सब जनविरोधी निर्णय को ठंडे बस्ते में रखें और एैसे रेल अधिकारियों को डांटते रहें जो इस तरह की जनविरोधी निर्णय का प्रस्ताव आपको देते हैं। बाकी अखबार का क्या कसूर - ये ईधन बचेगा, वो समय बचेगा,ये फायदा होगा,वो लाभ होगा ये सब बकवास की बातें हैं। कोरोना काल में 10 हजार ठहराव तो हट गए थे देशभर में क्या समय पालन सहित सब कुछ सही हो गया था रेलवे में.? जनविरोधी निर्णय व व अखबार से मैं आग्रह करता हूँ,इन जनविरोधी खबरों को प्राथमिकता नहीं दें।। @Live_Hindustan
@Railwhispers@khurpenchh
आदरणीय @RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
जी। आखिर एैसी क्या वजह रही होगी की 100% से ज्यादा एक्यूपेंसी व पैसेंजर संगठनों की लगातार मांग तथा संभवतः ECR मंडल (दानापुर) के प्रस्ताव के बावजूद ट्रेन संख्या 03201/02 पटना आसनसोल स्पेशल मेमू एक्स्प्रेस का पुनः परिचालन प्रारंभ नहीं किया गया.?
*आखिर क्या वजह रही होगी की एक माह के राजगीर मलमास मेले में इस बार,बहुत ज्यादा उपयोग की जानेवाली पटना - बख्तियारपुर-बाढ़ - मोकामा मेन रूट से एक भी स्पेशल ट्रेन का परिचालन नहीं किया गया.?
रेल फैन कम्युनिटी व पैंसेजर संगठन के लोग हमें लिखते हैं कि अब आप कुछ लिखते क्यों नहीं.?
अब रेल में वो बात नहीं रही जो उसे जीवनरेखा व लोकस्वर को सम्बोधित कर सके।
पूर्व मध्य रेल प्रशासन (हाजीपुर) मेे तो आलम यह है की बिना आलम बाबू के मर्जी के अब कुछ भी संभव नहीं है। दानापुर मंडल का प्रस्ताव अब सबसे नीचले टेबुल पर रहता है। और यहाँ अब इस मंडल के जनहित के प्रस्तावों को कोई तवज्जो नहीं मिलती है। और अगर मिलती भी तो जहां के जनप्रतिनिधि लगातार प्रयास कर रहे हैं वहां।।
पूर्व मध्य रेल प्रशासन चाहे मंडल कार्यालय दानापुर हो या जोन कार्यालय हाजीपुर शीर्ष नेतृत्व GM साहेब या DRM साहेब से अगर आप जनहित में कोई उम्मीद लगाकर बैठे हुए हैं, तो अभी भी वक्त है अपना प्रयास बंद कर दिजिए। यकिनन आपके प्रयास का कुछ भी नहीं होनेवाला।
पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने कल एक ट्वीट किया हुआ था,की समस्त रूटों पर पैसेंजर ट्रेन बहुत अच्छा चल रहा है और दैनिक यात्रियों ने इसकी सराहना भी की है।
खैर अब इसी बात पर कुछ कड़ा लिखा जाएगा तो वरीय रेल अधिकारी कहेंगे की अब आप भी ट्रोल करने लगे..? जिस रेल खंड में नमो व वन्दे भारत जैसी अमीरों की ट्रेन के पासिंग के लिए घंटो एक्स्प्रेस व मेमू ट्रेन को रोक कर रखा जाता हो, सोचिये कौन है वो वो सलेक्टिव दैनिक यात्री जो सराहना करते हैं.? विडम्बना देखिये की जिस मंडल में आदरणीय DRM साहेब सप्ताह में एक दिन वो भी आधा घंटा वो भी समय रहने पर मिलने का आगे में बोर्ड लगाकर रखे हुए हैं,सोचिए कौन मिलता होगा और कितने लोगों की समस्या का निराकरण होता होगा.?
