ध्यान में बैठे,हृदय में उजियारा,
हनुमत के हृदय में बसे राम प्यारा..!!
जब शीश झुकाए बजरंगी वीर,
खड़े हो सामने श्री राम गंभीर..!!
हाथ जोड़े,आँखों में प्रीत अपार,
धनुष उठाए राम,करे जग का उद्धार..!!
एक भक्त है,एक भगवान,
दोनों एक,यही तो है रामायण का ज्ञान…✍️
जय श्री सियाराम जी 🙏