कमाल की धाकड़ लडकिय हैं ये तो !
Genz के प्रोटेस्ट तो बहुत देखे होंगे लेकिन अब GenAlfa का प्रोटेस्ट देखिये !
62 किलो मीटर पैदल चलकर जा रही है और बोल रही है हमने गूगल पर सब देखते है हमे मत सिखाइए, हम अपना अधिकार माँगना जानते हैं !
ये मत सोचिये की डरा कर धमकाकर आप हमे चुप करा लेंगे !
बिहार में नेता इस तरह खत्म हो जाएंगे कभी किसी ने सोचा था?
राष्ट्रीय राजनीति पर तो छोड़िए पूरे बिहार में भी अब किसी नेता का कोई असर नहीं दिखता।
नीतीश खतम हैं लालू सीन से बाहर हैं।
तेजस्वी वह छाप छोड़ने में असफल साबित हुए।
सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री तो बन गए मगर वे भी राज्य के बड़े नेताओं में खुद को शुमार नहीं करवा पाए।
कांग्रेस में कोई है नहीं। चिराग पासवान किसी गिनती में नहीं हैं।
आजादी के बाद बिहार में नेता का ऐसा शून्य पहले कभी नहीं देखा!
बांसुरी स्वराज BJP :— राहुल गांधी देश के एक असफल कॉमेडियन हैं।🤔
पवन खेड़ा INC:— हां आप सही कह रही हैं राहुल गांधी इस मामले में असफल हुए हैं और देश में सिर्फ एक ही सफल कॉमेडियन हैं और वो देश के प्रधानमंत्री "मोदी जी" हैं।🔥🔥
पवन खेड़ा का डिबेट में कोई तोड़ नहीं है— ये INC के बेस्ट प्रवक्ताओं में से एक हैं।
उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए “ महालक्ष्मी योजना ,, जैसी स्कीम समाजवादी पार्टी को भी घोषणा करनी चाहिए।
दूसरी यह कि सरकार बनने पर कम से कम 200 यूनिट फ्री बिजली योजना की भी घोषणा करनी चाहिए।
क्यूंकि घर - घर मीटर लगने से अब बिजली का बिल भी बढ़ कर आ रहा, जिसका असर हर परिवार पर पड़ रहा है।
सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट की बैठक में कम से कम 50 हज़ार सरकारी नौकरियों की घोषणा करनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के लिए इस बार का चुनाव बहुत अहम रहने वाला है , जमीनी स्तर पर लोग भाजपा से ख़ुश नहीं हैं।
आरक्षण पर अखिलेश यादव को ज्ञान देने वालो का इस ट्वीट पर स्वागत है मोदी जी का खास बच्चा श्री श्री चिराग़ पासवान आरक्षण पर कुछ कह रहा है औक़ात हो तो पलट कर दो शब्द कह कर दिखाए .
लगातार तीसरे दिन गर्दनीबाग धरनास्थल पर छात्रों के बीच तेजस्वी यादव दहाड़ रहें हैं।
हम किसी भी कीमत पर प्रदेश के छात्र-युवाओं के मुद्दों पर समझौता नहीं होने देंगे। BPSC अभ्यर्थियों को न्याय दिलाकर रहेंगे।
77 वर्ष के PM मोदी की बॉडी लैंग्वेज का खुद आकलन कीजिए।
बेहद परेशान और नाखुश नजर आ रहे हैं। अपनी सीट बेल्ट तक खुद नहीं लगा पा रहे हैं।
सामने खड़े नितिन जी बार-बार नमस्ते करते रहे, लेकिन जवाब में एक बार भी नमस्ते नहीं मिला।
चाहे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा हों या नितिन नबीन—अपमान का यह घूंट शायद पद के साथ पीना पड़ता है।
बेचारे नितिन आखिरी वक्त तक एक बार फिर उनकी तरफ देखने, मुस्कुराने या विदा कहने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
चेहरे के भाव ऐसे थे, मानो किसी खुशी या उत्सव में नहीं, बल्कि किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने आए हों।
BJP वाले मनुस्मृति के समर्थन में कूद पड़े हैं - यह कोई हैरानी वाली बात नहीं है
मनुस्मृति में महिलाओं को सिर्फ दोयम दर्जे का या पुरुष पर निर्भर रहने के लिए ही नहीं कहा गया है - बल्कि तमाम और वाहियात घटिया बातें कहीं हैं -सुनकर खून खौल जाए 👇
