सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं की पसंदीदा जगह इलाहाबाद में Gen Z Connect Yatra ���ो सबसे ज़्यादा युवा समर्थन मिला।
शिक्षक, पुलिस, UPSSSC, UPPCS भर्ती, महिला अभ्यर्थियों की समस्याओं और रिक्त स्वीकृत पदों का मुद्दा छात्रों व मीडिया के सामने मजबूती से रखा।
#justicemorcha #genzconnectyatra
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा ���रकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्र���यावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
महराजगंज में पंपिंग सेट लेकर तेल भरवाने पहुँच रहे हैं किसान।
DM के आदेश के अनुसार किसानों को गैलेन में डीज़ल अधिकतम 10 लीटर ही मिल सकता है। ऐसे में किसान इंजन लेकर तेल भरवाने पहुँच रहे हैं।
महराजगंज में स्थिति भयावह है।
@news24tvchannel@PrashantKishor सही,चुनाव लड़के हार जाओ भद् पिटेगी,दूसरो को लड़ाओ जीत जाए,श्रेय लो,हार गए तो वो आपकी नही है,बहुत सी बात बनाकर,चालकी से दूसरो पर डालो,होशियारी बताओ,साबित करो ईंडी गठबंधन,एनडीए तुम्हारे सामने कुछ नही,भले ही सीट न मिले,धूर्तता से बोलो,फंला वगैरा का प���रतिशत वोट हमको मिला कौन गिनता है
दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी से मुलाक़ात हुई। बातचीत का विषय वही था जो आज हर भारतीय युवा के मन में है – बेरोज़गारी, भर्ती घोटाले और रोजगार के घटते अवसर।
दिल्ली के 10 जनपथ स्थित राहुल गांधी जी के आवास पर हुई इस बैठक में उन्होंने साफ़-साफ़ कहा कि युवाओं के अधिकारों की इस लड��ाई में वे हरसंभव कदम उठाएंगे – सड़क से लेकर संसद तक। उनका संघर्ष सिर्फ़ राजनीति के लिए नहीं, बल्कि हर उस नौजवान के लिए है जो मेहनत के बावजूद अन्याय का शिकार हो रहा है।
युवा हल्ला बोल के अब तक के सफर में अनुपम भईया के नेतृत्व में हमने हमेशा बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ को बुलंद किया है। अब राहुल गांधी जी का साथ हमारे आंदोलन को और भी मजबूत करेगा। यह सिर्फ़ किसी एक संगठन या नेता की नहीं, बल्कि देश के हर उस युवा की लड़ाई है जो अपने हक़ और भविष्य के लिए खड़ा है।
दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी से मुलाक़ात हुई। बातचीत का विषय वही था जो आज हर भारतीय युवा के मन में है – बेरोज़गारी, भर्ती घोटाले और रोजगार के घटते अवसर।
दिल्ली के 10 जनपथ स्थित राहुल गांधी जी के आवास पर हुई इस बैठक में उन्होंने साफ़-साफ़ कहा कि युवाओं के अधिकारों की इस लड़ाई में वे हरसंभव कदम उठाएंगे – सड़क से लेकर संसद तक। उनका संघर्ष सिर्फ़ राजनीति के लिए नहीं, बल्कि हर उस नौजवान के लिए है जो मेहनत के बावजूद अन्याय का शिकार हो रहा है।
युवा हल्ला बोल के अब तक के सफर में अनुपम भईया के नेतृत्व में हमने हमेशा बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ को बुलंद किया है। अब राहुल गांधी जी का साथ हमारे आंदोलन को और भी मजबूत करेगा। यह सिर्फ़ किसी एक संगठन या नेता की नहीं, बल्कि देश के हर उस युवा की लड़ाई है जो अपने हक़ और भविष्य के लिए खड़ा है।
सच लिखने की सजा मौत? राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या पर सरकार की चुप्पी शर्मनाक!
