आज झारखंड विधानसभा पहुंचकर झारखंड के पूर्व मंत्री आदरणीय श्री मन्नान मल्लिक जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके परिजनों से मिलकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
मन्नान मल्लिक जी ने अपना संपूर्ण सार्वजनिक जीवन जनसेवा और समाज के वंचित-पीड़ित वर्गों की आवाज़ को समर्पित किया। विशेषकर धनबाद की जनता के बीच उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका निधन झारखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है।
मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों को यह दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
जो राम मंदिर का चंदा चुरा सकते हैं वो जनता का वोट क्यों नहीं चुरा सकते?
राम मंदिर के लुटेरों के भरोसे जो लोग अखंड-भारत और हिन्दू-राष्ट्र की उम्मीद किए बैठे थे, भगवान उनकी आत्मा को शांति दें.🙏
जो राम मंदिर का चंदा चुरा सकते हैं वो जनता का वोट क्यों नहीं चुरा सकते?
राम मंदिर के लुटेरों के भरोसे जो लोग अखंड-भारत और हिन्दू-राष्ट्र की उम्मीद किए बैठे थे, भगवान उनकी आत्मा को शांति दें.🙏
राज्यसभा चुनाव में भाकपा (माले) के दोनों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में मतदान किया है। इसकी पुष्टि पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट कॉमरेड हलधर महतो और कॉमरेड गीता मंडल ने की है। अफवाहों पर ध्यान न दें। आरोप लगाने वाली पार्टियाँ पहले यह देखें कि वे अपने ही
बिहार की आशा कार्यकर्ता भूखे पेट काम नहीं करेंगी। बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। धूप और बारिश, दिन और रात काम करने वाली आशाओं को पिछले 10 महीने से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हुआ है। उनके घरों में भारी किल्लत और तंगहाली है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
@officecmbihar
तमिलनाडु से बड़ी खबर सामने आ रही है।
आपको पता होगा Thalapathy Vijay तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 2 सीटें से चुनाव लड़े थे,
और दोनों पर उनकी जीत हुई थी ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी।
अब खबर आ रही है कि उनकी गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से उपचुनाव में TVK की उम्मीदवार बन सकती हैं।
4 मई को जब चुनाव परिणाम आए थे उसी दिन तृषा कृष्णन का जन्मदिन भी था,
तृषा कृष्णन TVK की भारी जीत पर Vijay को बधाई देने उनके घर भी गई थीं।
अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित।
चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में अधिकांश जगह किया गया था, जिसकी साक्षात गवाह कन्नौज की विधानसभाएं थीं। फिर इसी निंदनीय मॉडल को फ़र्रुख़ाबाद के 2024 लोकसभा चुनाव में दोहराया गया था।
सब जानते हैं क्या हुआ है और सच क्या है और जनमत की खुली लूट कैसे हुई है।
घोर, घोर, घोर निंदनीय!!!
चुनाव परिणाम के बाद बंगाल में भाजपा के गुंडों ने विपक्ष पर हिंसक हमला बोल दिया है. पुलिस-प्रशासन चुप है. यह अत्यंत निंदनीय है! इस गुंडागर्दी पर बंगाल की जनता ही लगाम लगा सकती है.
रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। मजदूरों के हक पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोएडा समेत देश के विभिन्न हिस्सों में जारी मजदूर आंदोलनों के साथ मजबूत एकजुटता जताई गई। श्रमिकों पर हो रहे बर्बर दमन और गिरफ्तारी
बंगाल का यह चुनाव एक निर्णायक चुनाव है।
आदरणीय ममता दीदी अकेले भाजपा जैसी फ़िरकापरस्त पार्टी के साथ लड़ रही है। हम भी ममता दीदी की इस लड़ाई में उनके साथ हैं। पूरी बंगाल की जनता दीदी के साथ खड़ी है।
कुछ- कुछ दिन के अंतराल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक वीडियो प्रसारित होता है, जिसमें फोन पर किसी व्यक्ति से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गयी शिकायत के संदर्भ में, वेबात कर रहे होते हैं. व्यक्ति भी धन्य- धन्य, कृत्य- कृत्य हो जाता है कि मुख्यमंत्री जी ने सीधे उससे बात की.
