Gujarat has taken another decisive step towards strengthening India's maritime future with the launch of the Gujarat Shipbuilding & Repair Policy-2026.
Inspired by the visionary leadership of Hon'ble PM Shri @narendramodi ji and his vision of Aatmanirbhar Bharat, this future-ready policy aligns with Maritime Vision 2047 and the Government of India's Shipbuilding Financial Assistance Scheme (SBFAS).
It will promote world-class shipbuilding and repair infrastructure, marine equipment manufacturing, green and smart shipyards, R&D, innovation and large-scale skill development.
The policy also paves the way for Integrated Mega Shipbuilding Parks, including the proposed mega greenfield shipbuilding cluster at Kuchhdi in Porbandar district, which has received approval from the Government of India and is expected to attract investments of over ₹27,000 crore.
Backed by Gujarat's 2,340-km coastline, robust port infrastructure, transparent and policy-driven governance, and investor-friendly ecosystem, we are committed to making Gujarat India's leading shipbuilding hub and a globally competitive maritime manufacturing powerhouse, while creating large-scale employment and contributing to the vision of Viksit Bharat through Viksit Gujarat.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से ठीक पहले धरना स्थल के बाहर संसद मार्ग कुछ उपद्रवी तोड़फोड़ कर रहे थे,छात्रों को उकसा रहे थे। जिसने बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे। @DelhiPolice इनके चेहरे देखकर कार्रवाई करे, @TheNewspinch ने किया बेनक़ाब
हाल ही में गुजरात के ऊंझा जीरा को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्रदान किया गया है। किसी भी उत्पाद को जीआई टैग उसकी विशिष्ट गुणवत्ता, भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय जलवायु, मिट्टी तथा उस क्षेत्र की पारंपरिक पहचान के आधार पर दिया जाता है, न कि केवल उसके विपणन (मार्केटिंग) के आधार पर।
कभी जीरा उत्पादन में अग्रणी रहा गुजरात आज उत्पादन के मामले में पश्चिमी राजस्थान से बहुत पीछे है। जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर और नागौर जैसे जिले देश के प्रमुख जीरा उत्पादक क्षेत्रों के रूप में उभर चुके हैं। राजस्थान का जीरा अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और बढ़ते उत्पादन के कारण राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना चुका है। ऐसे में पश्चिमी राजस्थान का जीरा जीआई टैग का प्रबल दावेदार था। दुर्भाग्यवश, प्रभावी पैरवी के अभाव में हम पीछे है।
ऊंझा जीरा को जीआई टैग मिलने से वहाँ के किसानों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा, जबकि राजस्थान के किसानों के सामने भविष्य में अपनी उपज के अपेक्षाकृत कम मूल्य मिलने की आशंका है।
दुर्भाग्य की बात यह भी है कि राजस्थान में जीरे की कोई बड़ी और सुव्यवस्थित कृषि मंडी विकसित नहीं की गई है, जहाँ किसानों को पर्याप्त प्रतिस्पर्धा, बड़े खरीदार और उचित मूल्य मिल सके। परिणामस्वरूप प्रदेश के अनेक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए गुजरात की ऊंझा मंडी का रुख करना पड़ता है।
राज्य सरकार को चाहिए कि वह पश्चिमी राजस्थान के जीरे के लिए जीआई टैग की मजबूत और प्रभावी पैरवी करे, ताकि यहाँ की विशिष्ट कृषि पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सके। साथ ही, पश्चिमी राजस्थान में ऊंझा की तर्ज पर आधुनिक कृषि मंडी विकसित की जाए, बड़े खरीदारों एवं निर्यातकों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए तथा जीरा आधारित प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन उद्योग स्थापित किए जाएँ।
इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और पश्चिमी राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
@RajCMO@RajGovOfficial@DrKirodilalBJP@Barmer_Harish@RavindraBhati__@AzadBarmer
@PMOIndia@narendramodi सर, मै इंडेन गैस एजेंसी अहमदाबाद में 20 दिन पहले गया था new domestic LPG connection के लिए तो वहां बोला कि अभी कंपनी से बंद है।
इसके लिए 2 बार IOCL में grievance करी लेकिन saticefactory जवाब नहीं मिला।
PNGRB, CPGRAM और NCH पर भी complaint कर दी पर कोई सॉल्यूशन नहीं।
20दिन हो गये
ugc अधिनियम जिसमे छात्रों को जातिवाद के दलदल में धकेल भविष्य चौपट करने की मंशा है ऐसे कानून को भी विदाई दे देनी चाहिए, यह कानून पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मन्द्र प्रधान की ही देन था, हालांकि सर्वोच्च न्यायालय नें इस पर रोक लगा दी है पर समस्या को जड़ से खत्म करना बहुत जरुरी है
#UGC
@GPSC_OFFICIAL સર, GS પેપરની આગામી તારીખ વહેલી તકે જાહેર કરવા વિનંતી છે, જેથી અમે Concerned & Genaral Study બંને વિષયોની તૈયારી Planning સાથે કરી શકીએ.
