कुछ दिन पहले मै इंस्टाग्राम पर सौराष्ट्र की चिप्स वेफर नमकीन कंपनी गोपाल नमकीन के मालिक विपिन भाई हदवानी का एक पॉडकास्ट सुन रहा था
उन्होंने बताया कि जब उसकी फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी सारा प्रोडक्शन बंद हुआ था तब तुरंत बालाजी वेफर के मालिक और उनके सबसे बड़े कम्पटीटर चंदू भाई विरानी ने उन्हें फोन किया और कहा कि विपिन भाई जब तक आपकी फैक्ट्री में काम का शुरू नहीं होता तब तक आप मेरे यहां से माल लेकर पैकिंग करवा कर अपना आर्डर पूरा करिए ताकि आप के डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर आपके ही पास रहे
अब आप सोचिए कि दोनों एक दूसरे के सबसे बड़े प्रति���ोगी हैं यानी कम्पटीटर है दोनों बाजार पर कब्जा करने के लिए मार्केट में है लेकिन जब गोपाल नमकीन की फैक्ट्री में आग लगी तब उनके सबसे बड़े कम्पटीटर ने किस तरह से अपने कम्पटीटर को संभाला
यह बिजनेस का व्यापार का सही नीति होता है और यही कारण है कि गुजरात बिजनेस और ��्यापार में इतना आगे है
NEET हिंदी परीक्षा की इस टॉपर बहन की ये वीडियो जरूर देखनी चाहिए-
तैयारी इतनी की है कि प्रयोग किए गए पेन गिन नहीं पाओगे - पढ़ पढ़कर पेज घिसकर फट गए है ❤️��👏
तब जाकर इस 140 करोड़ के देश में टॉप होता है।
या तो पढ़कर AIIMS BHU जैसे टॉप संस्थानों में एडमिशन ले लो, या सड़को पर अराजकता करके अपने माँ बाप की मेहनत की कमाई को कोर्ट कचहरी में बर्बाद कर लो।
*मोदी कौन है ?*
इसका जवाब एक जानकार *राजनैतिक वैद्य* ने बड़ा सुंदर समझाया।
आयुर्वेद और मेडिकल सांईस में *शहद* को अमृत के समान माना गया हैं।
लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि शहद को अगर *कुत्ता* चाट ले तो वह मर जाता हैं। यानी जो मनुष्यों के लिये अमृत हैं वह शहद *कुत्तों* के लिये जहर है।
शुद्ध *देशी गाय के घी* को आयुर्वेद और मेडिकल सांईस औषधीय गुणों का भंडार मानता हैं।
मगर आश्चर्य, गंदगी से प्रसन्न रहने वाली *मक्खी* कभी शुद्ध देशी घी को नहीं खा सकती।
गलती से अगर *मक्खी* देशी घी पर बैठ कर चख भी ले तो वो तुरंत तड़प तड़प कर वहीं मर जाती है।
आर्युवेद में *मिश्री* को भी औषधीय और श्रेष्ठ मिष्ठान्न माना गया हैं।
लेकिन आश्चर्य, अगर *गधे* को एक डली मिश्री खिला दी जाए, तो कुछ समय में उसके प्राण पखेरू उड़ जाएंगे।
यह अमृत समान श्रेष्ठ मिष्ठान, मिश्री *गधा* कभी नहीं खा सकता हैं।
*नीम* के पेड़ पर लगने वाली पकी हुई निम्बोली में कई रोगों को हरने वाले औषधीय गुण होते हैं।
आयुर्वेद उसे *"उत्तम औषधि"* कहता हैं।
लेकिन रात दिन नीम के पेड़ पर रहने वाला *कौवा* अगर निम्बोली खा ले तो उस कौवे की मृत्यु निश्चित है।
मतलब, इस धरती पर ऐसा बहुत कुछ हैं... जो हमारे लिये अमृत समान हैं, गुणकारी है, औषधीय है...
पर इस धरती पर ऐसे कुछ जीव ऐसे भी हैं जिनके लिये वही *अमृत... विष है।*
*मोदी वही गुणकारी अमृतमय औषधि है।*
लेकिन कुत्तों *(आतंकवादी-दंगाई),*
मक्खियों *(देशद्रोही-गंदगी),*
गधों *(वामपंथी सोच-राजनैतिक मूर्ख)*
और
कौवों *(स्वार्थी कपटी मीडिया)* आदि के लिये... विष ��मान है।
इसलिये यह कुछ तत्व इतने भयभीत हैं।
एक वोट की ताकत देखिये!!
