यूपी कांग्रेस के युवा नेता शिवाकांत तिवारी बिंदकी विधानसभा में कुछ इस तरह से व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस नेता अपने अपने जिलों में सक्रिय है।
ये रत्ना देबनाथ हैं। रत्ना ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल में चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। रत्ना अब विधायक हैं। लेकिन उनकी एक और पहचान यह है कि वो कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता की मां हैं। दरअस्ल कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को एक ट्रेनी महिला डॉक्टर को बलात्कार के बाद मार दिया गया था। इस घटना के बाद देश भर में डॉक्टरों ने व्यापक विरोध-प्रदर्शन किए थे। इस मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को सियालदह कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई हुई है।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज की इस घटना को तत्कालीन विपक्ष भाजपा ने ज़ोर शोर से उठाया, इसे आंदोलन की शक्ल दी, और जब बंगाल चुनाव आया तो पीड़िता की मां को टिकट देकर साबित कर दिया कि रत्ना देबनाथ उत्पीड़न एवं दरिंदगी की शिकार होने वाली महिलाओं को इंसाफ दिलाएंगी। आम जन-मानस को रत्ना से यह उम्मीद इसलिए ज्यादा थी, क्योंकि रत्ना खुद उस बेटी की मां हैं, जिसे दरिंदों ने नोच-नोच कर मार डाला था। क्या रत्ना आम जनमानस की उम्मीदों पर खरा उतर पा रही हैं?
हाल ही में बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग युवती को दरिंदगी के बाद मार दिया गया। जिसके बाद इलाके में भारी तनाव और विरोध प्रदर्शन हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बारुईपुर जाना चाहती थीं लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दरिंदगी और जिंदा अवस्था में पानी में फेंके जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी आनंद सरदार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन सवाल रत्ना देबनाथ का है। वो क्यों खामोश हैं? क्या उन्हें बारुईपुर की पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए आगे नहीं आना चाहिए?
जिस महिला को जनता ने चुनाव ही इसलिए जिता दिया हो कि वो महिलाओं की बेटियों की बच्चियों की आवाज़ बनेगी! उस महिला की बारुईपुर घटना पर आवाज़ नहीं निकल रही है? जबकि होना तो यह चाहिए था कि बारुईपुर की पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए रत्ना देबनाथ पहली पंक्ति में नज़र आतीं! लेकिन वो ढूंढे से भी नहीं दिख रही हैं। यह कैसी राजनीति है? यह कैसी जन सेवा है? पत्रकार @ravish_journo ने एक बार कहा था कि राजनीति में हारकर आप कुछ नहीं बदल सकते, और जीतने के बाद आप खुद बदल जाते हैं। क्या रत्ना देबनाथ रवीश के कथन को चरितार्थ कर रही हैं?