▪️मनुस्मृति के पांचवें अध्याय के 148वें श्लोक में कहा गया है कि "एक स्त्री को हमेशा अपने पिता के संरक्षण में रहना चाहिए, विवाह पश्चात पति द्वारा उसका संरक्षण होना चाहिए, पति की मृत्यु के बाद उसे अपने बच्चों की दया पर निर्भर रहना चाहिए. लेकिन किसी भी स्थिति में एक महिला स्वतंत्र नहीं रह सकती"
यानी स्त्री के पास अपने बारे में भी निर्णय लेने के अधिकार नहीं है
▪️मनुस्मृति में महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार नहीं है. सिर्फ वे महिलाएं ही वेदों का अध्ययन कर सकती हैं, जिनका यज्ञोपवीत संस्कार होता है. यानी उच्च वर्ण की कुछ महिलाओं को छोड़कर किसी को कोई शिक्षा लेना का अधिकार नहीं है
▪️मनुस्मृति के 15वें नियम में कहा गया है कि 'महिलाओं का चंचल मन और स्वाभाविक हृदयहीनता की वजह से अपने पति के प्रति धोखेबाज हो सकती हैं. ऐसे में उन्हें निगरानी में रखना चाहिए
▪️मनुस्मृति के दूसरे अध्याय में कहा गया है कि 'पुरुषों को उत्तेजित करना और उनको बहकाना महिलाओं का स्वभाव है. ऐसे में समझदार लोगों को महिलाओं के आसपास संभलकर रहना चाहिए. किसी भी पुरूष को अपनी मां, बहन या बेटी के साथ भी एकांत में नहीं रहना चाहिए, वर्ना स्त्रियों की वजह से पुरूष का धर्म भ्रष्ट हो सकता है
▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि राजा धन और स्त्रियों की रक्षा करता है. मगर विपत्ति में धन या स्त्रियों के प्रयोग से भी राज्य को सुरक्षित रख सकता है. यानी स्त्रियों का उपयोग वस्तु की तरह किया जा सकता है
▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि महिला को अपने माता-पिता या पति की संपत्ति पर प्रत्यक्ष अधिकार नहीं है. अगर वह धन अर्जित करती है तो वो धन उसके पति या पुत्रों को जाएगा. यदि स्त्री के भाई हैं, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा
▪️मनुस्मृति के तीसरे अध्याय में मनु ने महिलाओं की तुलना कुत्ते और सुअर से की है. कहा है कि “जब ब्राह्मण भोजन करें तब उन्हें किसी सुअर, मुर्गे, कुत्ते या किन्नर या ऐसी महिला जो रजस्वला (पीरियड्स) में हो, उसको देखना भी नहीं चाहिए”
तीसरे अध्याय में ही कहा गया है कि उस महिला से विवाह न किया जाए, जिसके बाल और आंखें लाल हो. या एक ऐसी महिला जो नीची जाति की हो
▪️मनुस्मृति के ग्यारहवें श्लोक में कहा गया है कि जिस स्त्री के भाई न हो या जिसके पिता को कोई न जानता हो यानी वो लड़की किसकी है ये किसी को न मालूम हो तो उस स्त्री से विवाह करने वाला आदमी मूर्ख होता है. जबकि बिना बाप वाले पुत्र से विवाह करने में कोई दिक्कत नही है
आख़िर कौन हैं वो महिलायें जिनका खून नहीं खौलता यह सब सुनकर?
मनुस्मृति जिसकी घटिया बातों से यह कहकर ध्यान भटकाने की कोशिश है कि बाक़ी धर्मों की बात नहीं हो रही - ऐसे लोग तो राजा राममोहन रॉय को सती प्रथा ख़त्म करते वक़्त कहते बाक़ी धर्मों की कुरीतियाँ ख़त्म कीजिए. ये कैसी बचकानी बेहूदी और महिला विरोधी बात है
आख़िर BJP वाले मनुस्मृति का बचाव कैसे कर सकते हैं?
मैं जब पुणे आने के लिए पैकिंग कर रही तो मुझे पता चला कि मेरे खिलाफ छत्तीसगढ़ में FIR दर्ज हो गई है।
इस देश में जब भी कोई आवाज उठती है तो उसे बदनाम करने की कोशिश बहुत की जाती है।
हम लोग के साथ ये सब बहुत कम हुआ है लेकिन राहुल गांधी जी के खिलाफ नैरेटिव बनाने की जो कोशिश की गई वो बहुत अलग है।
लेकिन अब सब बदल चुका है , पहले लोग कुछ भी यकीन कर लेते थे लेकिन अब लोगों के अंदर जागरूकता आ रही है।
मैं जब से सोशल मीडिया पर ऐक्टिव हूँ तब से कुछ लोग गंदी से गंदी और भद्दी गालियाँ देते हैं और मेरे ख़िलाफ़ वीडियो बनाते हैं।