जंतर मंतर में धरने पर बैठने के लिए लोग नहीं मिल रहे हैं
यही अगर केजरीवाल की सरकार होती तो अब तक टेंट तंबू लग जाते,ट्रैक्टर आ जाते, पूरी दिल्ली जाम हो जाती, अफरा तफरी का माहौल होता!
आज देखो , सन्नाटा पसरा हुआ है।
अनशन पर बैठे हुए वांगचुक को सुनो ।
वह भी कह रहा है कि मैं अनशन कर रहा हूं और यहां लोग ठूंस ठूंस कर खा रहे हैं।
उमर खालिद और शरजील इमाम के जेल में बं�� होने का असर देखिये!
एक जुनैद के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा है !
अभी तक 'आप' का अमानुल्लाह खान भी दिखाई नहीं पड़ा है!
ये आपके एक वोट की ताकत है।
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रखने के शौकीन शादीशुदा लोगों को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली डेटिंग ऐप एशली मेड���सन (Ahshley Madison) ने मई 2026 का डाटा शेयर किया है।
इस डेटा के अनुसार, भारत के जिस शहर में सबसे अधिक एकस्ट्रा मैरिटल रिलेशन रखना चाहते हैं, उसका नाम ही कांचीपुरम। तमिलनाडु का कांचीपुरम वही शहर है जो अपने ऐतिहासिक मंदिरों और विश्व प्रसिद्ध 'कांचीवरम' रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। इस शहर को भारत के सबसे पवित्र और प्राचीन शहरों में से एक माना जाता है।
पिछले साल भी कांचीपुरम पहले नंबर पर था। अब इसे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कैपिटल bh कहा जाने लगा है।
वहीं, दूसरे नंबर पर कोयंबटूर, तीसरे पर पर तिरुवल्लूर और चौथे स्थान पर चेन्नई है। ये सभी शहर तमि��नाडु में स्थित हैं और बेहद प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक शहर हैं।
इस लिस्ट में पांचवें नंबर गुरुग्राम, छठे नंबर पर नोएडा है, सातवें नंबर पर बेगलुरु, आठवें नंबर पर देहरादून, नौवें नंबर पर पुणे और दसवें नंबर पर दिल्ली है।
ये आंकड़े बताते हैं कि कथित आधुनिकता की सबसे बड़ी मार और वैवाहिक संस्था में सबसे ज्यादा अविश्वासी महानगर नहीं बल्कि धार्मिक एवं प्राचीन नगरी बन रहे हैं। देहरादून जैसे शहर तक में इसकी लपट पहुंच गई है।
भारत के हिंदुओं की प्रजनन दर इतिहास में पहली बार गिरकर 1.9 हो गई है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो भारत में हिंदू जनसंख्या घटती जाएगी ।
कम प्रजनन दर का एक बड़ा कारण ये है कि शिक्षित होने के बाद महिलाएँ अधिक ��च्चे पैदा नहीं करना चाह रहीं।
परिवार और करियर के बीच संतुलन का मामला आ जाता है।
आजकल शादियाँ भी देर से हो रहीं।
दक्षिण भारत में भी अब वन-चाइल्ड फैमिली आम बात है।
संयुक्त परिवार वाली परंपरा देश भर में कमज़ोर हो रही है। पलायन के कारण अब लोग फ्लैट्स में रह रहे हैं, जगह की भी कमी है और शहरों में बच्चों की शिक्षा भी महँगी।
शायद 'पूतो फलो' आशीर्वाद वाला भारत अब 'हम दो हमारे दो' से भी नीचे जा रहा है।
जहाँ पहले बच्चे ही बच्चे गली-मोहल्लों में खेलते हुए दिखाई देते थे, अब उसमें भी कमी आ जाएगी।
कुल मिलाकर, हिंदू अल्पसंख्यक होने की राह पर है ।
सांप तो मारे दहशत के मर गया है