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 13 साल की मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप और मानव तस्करी की एक खौफनाक वारदात सामने आई है। 18 जून 2026 को श्रीविजयनगर से लापता हुई बच्ची को एक ई-रिक्शा चालक रामबाबू ने बहला-फुसलाकर होटल संचालक को बेच दिया था। इसके बाद 'होटल जॉय इन' और 'ड्रीम' समेत चार होटलों में पांच दिनों तक बंधक बनाकर 30 से अधिक लोगों ने उसके साथ दरिंदगी की। विरोध करने पर बच्ची को जबरन शराब पिलाई जाती थी और एक मैनेजर ने उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भेजकर अन्य दरिंदों को बुलाया था।
22 जून को पुलिस ने बच्ची को बरामद कर मामले का भंडाफोड़ किया। एसपी हरिशंकर यादव के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बच्ची तौर कहती सुनाई दे रही है, "मेरे मरने के बाद ये सब पुलिस वाले फंसेंगे... वे नहीं चाहते कि मैं ज़िंदा रहूं।
हालाँकि, सोशल मीडिया और कई न्यूज़ एजेंसियों के दावों के बीच राजस्थान की श्रीगंगानगर पुलिस ने इस घटना को अफवाह करार देते हुए इसे उत्तर प्रदेश के हरदोई का बताया।
आज NSUI के संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत, लोकतांत्रिक और युवा-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
AICC मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी श्री @kanhaiyakumar जी, केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य @KiranMINC जी, @KKShastrii जी, @nishant_mandal जी के साथ संगठन के आंतरिक चुनावों की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।
NSUI हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी में विश्वास रखती है। आंतरिक चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नए नेतृत्व को अवसर देने, संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करने और छात्र हितों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का माध्यम हैं।
आइए, लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हुए एक मजबूत, समावेशी और प्रगतिशील NSUI के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
यह भयानक है। अगर देश में ईमानदार जाँच व्यवस्था होती तो एक दिन में जाँच हो जाती मगर वो तो अयोध्या में भी नहीं है। देश का हर संस्थान पीएम केयर फंड जैसा हो गया है।
सबकुछ न्यौछावर करके भी फर्ज़ निभाया जाता है,
इस दुनिया से वापस जाने को ही आया जाता है।
एक बूढ़े से शख़्स ने सारी दुनिया को ये बता दिया
अपनी शहादत देकर के भी मुल्क बचाया जाता है।।
-इमरान प्रतापगढ़ी
कांग्रेस के झंडा उतारने को
सिस्टम रात को भी एक्टिव हो जाता है
भूल क्यों जाते हो हम कांग्रेसी है
जब नहीं डरे थे गौरों से
तो क्या डरेंगे चढ़ावा चोरों से
@DrAnjaliTai ✊🔥
ऋषिकेश में घर पर सामूहिक नमाज़ अदा किए जाने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और मौके पर पहुंचकर आपत्ति जताई।
हिंदूवादी नेता नरेश उनियाल ने आरोप लगाया कि संबंधित परिवार बाहरी लोगों को मोहल्ले में बुलाकर सामूहिक नमाज़ अदा करवा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह क्षेत्र में धीरे-धीरे बाहरी लोगों को बसाने का प्रयास किया जा रहा है।
मैं CM की रेस में नहीं हूँ
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने साफ़ कहा—मुख्यमंत्री का चेहरा चरणजीत सिंह चन्नी हों या कोई और, फैसला राहुल गांधी करेंगे
मैं जिस नाम पर मुहर लगेगी, उसके साथ पूरी ताकत से खड़ा रहूँगा
मेरा एकमात्र लक्ष्य पंजाब में कांग्रेस की सरकार वापस लाना है !
टीएमसी भवन पर बागी गुट के कब्जा करने पर ममता बनर्जी ने कहा भवन की लीज अक्टूबर 2027 तक है..!
ममता बनर्जी ने भवन का किराया हर महीने चेक द्वारा किया जाता हैं, हर महीने 1 लाख रख रखाव पर होते हैं..!
उन्होंने कहा कि टीएमसी भवन की व्यक्ति का नहीं है, ये टीएमसी जैसी संस्था का है, इस पर कोई कब्जा नहीं कर सकता हैं....!
उन्होंने बागी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आप खुलकर बीजेपी का समर्थन कर सकते हैं..!
चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे देने के बाद खुद बंगाल टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली, मदन मित्रा को महासचिव नियुक्त किया....!
