@raebarelipolice बछरावां कोतवाल के निर्देश पर महिला के शव को रात में जलाने के लिए पेट्रोल ले जाते पुलिस कर्मियों की तस्वीर ने खाकी को शर्मसार किया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी या सिर्फ जांच। @Uppolice@dgpup से कब तक छुपाया जाएगा घटना का सच @UPGovt@CMOfficeUP@adgzonelucknow
मीडिया भी बार बार कह रहा है तब भी सरकार इनकी उपेक्षा कर रही है, कृपया दया भाव दिखाइए इन्हे उचित सम्मान की बहुत जरुरत है। ये बड़ा काम नहीं है क्यों कि जितना इनको मिल रहा है उतना तो आप कर्मचारियों की वेतन हर साल बढ़ा रहे हैं। @myogiadityanath@thisissanjubjp
यूपी में बीजेपी की हार के प्रमुख कारण
* हजारों शिक्षामित्रों की मौत की अनदेखी *
** यूपी के अनुदेशकों का मानदेय घटाना और केंद्र द्वारा पास किया हुआ 17000 मानदेय लागू न करके सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ लड़ना *
@govindprataps12@askrajeshsahu@ranvijaylive
उत्तरप्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग
उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत हजारों अनुदेशक शिक्षकों के साथ हो रहे शोषणकारी एवं दमनकारी कार्यक्रम -
प्रकरण - उ0प्र0 के जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षक जिनकी नियुक्ति RIGHT TO EDUCATION ACT 2009 एवं NCTE के मानकों को पूर्ण करते हुये नियोक्ता जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा हुई है। नियुक्ति के समय वर्ष 2013 से 7000 रूपये प्रतिमाह (233 रूपये प्रतिदिन) मानदेय दिया जाता रहा है फिर 1470 बढ़ाये और 1 साल बाद वापस लिये गये रिकवरी कर ली गयी और फिर 2000 बढाकर अब 9000 प्रतिमाह (300 रूपये प्रतिदिन) दिया जा रहा है। ये बेहद ही अमानवीय एवं शोषणयुक्त कृत्य है।
अनुदेशक शिक्षकों का कार्यकाल 10 वर्ष हो चुका एवं इनका पद निरंतर चलने वाला पद है इन्हे इसी पद पर नियमित कर इनकी सुविधाएं बढ़ाई जाएँ।
ताकि कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा, कला शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षा, कृषि शिक्षा मिल सके।