सोनम वांगचुक, जिसने कभी अपने लिए नहीं माँगा, कुछ कि पद चाहिए, सत्ता चाहिए।
अपनी ज़िंदगी देश, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लड़ते रहे है और 15-16 दिनों से अनशन पर बैठे हैं!
अपने लिए नहीं, देश के लिए। देश के बच्चों के भविष्य के लिए! उसके बाद भी देश के नेताओं की सोई हुई संवेदनाएँ नहीं जाग पा रही।
सत्ता की ख़ामोशी बरकरार है।
भूख हड़ताल और अनशन भी अगर व्यवस्था को सुनाई नहीं दे रहा, तो एक आम नागरिक की आवाज़ की कीमत क्या ही होगी?
अब दर्द सिर्फ़ यह नहीं कि एक व्यक्ति अनशन पर है, बड़ा दर्द यह है कि देश धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुँच रहा है जहाँ जनता की पीड़ा का महत्व खत्म है और उस पर सत्ता हावी है।
सोचिए, आज अगर एक ऐसे व्यक्ति की आवाज़ अनसुनी की जा सकती है, जिसने अपना जीवन देश के लिए लगा दिया, तो कल बेरोज़गार युवा, न्याय की गुहार लगाता परिवार, किसान, छात्र या कोई भी आम नागरिक किस उम्मीद से अपनी तकलीफ़ के लिए लड़ पाएगा और कौन उसकी सुनेगा?
लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ चुनाव है क्या? अगर सत्ता अपने शांत नागरिक की आवाज़ नहीं सुन रही, तो ये लोकतंत्र पर सवाल नहीं है?
और अगर वह आवाज़ भी अनसुनी होने लगे! तो यह चिंता सिर्फ़ पूरे देश को होनी चाहिए।
Be stand with Sonam Wangchuk
@GujaratPolice@dgpgujarat My sister has been missing since 13 Nov 2025. Despite repeated follow-ups, her FIR details are still not registered and her Aadhaar authentication/SIM records have not been traced. If authorities cannot help, please tell me where I should go for justice
@GujaratPolice@dgpgujarat My sister has been missing since 13 Nov 2025. Despite repeated follow-ups, her FIR details are still not registered and her Aadhaar authentication/SIM records have not been traced. If authorities cannot help, please tell me where I should go for justice
One guy is looting money by forcing Ethanol
Another is land grabbing for his real estate empire
One is making money from leaking exam papers
Another is looting by selling the Nicobar Island
Top to bottom, everything is corrupt and compromised in this Modi govt.
When you see Ankit, Abhinay and Suman cornering Khan on same day.
Few things are clear.
1. Govt is the king.
2. Even the friends harbor envy and jealousy if you are more successful.
3. It's human nature to kick in face of someone who's down.
4. The world will turn on you on a bad day.
विद्या ददाति विनयम, सा विद्या या विमुक्त्तये ।
आपके शब्द, आपकी मंशा आपके प्रोफेशन को बिल्कुल सूट नहीं कर रहे ।
Kindly have some decency and sophistication.
Palat kar kuch bhi bak dene se cool nhi ho jate.
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
यदि लीक का स्रोत नहीं पकड़ा जाएगा, तो Telegram बंद कर दीजिए, कल WhatsApp होगा, परसों कोई और माध्यम होगा।
बीमारी का इलाज चाहिए, थर्मामीटर तोड़ने से बुखार नहीं रुकता।
जब इतने सारे लोग इकट्ठे हो रहे है और ये आवाज उठा रहे है कि #uplekhppal में गड़बड़िया है
तो क्या सरकार को संज्ञान लेकर इस पर कोई जाँच नहीं करनी चाहिए कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए ?
@JaikyYadav16 अगर कोई इंसान सिस्टम के खिलाफ आवाज उठा रहा है तो प्रॉब्लम है आपको?
और बात भी सही कह रहे है सर, आप में हिम्मत हो तो अपने जिले के डीएम एसपी के खिलाफ बोलकर देख लो
ये पब्लिक सर्वेंट है या पब्लिक ऑपरेसर?
मुंह चलाना आसान होता है जब कोई रिस्क न हो जैसे आप चला रहे है या मै चला रहा हूं।
@Mustak_monk @JaikyYadav16 Kisi IAS/IPS se baat kiye ho bhai?
Kbhi thane me jakar dekho?
Ye public servent hai ya public oppressor?
Jaise angrejo ne design kiya tha inko ye aaj bhi waise hi hai.
माननीय न्यायालय में आज हुई सुनवाई के दौरान Anjana & Anr. मामले में कोई Interim Relief प्रदान नहीं की गई। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की गई है।
हम न्यायिक प्रक्रिया का पूर्ण सम्मान करते हैं और न्यायालय के समक्ष अपना विस्तृत उत्तर प्रस्तुत करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों एवं विधिक सलाह के आधार पर अपने अधिकारों की रक्षा हेतु उचित कानूनी कदमों तथा Counter Claim पर भी विचार किया जाएगा।
हमें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। हमारा मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान न्यायालय में तथ्यों और कानून के आधार पर होना चाहिए, न कि मीडिया ट्रायल या सोशल मीडिया की बहसों के आधार पर।
अब 17 जून को न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखने की प्रतीक्षा करेंगे।
Digital India के दौर में हर बार ‘technical glitch’ - क्या glitch? क्यों glitch ?
जिम्मेदार कौन है ? और बार बार हो रहा हो - इसके लिए क्या कदम उठाए गए ।
technical glitch अब बहाना है।
दो शब्दों में लाखों युवाओं का समय, पैसा, मानसिक तनाव और तैयारी का नुकसान समेट दिया जाता है।
technical glitch मशीन में है ? या व्यवस्था में?
क्योंकि कीमत हर बार युवा ही चुका रहा है।