पश्चिम बंगाल में तो बिना लाठी चलाए मारे दहशत के साँप मर गया है l आज बकरीद है l पर दिलचस्प यह है कि पश्चिम बंगाल में बकरीद से ज़्यादा उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की धमक चहूँ ओर है l कोलकोता हाईकोर्ट के फ़ैसले ���े गोकशी पर प्रतिबंध पर मुख्य मंत्री शुभेंदु के फ़ैसले पर मुहर मार दी है l इधर सुप्रीम कोर्ट ने भी एस आई आर पर मोहर मार दी है l डबल झटका है इंडिया गठबंधन और ��राजक, हिंसक मुसलमानों के लिए l परिणाम सामने है l सारे मुफ़्ती, मौलाना एकसुर से कह रहे हैं कि हुकूमत की बात मानी जाएगी l गाय की कुर्बानी की डिंग हांकने वाला बाबरी मस्जिद वाला हुमायू कबीर जाने किस बिल में घुस गया है कि सांस ही नहीं ले रहा l
कोलकाता के रेड रोड सहित पश्चिम बंगाल की सभी सड़कों पर नमाज भी नहीं होगी l वह एक भजन है न : मेरा आप की कृपा से सब काम हो रहा है / करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है ! तो पश्चिम बंगाल में शुभेंदु का सारा काम योगी की हनक से हो रहा है l बतर्ज भजन कहें तो कहें कि करते हो तुम योगी मेरा नाम हो रहा है l ग़ौरतलब है कि केंद्रीय पुलिस बल अभी भी पश्चिम बंगाल में उपस्थित हैं l एक बंगाली औरत आज बहुत जोश से बोल रही थी, भारत माता की जॉय ! कह रही थी कि अगर तृणमूल जीत जाती तो हम लोग ज़िंदा नहीं रहता !
योगी ने उत्तर प्रदेश में जो कर दिखाया है , नज़ीर बन कर उपस्थित है , पश्चिम बंगाल में l भाजपा को मिला पूर्ण बहुमत सिर चढ़ कर बोल रहा है l सारे हिंसक और अराजक मुस्लिम अपनी मांद में छुप गए हैं l जान गए हैं कि शुभेंदु , योगी के पांव छूते हैं l योगी के फ़ालोअर हैं l जानते हैं कि क़ानून व्यवस्था ठीक रही तो सब गुड रहेगा l नहीं सब गोबर हो जाएगा l
सो पश्चिम बंगाल में बातचीत में मुल्लाओं का खौलता लेकिन हताश चेहरा दिखता है , मद्धिम गुस्सा सुनाई देता है पर विरोध लेशमात्र नहीं , समर्पण की मुद्रा है l याचना की मुद्रा है l सभी मुल्ले एकसुर से बोल रहे हैं , गाय की कुर्बानी नहीं ! हुकूमत की बात मानी जाएगी l
पश्चिम बंगाल कुछ गिनती के दिनों में इतना ज़्यादा बदल गया है कि पूछिए मत l बात बेबात हिंसा के लिए परिचित पश्चिम बंगाल, बुद्ध का बंगाल हुआ दिखता है l नो हिंसा l अहिंसा परमो धर्म ! क्या यह वही ममता बनर्जी की अल्ला क़सम वाली गुंडई या वामपंथी हिंसा , खून खच्चर वाला बंगाल ह�� ? यक़ीन नहीं होता l
पश्चिम बंगाल ही क्यों महाराष्ट्र में भी बकरीद का यही आलम है l बकरीद पर कुर्बानी का मंजर मातम में तब्दील है l नो अंड-बंड ! सोसाइटियों से बकरियां बाहर किए जाने का मंज़र है l ट्रक के ट्रक बकरियाँ बाहर निकाली जाती दिखीं l वह भी मीरा रोड जैसी हिंसक जगह से l क्या तो सोसाइटी के अंदर कुर्बानी नहीं होगी l तय जगह ही होगी l
उत्तर प्रदेश का तो खैर कहना ही क्या ! सब कुछ पहले ही से आल राइट है l योगी ने बता दिया है कि प्यार से मान लो तो अच्छा है l नहीं मानोगे तो दूसरा रास्ता भी है l उत्तर प्रदेश के मुसलमान जो सपा , बसपा राज में हिंसक और अराजक थे , योगी राज में प्यार से बात मान जाते हैं l क्यों कि संभल , बरेली आदि उन के सामने हैं l फिर योगी के प्यार में ताक़त बहुत है l क्या अतीक, मुख़्तार, क्या आज़म ख़ान , क्या तौक़ीर रज़ा, क्या जलालुद्दीन ! सभी योगी के प्यार का तराना गाते हुए मिलते हैं l जो हैं , वह भी l जो नहीं हैं , वह भी l साहिर ने लिखा ही है कि जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा !
