@MVS_Films आप चीज़ में समानता की बात कर रहे हो, बिजनेस के लिए भी gc cast को लोन नहीं मिलता और दूसरी तरफ मुक्त में पैसा मिलता,forms भरने पर fee माफ, जाने के लिए रेलवे टिकट ,-40 mark पे doctor और job, उसके बाद promotion में भी आरक्षण, कॉलेज में fee माफ, scholarship और हम g c वाले को पूरी fee
‘करो या मरो’ ये वो नारा है जो साफ संदेश देता है – जो करना है वो कर डालो, वरना मरने के लिए तैयार रहो।
महात्मा गांधी का यह नारा आज सवर्ण समाज को भली-भांति अंगीकार करना चाहिए।
SC/ST एक्ट का दुरुपयोग अब चरम पर पहुंच चुका है। हर 10 केस में से 8 झूठे मामले देखकर इसकी सच्चाई समझ आ जाती है। आज ओबीसी हो या सवर्ण – दोनों इसके भुक्तभोगी हैं।
कहने को संविधान सबको समानता का अधिकार देता है, लेकिन दूसरी तरफ ऐसे कानून बनाकर एकतरफा दूसरे समाजों का शोषण भी सरेआम हो रहा है।
अजीत भारती पर हुआ SC/ST एक्ट का केस फिर से उसी झूठे शोषण की मानसिकता को उजागर करता है। अजीत भारती ने सिर्फ उस व्यक्ति को जवाब दिया था जो कमेंट करके उनकी बहन की शादी चंद्रशेखर रावण से कर देने की बात कह रहा था। लेकिन क्लिप काटकर उसे समाज-विशेष को गाली देने वाला बना दिया गया और केस ठोक दिया गया।
यही है असली चेहरा इस कानून के दुरुपयोग का।
@ajeetbharti
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
Today is one of the most emotional days of my life. I genuinely don’t have the words to express what I am feeling right now.
Exactly four years ago I started speaking about reservation reforms.
I was abused. Mocked. Trolled. Threatened. I even got SC/ST Act notice by Delhi Police. But I kept going.
For four years, I wrote thousands of posts and made hundreds of videos on the issues. People I had never met started reaching out to me & sharing their stories.
The last four years have not been easy. I have lost work because I chose to associate myself with this movement. I have lost friendships. I have been attacked by trolls and IT cells. There were attempts to intimidate and silence me in every possible way.
I rarely spoke about any of this. Because for me, the cause was always bigger than my career, my comfort, my friendships, or anything I could personally lose.
And today…
When I stood back and saw thousands of people at Jantar Mantar demanding reservation reforms, I honestly felt something I cannot put into words.
Thank you. From the bottom of my heart. ❤️
This is only the beginning!!
@ajeetbharti भैया 🙏 यह लोग कोई भी भर्ती में Ews को 10% और G. C को 50% seat भी नहीं दे रहे हैं 🥺🥺 plz 🙏 इस पर bolo , हमारे जैसे करोड़ों बच्चों के साथ छल हो रहा है 😡😡😡😡
Rajasthan SI Telecom result was released yesterday.
Check the 200 candidates in the merit list:
BC - 156
SC - 14
ST - 12
General - 3
EWS - 15
Talk about representation !
@talk2anuradha यही नहीं दीदी , इनका हर एक राज्य में चल रहा है , यह ews को 10% और g.c को 50% भर्ती सीट कही नहीं दे रहे plz 🙏 , इसके खिलाफ आवाज उठाये 🥺🥺🥺, चाहे कोई भी राज्य या centre क्यों न हो
जब आपको पता है छात्र 10 तारीख को विधानसभा घेराव की रणनीति बना रहे है तो क्यों 7 तारीख का ऐलान करके आप रोटी सेक रहे है।
हमारा AISA या उनके लोगो से या उनको कोई कृत्य से कोई संबद्ध नहीं है।
"हम फॉरवर्ड कास्ट का गर्दन काटने पर लगा था, काहे वोट दें BJP को?? हमारे बाल बच्चों का गर्दन काटने पर लगा है, इसलिए वोट दिए थे BJP को?
उ रविशंकर भी UGC पर साइन किया था, नहीं देंगे वोट!"
-ये बोलना है एक वोटर का
UGC पर GC वोटरों की नाराजगी अब दिख रही है!
सब कुछ साफ है अब-आँखे बंद करने से सच्चाई नहीं बदलेगी!
भाजपा संगठन के अधिकतर नारे बूथ से शुरू होते हैं और बूथ पर ही ख़त्म होते हैं। ऐसे में बाँकीपुर के चुनाव परिणाम आत्ममंथन माँगते हैं।
विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का मुखिया अपना ही बूथ हार गया। जिसे उम्मीदवार बनाया गया, वो भी अपना बूथ हार गया। जो रामकृपाल यादव राज्य में सहकारिता मंत्री हैं, उनका भी बूथ BJP हार गई। CP ठाकुर अब निष्क्रिय हो चुके हैं, लेकिन इतने बड़े दिग्गज नेता के बूथ पर भी पार्टी उनकी विरासत को कायम नहीं रख पाई। इससे पहले जिन अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया गया था, उनका बूथ तो हारी ही पार्टी।
प्रशांत किशोर की जीत ने 'जन सुराज' को संजीवनी दी है। पहली बार ऐसा हुआ है जब पूरे राज्य का सामान्य वर्ग भाजपा की हार का जश्न मना रहा है, वो भी तब जब उनमें से अधिकतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक हैं। भरत तिवारी हत्याकांड पर जिस तरह की निष्क्रियता और संवेदनहीनता दिखाई गई थी, उसका भी साफ़ असर दिख रहा है।
सिर्फ़ कुशवाहा जिताने नहीं आएँगे, आज ये स्पष्ट हो गया है। जाति वाली राजनीति को प्रमुखता देते हुए मुख्यमंत्री चुना गया था, जो काम नहीं आया।