आप गलत सोच रहे, यह मणिपुर नहीं है बंगाल है। इस महिला वकील का नाम तुलिका खातून है। इस पर अंडे इसलिए बरसाए जा रहे हैं क्योंकि यह मुसलमान है। जो यह अंडे बरसा रहे हैं वो भाजपा के कार्यकर्ता हैं।
भाजपा इस तरह आम लोगों से उनकी भक्ति का परिचय लेती है। आम लोगों से उनकी मनुष्यता छीनकर उन्हें ज्यादा से ज्यादा क्रूर, निर्दयी और नफरती बनाकर। उन्हें स्त्रीविरोधी बनाकर।
मुमकिन है इस पोस्ट पर कुछ लोग कहेंगे तब तुम कहां थे? तो जवाब है तब भी हम यहीं थे। किसी के साथ हत्या अभद्रता ,हिंसा का कभी समर्थन नहीं किया। और वो तुम हो जो इसे हिंदुत्व का प्रतीक मान बैठे हो। हिन्दू ऐसे नहीं होते।
मोहम्मद दीपक को तो आप सब जानते ही होंगे वही उत्तराखंड का नौजवान जिसने नफरत के माहौल में शांति और आपसी भाईचारे का जो संदेश दिया उसने वाकई बहुत से लोगों को प्रेरित किया !
आज सांझी शहादत सांझी विरासत मुशायरा एवं कवि सम्मेलन के प्रोग्राम में उन्हें सम्मानित किया गया अगर आप इन्हें पहचानते है तो इनके लिए एक प्यारा सा संदेश दें !
❤️🤲🥰
75 साल में पहली बार किसी दलित को राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष बनाया...आज खड़गे साहब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं...बीजेपी में चेक कर लेना SC के कितने ब्लॉक अध्यक्ष हैं.... वहां राष्ट्रीय अध्यक्ष की तो बात ही छोड़ दीजिए..न जिला अध्यक्ष और न ही प्रदेश अध्यक्ष मिलेंगे-टीकाराम जूली...
पुलिस कस्टडी में अपने ही पैरों पर खड़े शख्स का नाम राहुल मावी है। यह 17 वर्षीय मोहम्मद ज़ैद को जान से मारने का आरोपी है। ज़ैद अपने दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल में नहाने जा रहा था कि उसकी बाइक इसकी कार से टच हो गई। इसके बाद राहुल और उसके दोस्त ज़ैद को अपनी कार में डालकर ले गए, उस बच्चे को इन दरिंदों ने इतना पीटा कि उसकी जान चली गई। ज़ैद सात बहनों का इकलौता भाई था।
सवाल यह है कि ज़ैद का हत्यारा पुलिस कस्टडी में अपने ही पैरों पर क्यों खड़ा है? यूपी पुलिस और यूपी सरकार ने तो अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई हुई है जिसके तहत अदालत से पहले ही ‘न्याय’ दिया जा रहा है। गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड में पूरे देश ने देखा भी है कि सूर्या के हत्यारोपी को कुछ घंटे के भीतर ही यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में मारकर सूर्या को ‘न्याय’ दिलाया था। यूपी सरकार ने सूर्या के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को स्थानीय नगर पालिका में नौकरी देने की घोषणा की थी। सवाल यह है कि ज़ैद में ऐसी कौन-सी खामी है कि उसके हत्यारे का एनकाउंटर नहीं किया जा रहा है, उसके परिवार को मुआवज़ा नहीं दिया जा रहा है? क्या ज़ैद सूर्या से कम भारतीय है? अगर है तो ये किस कानून में लिखा है? और अगर नहीं तो फिर समान व्यवहार क्यों नहीं किया जा रहा है? क्या मदर ऑफ डेमोक्रेसी की सरकारों का चश्मा इस हद तक भेदभाव से ग्रस्त है?
ये अभिषेक ठाकुर, अमर्यादित टिप्पणी कर रहा है
5 बार के लोकसभा सांसद, संसद रत्न से सम्मानित
असदुद्दीन ओवैसी साहब के बारे में @Uppolice
कृपा मामले का तुंरत संज्ञान लें, और गिरफ्तारी करें
বিজেপির 'অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার' চালু হতেই বঞ্চিত ১.১ কোটি মহিলা! ২.৪ কোটি থেকে সুবিধাভোগীর সংখ্যা কমে মাত্র ১.৩ কোটি কেন হলো? ২৬ লাখ আবেদন কেন বাতিল? #BengalPolitics