तो सभी निभा रहे हैं l उत्तर प्रदेश तो उत्तर प्रदेश , पश्चिम बंगाल , महाराष्ट्र ��दि भी वादा निभाने के मामले में एक दूसरे से आगे हैं l होड़ लगी हुई है l
बकरीद का सारा मंज़र , अराजकता और हिंसा की कुर्बानी इस तरह समर्पित हो कर उपस्थित मिलेगा , किसी ने सपने में नहीं सोचा था l और तो और बांग्लादेशी जो अपने को यहाँ का बाप मान रहे थे , बार्डर पर पहुंच गए हैं l जल्दी से जल्दी बांग्लादेश में दाखिल ही जाना चाहते हैं l पूरी रैली है बार्डर पर बांग्लादेशियों की l दूसरी तरफ़ बार्डर पर फैंसिंग के लिए बी एस एफ को ज़मीन मिल गई है l फैंसिंग शुरू हो गई है l नो विरोध l साबित हो गया है कि शासन इक़बाल और धमक से चलता है l
योगी जी को सैल्यूट है !
कि इक़बाल और धमक हो तो ऐसी ही l क़ानून का राज हो तो ऐसा ही l बिना लाठी चलाए मारे दहशत के साँप मर जाए l पौराणिक कथाओं में कन्हैया ने कभी नाग का फ़न कुचल दिया था l आज फिर वर्तमान में भी साँप का फ़न कुचल दिया है l वह कहते हैं न कि
हाथी घोड़ा , पालकी
जय कन्हैया लाल की !
क्या आपको नहीं लगता Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए?
बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं।
पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI double century लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL debut करने वाले ���िलाड़ी बने। और गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।
लेकिन एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही जिसके हम हकदार हैं।
मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी world class infrastructure और support बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।
और मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूँ। बिहार की क्रिकेट टीम और यहाँ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से unconditional support दूंगा।
बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक emotion है।
और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का talent मैदान पर दिखे।
राहुल मोची बना, एक भी कांग्रेसी ने सड़क पर मोची की दुकान नहीं खोले।
राहुल कुली बना, एक भी कांग्रेसी ने रेलवे स्टेशन पर बोझ नहीं ढोया।
राहुल मैकेनिक बना किसी कांग्रेसी ने पेचकस भी नहीं उठाया।
राहुल किसान बना किसी कांग्रेसी को गेहूं और धान के बीच का फर्क नहीं पता।
राहुल सब्जी वाला बना कोई कांग्रेसी सब्जी नहीं बेचा।
दूसरी तरफ मोदी बंगाल में झल मुरी खाए। पूरा बंगाल और दे��� झल मुरी खाने लगा।
मोदी ने जॉर्जिया मेलानी को मेलोडी टॉफी भेंट किया। देश से मेलोडी का स्टॉक खत्म हो गया।
मेलोडी अंतरराष्ट्रीय टॉफी बन गया। मोदी ने लोकल को ग्लोबल कर दिया।
यही फर्क है राहुल और मोदी में।
मोदी को गाली देने से कोई नेता नहीं बन जाएगा। दुनियां में भारत को बदनाम करने वाला नेता नहीं बन सकता।
जो देश का सम्मान करेगा वह नेता बनेगा। मोदी ने विश्व में भारत का सम्मान बढ़ाया। मोदी ��ी देश के वास्तविक नेता है।
@choudharykrs Sahi nabz pakde hai. Main pichle 6-7 saalon se Chennai mein hoon...yanha bhasha ke alawa aur kuch matter nahi karta..mere society mein 5-10 percent Christian and Muslim hone ke baad bhi Christmas aur Eid waise hi manate hai jaise koi Hindu festival.