कौन सी सराहना,और कैसी सराहना जी ? कभी पटना गया रूट के मेमू में या फिर 63217 मोकामा शट्ल के भयानक भीड़ में दानापुर मंडल या जोन के एक भी वरीय अधिकारी पटना जंक्शन तक बिना कोई लाव लश्कर के एक भी दिन यात्रा करके सराहना कर दें.? मै उनका लोहा मान जाऊंगा।
मैं इसलिए भी नहीं लिखता क्योंकि मैं सभ्यता की भाषा में बहुत ज्यादा बातें कह देता हूँ। मुद्दे अभी इतने हैं की और भी बहुत कुछ है कहने को।
हालांकि इन सब बातों के बीच दानापुर व हाजीपुर दोनों जगहों पर कुछ एैसे भी वरीय रेल पदाधिकारी हैं जो सर्वजन हिताय,बहुजन सुखाय का काम कर रहे हैं और यकिनन इन लोगों की ही बदौलत मंडल और जोन दोनों चल रहा है।।।। ( नोट- कठिन शब्द व आलोचनात्मक टिप्पणी मेरे निजी विचार हैं) जय भारत। जय भारतीय रेल।।
आदरणीय @PMOIndia@narendramodi@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw सर, बिहार रेल फैन कमियुनिटी व तमाम यात्रियों की गुहार लगाने के बावजूद ट्रेन संख्या 03201/02 पटना आसनसोल स्पेशल मेमू एक्स्प्रेस के परिचालन में विस्तार नहीं करना ना सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि यह उन बहुसंख्य यात्रियों के लिए बेहद निराशाजनक है,जो समुन्द्र से एक लोटा जल मिलने की उम्मीद लगाकर बैठे हुए थे।
काफी कम समय में यह गाड़ी समय और पंचुलिटी की समरसता के बीच हजारों/लाखों आम एवं दैनिक यात्रियों में बहुत लोकप्रिय हो चुकी थी,लोगों को लगा की इसके फेरे जरूर बढे़गे,लेकिन एैसा नहीं हुआ,ये सिर्फ चुनावी समर का लालीपाप था जिसे रेलवे ने चटाया और खत्म कर दिया ।
मैं खुद रेल डेस्क का पत्रकार होने के नाते पीछले 15/16 वर्षों से रेलवे से जुडा़ हुआ हूँ,मै खुद कई सालों तक रेल दैनिक यात्री संघ का सदस्य भी रहा हूँ,मैने ECR जोन हाजीपुर व DNR मंडल अंतर्गत कई वरीष्ठ अधिकारियों का कार्यकाल देखा है।
ECR में जब LC त्रिवेदी साहब बतौर GM हुआ करते थे तो वो प्रणाम का जबाब प्रणाम से देते थे। खण्डेलवाल साहब बहुत कम समय तक GM रहे लेकिन खड़े खड़े समस्या का समाधान हो जाता था। तरूण बाबू भी बहुत अच्छा छाप छोड़ कर गए।
लेकिन सिंह साहब की थ्री लेयर सुरक्षा को अगर फेस करते हुए मिल लिए तो समझ जाइए भगवान से भेंट हो गया।
यही हाल दानापुर मंडल का भी है वर्षो पूरानी परंपरा को बतौर DRM प्रभात कुमार ने खत्म किया था,उन्होंने नियम बनाया था जनता/आम यात्री/पैसेंजर संगठन कार्यालय अवधी में जब इच्छा हो हमसे आकर मिल सकता है,समस्या पर ध्यान आकर्षित करवा सकता है।
कोरोना के समय बतौर DRM सुनील बाबू का कार्यकाल भी काफी सराहनीय था।
सिस्टम को ब्रेक तब लगा जब चौधरी साहब बतौर DRM दानापुर पहुंचे,VIP और चेहरा देखकर मिलने की प्रथा यहीं से प्रारंभ हुई थी। ये जमीनी हकीकत से ज्यादा मैप देखकर काम करना पसंद करते थे।
अब वर्तमान समय में दानापुर मंडल का क्या हाल है सबको पता है। साहेब के मेन गेट के पास एक बोर्ड लगा है। सप्ताह में एक दिन भेंट करने का वो भी आधा घंटा, विडम्बना देखिये वो भी समय रहने पर,सोचिये कौन मिलता होगा और कितने लोग मिलकर समस्या समाधान कर पाते होंगे.?
