उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा समस्त भर्तियों में वेटिंग लिस्ट का प्रावधान लागू करना अनिवार्य है क्योंकि एक साथ UPSSSC में लगभग एक दर्जन से ज्यादा भर्तियां साथ चलती है जिसमें एक ही अभ्यर्थी समस्त भर्तियों में आवेदन करते और समस्त अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में चयनित होते है
"आईपीएस लक्ष्मी सिंह जी के पिता और विधायक राजेश्वर सिंह जी के ससुर अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह की हत्या के मामले में कोर्ट ने 3 आरोपियों को दोषी करार दिया है.."
देश की अदालतों की विडंबना देखिए.. एक आईपीएस को ही न्याय मिलने में 24 साल लग गए..
इंद्रदेव सिंह लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं..
8 अगस्त 2002 की शाम 4.30 बजे अपने चैंबर से स्कूटर से महानगर स्थित आवास जाने के लिए निकले थे.. कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे कांग्रेस नेता स्वरूप कुमारी बक्शी के घर के पास उन्हें गोली मार दी गई थी..
आईपीएस लक्ष्मी सिंह की मां नयनतारा सिंह ने कैसरबाग कोतवाली में रामकुमार वर्मा, सुरेश वर्मा, सुर्जन वर्मा, सुरेश वर्मा उर्फ डॉक्टर सुषमा वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.. सरकार की सिफारिश पर मामला सीबीआई को सौंपा गया था. जांच में कई अन्य नाम प्रकाश में आए जिन्हें आरोपी बनाया गया..
सुनवाई के दौरान मन्ना लाल गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता और छोटेलाल उर्फ छोटू की मौत हो गई.. सीबीआई की कोर्ट ने तीन आरोपियों विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव को दोषी करार देते हुए सजा की तारीख 7 जुलाई तय की है..
विक्रम ने ही इंद्रदेव सिंह को गोली मारी थी.. उसने इंद्रदेव सिंह से लिफ्ट मांगी.. इंद्रदेव सिंह ने उसे स्कूटर पर बैठाया.. कुछ दूर चलते ही विक्रम ने इंद्रदेव सिंह की कनपटी पर तमंचा सटाकर उन्हें गोली मार दी..
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अखबारों की सुर्खियां चीख-चीख कर कह रही हैं—'एक अभ्यर्थी, एक पद'। जब खुद मीडिया इस विसंगति को दिखा रहा है, तो भर्ती बोर्ड आंखें क्यों मूंदे है? 2021 की तर्ज पर 124 कॉमन छात्रों की तरह इस बार भी डीलिस्टिंग का न्याय चाहिए!
@myogioffice@myogiadityanath अखबारों की सुर्खियां चीख-चीख कर कह रही हैं—'एक अभ्यर्थी, एक पद'। जब खुद मीडिया इस विसंगति को दिखा रहा है, तो भर्ती बोर्ड आंखें क्यों मूंदे है? 2021 की तर्ज पर 124 कॉमन छात्रों की तरह इस बार भी डीलिस्टिंग का न्याय चाहिए!