Tamilnadu:- एक अभेद्य किला
अभी हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव संपन्न हुए, तमिल एक्टर जोसेफ विजय की नई नवेली पार्टी जीती और अंत में वो मुख्यमंत्री बने।
इस चुनाव के बाद कई तमिल लोगों से बातचीत हुई। उनके मन की थाह लेनी चाही। वो क्या सोचते हैं, क्या चाहते हैं और किस तरह का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।
कुछ समय पहले का एक बयान, जो कि तत्कालीन DMK पार्टी के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि ने दिया था, जिसमें उन्हों कहा था कि,
"सनातन धर्म डेंगू मलेरिया के समान है और इसे खत्म होना जाना चाहिए"
कोई हंगामा, विवाद नहीं हुआ इस पर तमिलनाडु में, 85% जनता हिंदू है।
उनको कोई फर्क नहीं पड़ा, मुझे लगा शायद ध्यान नहीं दिया हो। इसलिए याद दिलाया और नेट पर सर्च करके दिखाया। 90% लोग बस मुस्कुरा दिए। 10% लोग बोले ये सब केवल politics के लिए बोलते हैं, जब ये पूछा कि पॉलिटिक्स जो भी हो, आपके धर्म को आपका नेता गलत बोल रहा है तो इसका विरोध करेंगे ?.. या कम से कम चुनावों में ही इस पार्टी को वोट नहीं करेंगे ?.
सभी का जवाब नेगेटिव था, अर्थात इसके बाद भी वो dmk को ही वोट देंगे, फर्क नहीं पड़ता वो सनातन धर्म को क्या कहते हैं या इसके विरोध में क्या करते हैं।
विकास आदि छोड़ दें तो उत्तर भारत में बीजेपी के पास क्या मुद्दे हैं?.. सीमा पार का आतंकवाद, मजहबी कट्टरता से बहुसंख्यकों की सुरक्षा, पहले था राम मंदिर, लव जिहाद, अन्य पार्टियों की गुंडई ।
अब दक्षिण भारत में तो ये मुद्दे ही नहीं हैं। सीमा अपर आतंकवाद इधर मुद्दा नहीं समझा जाता क्योंकि सीमा से बहुत दूर हैं ये। राम मंदिर आदि से फर्क नहीं पड़ता इनको, हां ! म��दिर बन गया है तो दर्शन करने आते हैं, काशी विश्वनाथ की तारीफें करते हैं, पर श्री राम मंदिर के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा उससे इनका कोई वास्ता नहीं, वो कम्युनल way था।
मजहबी कट्टरता, लव जिहाद.. उत्तर भारत की जनता त्रस्त है, त्राहिमाम कर चुकी है वो सब यहां कई गुना ज्यादा होता है, पर .. जनता को फर्क ही नहीं पड़ता। एक तिनके का फर्क नहीं।
मजहबी कट्टरता से होने वाले नुकसान, प्रताड़ना आदि को इधर के लोग अल्पसंख्यकों का विशेषाधिकार मानते हैं, उन्हें नादान और प्रताड़ित कह कर खुद ही उसका बचाव करते हैं। ये सब इधर के लोगों के लिए शरारतें मात्र ।
लव जिहाद भरपूर होता , खुलेआम होता है, उसे सामाजिक मान्यता प्राप्त है। इससे यहां की जनता उद्वेलित नहीं होती, इसका विरोध करने वाला कम्युनल माना जाता है। खासकर ईसाई लड़का हिंदू लड़की की शादी बहुत ज्यादा कॉमन है। यहां जाति का महत्व ज्यादा है, अगर ईसाई लड़का आपक�� ही जाति का है और उनका परिवार कन्वर्ट हुआ है तो फिर लड़की का विवाह ईसाई लड़के से करने में कोई दिक्कत नहीं।
भ्रष्टाचार यहां कोई मुद्दा नहीं। थोड़ा डेवलप्ड राज्य है, कोस्टल एरिया है। तो नेताओं द्वारा भ्रष्टाचार को लोग उनका विशेषाधिकार मानते हैं और उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
यहां अभिनेताओं के लिए भारी दीवानगी है, इसी कारण पिछले कई अभिनेता CM की कुर्सी पर बैठ चुके हैं। विजय ने भी नई पार्टी बनाई और तुरंत CM बन गए। इनकी काम करने की क्षमता किसी को पता नहीं, इंटेंशन किसी को पता नहीं।
तो यहां जब जनता को समस्या ही नहीं, मजहबी कट्टरता में मजा आता हो, लव जिहाद सांस्कृतिक और समरसता का कार्यक्रम माना जाता हो, भ्रष्टाचार नेताओं का style एक अदा माना जाता हो, तो उसमें बदलाव लाने वाली पार्टी को लोग कहां स्वीकार करेंगे?