हालांकि ECR जोन और दानापुर मंडल में अभी भी कुछ एैसे शीर्ष अफसर हैं जो आज भी सबका साथ सबका विकास में यकीन करते थे।
चूंकि हमलोगों को यह नहीं पता चल सका की ट्रेन संख्या 03201/02 को आगे संचालित करने में रेलवे को परेशानी थी.? ECR जोन चाहता तो इसे झाझा तक बहुत आराम से संचालित कर सकता था।
अगर रैक की समस्या थी,तो ये समुद्र में एक लोटा जल निकालने जैसा था।
खैर अब बहुत ज्यादा लिखना उचित नहीं होगा।सादर आग्रह होगा की आगे संबंधित रेल पदाधिकारी मांग पर विचार करें और उन हजारों/लाखों दैनिक एव आम रेल यात्रियों की उम्मीदों को जिंदा रखें,इसी उम्मीद के साथ की भारतीय रेल करोड़ों भारतीयों की कल भी जीवनरेखा थी और आज भी लोकस्वर है।।। 🙏✍️
आदरणीय @RailMinIndia@AshwiniVaishnaw@GM_ECRly@ECRlyHJP@drmdnr सर,काफी कम समय में भारी यात्री भार के साथ लोकप्रिय हो चुकी 03201/02 आसनसोल पटना मेमू स्पेशल एक्स्प्रेस को कम से कम अगले एक माह तक विस्तार देने की कृपा करें। अगर पूर्व रेलवे इसमें इंट्रेस्टड नहीं है,तो इस ट्रेन को सेम टाइमिंगव व ठहराव पर झाझा से पटना के बीच संचालित करें। सर्वजन हिताय,बहुजन सुखाय की मांग है,विचार करें।।
https://t.co/vys5lTYdZS शराब माफियाओं व अलार्म चेन पुलिंग करने वालों पर हमारी नजर। जनप्रतिनिधि से सामंजस्य बनाकर कार्य कर रहे हैं,बेहतरीन उपलब्धियों के लिए रेलवे ने शील्ड्स सम्मान से नवाजा- अमरेश कुमार,रेल IG (रेलवे सुरक्षा बल) पूर्व मध्य रेल। @rpfecr@rpfecrdnr@RPF_INDIA@rpfecrspj@rpfecrhq1@rpfecrdhn@rpfecrmgs@bn24_live ✍️✍️
https://t.co/6ZvtZ5JFY5 यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है और हम इसके प्रतिबद्ध हैं,पूर्व मध्य रेल के रेलवे सुरक्षा बल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए आई जी नें कहा की इस बार (2025) में रेलवे द्वारा सर्वोच्च सुरक्षा सम्मान पूर्व मध्य रेल प्रशासन को ही प्रदान किया गया है जो हमारी उपलब्धियों का प्रतीक चिन्ह है।.
@rpfecr@rpfecrdnr@RPF_INDIA@rpfecrspj@rpfecrhq1@rpfecrdhn@rpfecrmgs@bn24_live ✍️✍️
@PatnaPolice24x7@sp_rural_patna https://t.co/T7wtfTXQoY यह समाचार आर्टिकल पुलिस की आलोचना कम आंखों को खोलने वाला ज्यादा है। आग्रह है कि-पढिये,और जो उचित हो उस पर अमल व कार्यवाही करने की कृपा किजिए।🙏
@AshwiniVaishnaw@ECRlyHJP@GM_ECRly@drmdnr @adrm_dnr @LalanSingh_1 53043/44 ( पूरानी हावडा़ राजगीर) की कमी को पूरा करने के लिए चलाई गई इस 03239/40 ट्रेन के परिचालन में बहुत कमियाँ थी.? बकायदा कमी को दूर करने के बजाय रेलवे ने साफ्ट निर्णय लेकर इस ट्रेन की शेष यात्रा रदद् कर दी जो कहीं से भी उचित नहीं है.? जबकि इस ट्रेन के परिचालन को रेलवे द्वारा कभी सही से चलाया ही नहीं गया, सबसे बड़ी दिक्कत इस ट्रेन में समय सारणी की थी,अप में यह ट्रेन अन्य प्राथमिक ट्रेनों के लिए प्रतिदिन पिटती थी जिसका नतीजा यह होता था की डाऊन में भी यह ट्रेन घंटों लेट हो जाती थी,इसका खामियाजा लिंक रैक 13029/30 को भी उठाना पड़ता था,पूरानी 53043/44 हावड़ा राजगीर भाया किऊल भागलपुर,तारापीठ के रास्ते चलती थी जिसमें कट लाइन के अच्छे पैसैंजर यात्रा करते थे,ये वाली मेन लाइन भाया जसीडिह,मधुपुर से जाती थी,हालांकि वाणिज्यिक