कभी कभी अखबार में भी खबर छप जाती है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली का खम्बा बदला ! बताइये बिजली का खंबा बदलवाने के लिए भी मुख्यमंत्री के पास जाना होगा !
इस पी.आर. स्टंट को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री कल देहरादून में जाखन के इलाके में पहुंचे. वहां टाइल धंसने, जल भराव और अंडरग्राउंड लाइनों को ठीक से अंडरग्राउंड न किये जाने जैसी दिक्कतें उन्होंने खुद देखी और मुख्य सचिव को वीडियो कॉल पर दिखाई. मौके पर जैसी बातें मुख्यमंत्री कर रहे थे और जैसी जिज्ञासाएं प्रकट कर रहे थे, उससे साफ लग रहा था कि जो शिकायत उनके सामने है, उस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है ! मुख्यमंत्री को इससे लेना- देना भी क्या, पी.आर. स्टंट होना था, हो लिया, और क्या चाहिए !
यह भी पी.आर. स्टंट की इंतहा थी कि सारे अफसर दफ्तर की कुर्सी पर बैठे हैं और मुख्यमंत्री उन्हें सड़क पर से वीडियो कॉल के जरिये समस्या दिखा रहे हैं !
मुख्यमंत्री के फोन करने और मौके पर जा कर अफसरों को वीडियो कॉल करने से इतर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन - 1905 की हकीकत तो अमर उजाला की खबर का शीर्षक बता रहा है !इसके अनुसार बिना समाधान के ही अफसरों ने इस हेल्पलाइन पर आई बाईस हजार से ज्यादा शिकायतें जबरन बंद कर दी ! इसमें 2043 शिकायतें तो जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक ने ही बंद कर दी. इन साहब बहादुर के पास 2074 शिकायतें पहुंची और इन्होंने 2043 शिकायतें यानि 98.5 प्रतिशत बिना समाधान के, जबरन बंद कर दी !
और ऐसे अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्या हुई ? अजी मुख्यमंत्री ने नाराजगी प्रकट कर दी, इससे अधिक और क्या कार्रवाई होगी भला ?
साफ है कि एक- आध शिकायतें के मामले में मुख्यमंत्री के फोन करने का वीडियो शूट हो जाएगा और हज़ारों शिकायतें बिना निस्तारण के जबरन बंद हो जाएंगी ! मुख्यमंत्री की जय- जय हो जाएगी, जनता त्राहि- त्राहि करती रहेगी ! इस दौर में प्रचार ही तो मुख्य आधार है, समाधान हो न हो, कौन पूछता है ! फोटो- वीडियो शूट में कोई कमी नहीं आनी चाहिए, बस !
लहँगा रिमोट से उठाने वालों की पार्टी, प्रज्ज्वल रेवन्ना और धाकड़ जैसे नायाब हीरों की पार्टी, जेफ्री एपिस्टीन के यारों की पार्टी महिला सशक्तिकरण बिल के पीछे कौन सी साज़िश रच रही थी?🤔
पटना के IMA हाल में बिहार राज्य संविदा ANM_R कर्मी संघ गोपगुट/ऐक्टू के नेतृत्व में 19 अप्रैल को राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।सैकड़ों की संख्या में ANM बहनें शामिल हो कर नए मुख्यमंत्री को चेतावनी दी हैं कि मांगे पूरी नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन होगा।
@officecmbihar
आइसा धनबाद इकाई की ओर से आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 को धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, धनबाद परिसर में व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सैकड़ों छात्रों ने आइसा की सदस्यता ग्रहण कर संगठन से जुड़ने
Delink women's reservation from Delimitation. Implement it immediately on the basis of the existing legislative strength. Conclude caste census and build a national consensus for a fair delimitation that upholds, and not undermines, India's federal balance
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