जब घाव में खुजली करने में मजा आने लगे, तो घाव में मरहम कौन लगवाना चाहेगा... अभी घाव, नासूर नहीं बना.. जब बन जाएगा तो डॉक्टर की मांग उठेगी, तब कोई राष्ट्रवादी पार्टी इलाज करने आएगी।
फिलहाल घाव को रिसने दो ....
#tamil
#South
#politics
मेरे पिताजी पूज्य श्री हरिशंकर जैन जी की कठोर मेहनत, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है कि आज हिंदू समाज ��ह दिन देख पाया। 2 मई 2022 को उन्होंने माननीय इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस न्यायिक लड़ाई की शुरुआत की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज ऐतिहासिक फैसला आया है।
सोना चांदी महंगी होगी तो आर्टिफिशल ज्वेलरी आप्शन है.. डीजल पेट्रोल महंगा होगा तो इलेक्ट्रिक वाहन ऑप्शन है.. LPG नहीं मिली तो इंडक्शन, गोबर के उपले या लकड़ी ऑप्शन है.. बिजली चली गई तो सोलर, लालटेन, पेट्रोमेक्स ऑप्शन है। लेकिन.. दिल्ली की गद्दी से बब्बर शेर (मोदी) को हटाकर किसी चमचे को बिठा देना तो कतई ऑप्शन में नहीं है।
बहू के छोटे कपड़े पहनने की जिद ने ले ली सास ससुर की जान!
घटना हरियाणा पानीपत की है जहां परिवार वालों के मुताबिक बेटा आशीष अपनी पत्नी के साथ दिल्ली रहता था बहू को छोटे कपड़े पहने के लिए सास ससुर मना करते थे लेकिन बहू सास ससुर की बात ना मानकर छोटे कपड़े पहनती और पब बार भी जाती थी और वहां अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थी सास ससुर का कहना था कि बहू की रील देखकर गांव वाले उनका मजाक उड़ाते थे सास ससुर के बार-बार बहू को छोटे कपड़े तथा पब बार 🍻 न जाने के लिए माना किया करते थे इससे बहु बहुत गुस्सा करती थी एक दिन बहू और बेटे ने सास ससुर से बहुत ज्यादा झगड़ा किया और जेल भेजने की धमकी दे दी!
बेटे और बहू की धमकी देने के कारण माता-पिता ने जहर खाकर अपनी जान दे दी!
आप लोगों की क्या राय है बेटे और बहू जिनको केवल छोटे कपड���े पहनने के लिए माना किया था क्या बेटे को मां बाप को जेल भेजने की धमकी देना चाहिए था?
500+ days in jail.
Bail denied. Again.
Chinmoy Krishna Das Prabhu, a spiritual leader and an ISKCON monk, continues to languish behind bars in Bangladesh while the world watches.
When even his lawyers are intimidated, threatened and silenced in court corridors, what justice are we even talking about?
Is advocating for the rights of the Minority Hindu community a crime? When a saffron-clad soul is treated like a criminal for raising his voice, the world CANNOT remain silent.
I appeal to the Government of Bangladesh to give medical aid and, more importantly, access to fair justice to Chinmoy Krishna Das Prabhu immediately. May he be granted bail at the earliest.
And to all the pseudo-secularists and Selective Human rights Activists around the World who flood timelines overnight, wave watermelons and trend hashtags on cue, your silence can be still heard. Apparently, your humanity has a filter.
@bdhc_delhi@UNHumanRights@UN_HRC@UN
#FreeChinmoyKrishnaDas
इंडियन मुस्लिम लीग ने 26 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में जिन 27 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें से 22 पर जीत हासिल की।
सभी विजेता मुस्लिम हैं।
वे सभी केरल के मुस्लिम बहुल इलाकों से चुने गए।
अब मुझे फिर से बताइए कि IUML एक सेक्युलर पार्टी है, जबकि BJP सांप्रदायिक है।
सिर्फ म��र्ख और दिमाग से अंधे हिंदू ही इस बात पर विश्वास करेंगे।
#शशि_थरूर ने केरल में वोटिंग के सेक्युलरिज़्म की तारीफ की थी।
यह केवल हिंदुओं के लिए सच है।
हिंदू बहुल क्षेत्रों में ईसाई और मुस्लिम उम्मीदवार जीत सकते हैं, लेकिन मुस्लिम या ईसाई बहुल क्षेत्रों में कोई हिंदू उम्मीदवार नहीं जीत सकता।
केरल में चुनाव हमेशा धर्म के आधार पर होते हैं। हमेशा।
केरल भारत का सबसे सांप्रदायिक राज्य है।
मैं खास तौर पर केरल का ज़िक्र क्यों कर रहा हूं?