दृष्टिकोण से यह ट्रेन उतनी भी बुरी स्थिति में नहीं होगी,रेलवे को 13029/30 हावड़ा मोकामा राजगीर चलाना चाहिए था इसमें भी उसने जीरो स्पेशल रैक चलाकर सोशल इंजीनियरिंग करने की कोशिश की,कुल मिलाकर बात इतनी है कि बजाय गलती में सुधार करने के गाड़ी को ही रद्द कर दिया गया । सनद रहे कोरोना काल के बाद जिस तरह ZBTT के नाम पर रेलवे द्वारा बिना किसी तैयारी के हजारों ट्रेन स्टापेज रद्द कर दिए गए थे जिसका खामियाजा अबकी बार 241 भी नहीं हुआ पार से उठाना पड़ा। 2025 मे बिहार में विधानसभा है हमारे रेल मंत्री व पूर्व मध्य रेल के कर्मठ रेल पदाधिकारियों को यह नहीं भूलना चाहिए। एक तो छोेटे स्टेशन पर पहले से ट्रेनों की घोर कमी है उपर से इस तरह के निर्णय आम एवं दैनिक यात्रीयों में क्षोभ उत्पन्न करते हैं।। @Nalanda_index@rohitkumar
@adrm_dnr Very beautiful and commendable sir, I will share this message from my level in every public group and try to tell people that you can easily come to your home during Chhath Puja. 🙏
As requested, link for 3rd AC & 3rd Economy part journey vacant seats is (60 pages): https://t.co/VknMwyB2qt. Make use of it and do shae with those in need. #IndianRailway
Vacant seats for "part journey" in quite a few trains for BIHAR, is available as of now. Pls check them & do share with others who are still trying to get seats to reach for the pious Chath Puja. List of Sleeper class vacant seat (37 pages): https://t.co/tsdKCcUzFF #IndianRailway
@adrm_dnr पटना किऊल सेक्शन पर छोटे स्टेशनों पर रूकने वाली दोपहर 11 बजे के बाद 03206 के बाद दूसरी ट्रेन 03214 दोपहर 03 बजकर 05 मिनट पर पर है,दूसरी ओर अप में 03273 के बाद 03377 लगभग पांच घंटे के बाद है,त्योहारी सीजन में इस सन्नाटे को भी दूर करने का प्रयास करें अपर मंडल रेल प्रबंधक सर। 🙏
For the holi Chath puja, lots of trains have been notified both for short distance (within Bihar & vicinity) & long distance from various parts of the country based on passenger rush / demand / waiting list. Please check the complete list for tomorrow ie 29.10.24 & share:
The Union Cabinet approved Doubling of Narkatiaganj-Raxaul-Sitamarhi-Darbhanga & Sitamarhi-Muzaffarpur Section will significantly improve regional mobility, foster economic growth and facilitate easier access to important pilgrimage sites in Nepal.
@adrm_dnr Respected Additional Divisional Railway Manager Sir, in view of the necessary rush of Chhath Puja, the proposal for stoppage of train number 13331/32 Patna Dhanbad Intercity on trial basis for one month at Athmalgola Railway Station is pending, please get approval.
@drmdnr@RailwaySeva@pappu7777 कौन सा जांच और कैसा जांच.?ये टीटीई बतौर दानापुर मंडल में रहकर कई बार आपके ही हाथों निलंबित हो चुका है,.?इसके साथ बख्तियारपुर जं मे एक और टीटीई है जो पैसेंजरो से दुर्व्यवहार के मामले में बुजुर्ग यात्रीयों से अपना पैर छुलवाता है,ये सब रेलवे टीटीई के नाम पर कलंक है.?आप कार्यवाई करें