सीतापुर के महोली में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की निर्मम ��त्या ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में सच बोलना और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आवाज़ उठाना कितना खतरनाक हो चुका है।
8 मार्च को राघवेंद्र वाजपेयी की गोली मारकर ह���्या कर दी गई। राघवेंद्र जी उन पत्रकारों में से थे जो निडर होकर सरकारी लूट और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने धान खरीद में हुए घोटाले का खुलासा किया था। इसके अलावा वे ज़मीन विवाद में लेखपालों की लूट का पर्दाफाश कर रहे थे और उनके पास स्टाम्प चोरी में शामिल कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ़ ठोस सबूत थे।
राघवेंद्र की हत्या कोई सामान्य घटना नहीं है, यह सत्ता संरक्षण में चल रहे भ्रष्टाचार की साज़िशन हत्या है। उनकी हत्या के बाद सरकार और प्रशासन का रवैया बेहद शर्मनाक है।
राघवेंद्र जी की मौत के बाद पूरा सरकारी तंत्र इस मामले को दबाने में जुट गया है। प्रशासन ने इस नृशंस हत्या को मामूली घटना बताने का शर्मनाक प्रयास किया। अखबारों में दो पंक्तियाँ न छप जाएँ, इसके लिए पूरा महकमा लगा दिया गया। जो सरकार अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए पत्रकारों की आवाज़ को दबा रही है, वह लोकतंत्र के लिए सब���े बड़ा खतरा बन चुकी है।
आज जब मैं राघवेंद्र जी के परिवार से मिला तो उनकी स्थिति ने मन को झकझोर दिया। घर में बुजुर्ग माता-पिता, असहाय पत्नी और दो मासूम बच्चे गहरे सदमे में हैं। उनकी पीड़ा को शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।
सबसे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जी (@kashikirai) ने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। लेकिन सवाल ये है कि क्या एक साहसी पत्रकार की हत्या को यूँ ही भुला दिया जाएगा?
हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि राघवेंद्र जी के लिए न्याय की इस लड़ाई को हम सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे।
मैं माँग करता हूँ कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि इस हत्या में शामिल भ्रष्टाचारियों और साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े अधिकारी और सफेदपोश बेनकाब होंगे।
सरकार की चुप्पी, प्रशासन का रवैया और पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही निंदनीय है।
राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि सच बोलने की आज़ादी और लोकतंत्र पर हमला है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आज हम अपने राजनीतिक जीवन की एक नई पारी शुरू कर रहे हैं। पिछले कई वर्षों से स्वतंत्र रुप से काम करने के बाद मैंने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया है।
हम अकसर कहते आए हैं कि असल लड़ाई आज दो तरह की ताकतों के बीच है। एक देश बेचने वा��े और दूसरे देश बचाने वाले। एक हमारे समाज को तोड़ना चाहते हैं, दूसरे भारत को जोड़ना चाहते हैं। ऐसे में किसी भी सच्चे देशभक्त के मन में संशय नहीं होना चाहिए कि किसके साथ खड़ा होना है।
देश बचाने और भ��रत जोड़ने का काम हर वर्ग को 'न्याय' मिले बिना संभव नहीं है। उचित न्याय वही कर सकता है जो धनबल, बाहुबल और संख्याबल से ऊपर उठकर नैतिक बल के दम पर संघर्ष करे। वो नैतिक बल, वैचारिक स्पष्टता और निडरता @RahulGandhi जी में भरपूर है। इसी नैतिक बल से आकर्षित होकर मैंने कांग्रेस पार्टी से जुड़ने का बड़ा फैसला लिया है।
कांग्रेस जैसी ऐतिहासिक पार्टी के माध्यम से देश और समाज की सेवा का अवसर देने के लिए मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @kharge जी का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि जिस कांग्रेस ने देश की आजादी से लेकर लोकतंत्र को स्थापित करने तक में सबसे बड़ी भूमिका निभाई, मुझे उसका साथ मिल रहा है।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम करके पार्टी में शामिल करवाने के लिए संगठन महासचिव @kcvenugopalmp जी का दिल से धन्यवाद। इस मौके पर सुंदर शब्दों में मेरा स्वागत करने के लिए मीडिया विभाग के चे���रमैन @Pawankhera जी और बिहार प्रदेश अध्यक्ष @akhileshPdsingh जी का भी शुक्रगुजार हूं।
मेरे साथ @_govindmishra @prashant_kamal1 @RajatYadav_ @rishav_ranjan18 समेत @yuvahallabol आंदोलन के दर्जनों नेता पार्टी शामिल हुए। आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में हल्लाबोल आंदोलन के कई साथी पार्टी से जुड़ेंगे और पूरी लगन से देश की राजनीति में नैतिकता को मजबूत करने में भूमिका निभाएंगे।
कैप्टन अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति की आंखों में आंसू आ गए जब उन्होंने कीर्ति चक्र प्राप्त किया। सैनिकों की माताओं और उनकी बहादुर महिलाओं के बारे में बहुत कम लिखा जाता है
सैनिक शहीद होत�� हैं, लेकिन उनकी बहादुर महिलाएं और उनके परिवार भी शहीद होते हैं, शायद हर पल, हर दिन।
जय हिंद
BJP सरकार के अघोषित निर्णयों में से एक है “भर्तियों पर तालेबंदी”
इस सरकार में नई भर्तियाँ बहुत कम आईं
और जो भर्तियाँ आयीं उनको भी लटका दिया गया।
लटकी-अटकी और भटकी भर्तियों का जवाब इस चुनाव में बीजेपी को मिलने वाला है।