क्योंकि केरलवासी अपनी साक्षरता, श्रेष्ठ संस्कृति, सेक्युलरिज़्म और कम्युनिज़्म का बहुत दावा करते हैं।
— यह सब सिर्फ दिखावा है।
केरल भारत के किसी भी अन्य राज्य से ज्यादा सांप्रदायिक है।
भाजपा ने बंगाल में 205 सीटें जीत ली हैं,
अब सवाल ये है कि जब बहुमत के लिए सिर्फ 148 सीटें चाहिए थी तो जनता ने भाजपा को 57 सीटें ज्यादा क्यों दी?
क्या अच्छा नहीं होता कि भाजपा की सरकार बनाने के साथ वो बाकी सीटों में कांग्रेस और वामपंथी दलों को ले आती, इससे देश में लोकतंत्र मजबूत होता।
अब भाजपा जरूर बंगाल में नए नए एक्सप्रेस वे बनायेगी जिससे लोग पटना से कोलकाता 5 घण्ट�� जल्दी पहुँच जाएंगे और फिर उन 5 घण्टो में क्या करेंगे ये सोचने का विषय होगा।
भाजपा अब बांग्लादेश की सीमा पर बाड़ लगाने के लिए किसानों से जमीन लेकर देगी, जिससे बांग्लादेश के किसानों का कितना नुकसान होगा... क्योंकि सीमा पर जमीन भले भारत में हो या बांग्लादेश में उस पर खेती तो गरीब बांग्लादेशी किसान ही करता है। पहले उनसे वोट डालने का अधिकार छीन लिया अब उनसे जमीन छीन ली जायेगी... इसके खिलाफ आवाज उठाइये क्योंकि उस से मुझे व्यूज मिलेंगे और फिर यूट्यूब के पेआउट से ही तो मेरा घर चलता है।
अच्छा अब मैं चलता है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह रिकॉर्ड जीत हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के दशकों के अथक प्रयास और संघर्षों का परिणाम है। मैं उन सभी को नमन करता हूं। उन्होंने जमीनी स्तर पर निरंतर कड़ी मेहनत की है और अनेक चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने हमारे विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। वे हमारी पार्टी की असली ताकत हैं।
@BJP4Bengal
पत्रकार अशोक श्रीवास्तव जी के घर तेलंगाना पुलिस के आने की सूचना है। पता चला कि तेलंगाना पुलिस तिलक मार्ग थाना भी गई थी। वहां से और पुलिस बल लेकर शायद छापा मारने और गिरफ्तार करने की योजना होगी। डीडी न्यूज़ का केंद्र तिलक मार्ग थान��� में ही आता है। यह अत्यंत गंभीर विषय है। तेलंगाना की पुलिस कौन सा मामला लेकर आई है यह अभी नहीं पता। जो भी साथी इस संदर्भ में कानूनी रूप से कुछ कर सकते हैं अवश्य करें । केंद्र सरकार भी ध्यान दें। कोई पत्रकार टेलीविजन के अपने डिबेट में कुछ बोलता है, बहस करता है उसके विरुद्ध इस तरह मुकदमे हों ,पुलिस दूर-दूर से आए तो फिर काम करना मुश्किल होगा। पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं और ज्यादातर कांग्रेस की सरकारों ने ही ऐसा किया। यह खतरनाक प्रवृत्ति है। क्या कांग्रेस चाहती है कि कोई पत्रकार खुलकर कुछ बोले नहीं? किसी पत्रकार से आपका मतभेद हो सकता है, उसकी बात आपको गलत लग सकती है लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसका सामना करने का तरीका पुलिस नहीं हो सकती। पहले कांग्रेस के लोगों ने डीडी न्यूज़ के सामने हिंसक प्रदर्शन तक किया और अब एक राज्य की पुलिस आ गई है। कल कर्नाटक क��� पुलिस आ जाए फिर हिमाचल प्रदेश की आ जाए। कांग्रेस देश में किस तरह का माहौल पैदा करना चाहती है?
@HMOIndia @LtGovDelhi @CPDelhi @PMOIndia @AmitShahOffice @RahulGandhi @priyankagandhi @gurdeepsappal @