શક્ય હોય તો GS નું પેપર સંબંધિત Concerned વિષયના પેપર બાદ યોજવામાં આવે, જેથી ઉમેદવારોને બંને વિષયોની સારી રીતે તૈયારી કરવાનો પૂરતો સમય મળી રહે
वाह मोदी जी कल साबित कर दिया आपने की आप भी जय जय जय भीम वाले ही हैं यूजीसी पर एक शब्द नहीं और पेपर लीक पर लाइव , और अब कड़ा कानून ??? सवर्णों की भूल थी की आप राम वाले हैं आप तो ह..म वाले हैं ।
जब यूजीसी का काला कानून आया और पूरे देश का सवर्ण और न्याय पसंद बैकवर्ड और शेड्यूल कास्ट के लोग आंदोलित थे आप ने आंदोलन नहीं होने दिया , बाल पूर्वक दबाने का प्रयास हुआ , मेरे लाखों लोगो को , महिलाओं को अलग अलग थाने में गिरफ्तार किया गया आज तक किसी कार्यक्रम को करने की परमिशन नहीं दी गई लेकिन उल्टा उनसे कॉकरोच पार्टी बनवाई गई , दीपके जो उसका संस्थापक था को एयरपोर्ट पर ही ले जाकर परमिशन दिया गया और आज उनके लिए मीटिंग पर मीटिंग हो रही है , दो दिन के बच्चों से आपके जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मिल रहे हैं और आज रात से तो आपने ख़ुद मोर्चा संभाल लिया है ।
मोदी जी जब से आपकी सरकार आई केवल सवर्णों के लिए उन्हें समाप्त करने का क़ानून लाए 2015 में ही एससी एसटी के एक्ट में बदलाव करके 37 तरह के अपराध को सम्मिलित कर दिया बाद में सुप्रीम कोर्ट ने राहत दिया तो आप ने उस कणों को ही बदल कर 2018 में संशोधित और गंभीर बना दिया जिसका दुरपयोग सवर्णों और ग़ैर दलितों के ख़िलाफ़ फर्जी मुकदमों उनका आर्थिक और सामाजिक और मानसिक शोषण शुरू हो गया ।
वैसे तो ग़ैर दलित पहले से ही राजनीतिक रूप से अछूत है 543 लोक सभा की सीटों में से 131 सीटों पर और 4120 विधान सभा सीटों में से 1128 सीटों पर कोई ग़ैर दलित कभी चुनाव लैड ही नहीं सकता ये कौन से दुनिया में जी रहे हैं हम लोग क्या कभी आपका ध्यान इस अन्याय के ऊपर गया ??
आख़िर देश की 90% ग़ैर दलितों पर आपका ध्यान क्यों नहीं गया क्या इन 10 % लोग जो कभी आपका साथ नहीं देते जो अंबेडकर के नाम पर देश में अराजकता फैलाते हैं उनसे आपको इतना मोह क्यों हैं ?? पूरे देश और दुनियाँ में आपने एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर के अंबेडकर तीर्थ , अंबेडकर स्मारक , अंबेडकर धाम , पंच तीर्थ , स्मृति भवन , लंदन , पेरिस , कोलंबिया , ऑस्ट्रेलिया में स्मारक बनवाये , आख़िर क्यों ??अन्य महापुरुषों की उपेक्षा क्यों हुई ?? क्या कभी सुभाष बाबू के नाम पर कुछ बनवाया आपने ??जिन्हें आप देश का प्रथम प्रधान मंत्री कहते थे ?? क्या डॉ राजेंद्र परसाद के नाम पर कुछ बनवाया आपने ?? क्या बीएन राउ साहब के नाम पर कुछ है देश में ??
आखिर आपको कौन अंबेडकरवाद के आग में लगातार झोंक रहा है ??
देश के ग़ैर दलितों के लिए ये विचारणीय प्रश्न है क्या एससी एसटी आरक्षण की समीक्षा और एससी एसटी एक्ट की समाप्ति नहीं होनी चाहिए ??
जल्द यूजीसी , आरक्षण और एससी एसटी के मुद्दे पर हम ख़ुद जंतर-मंतर आ रहे हैं और इस बार सरकार से आर पार होगी और पूछा जाएगा की मोदी जी आप राम वाले हैं की ह..म वाले ??
सवर्णो ने भजपा से हाथ क्या खिंचा आज भजपा बैकफुट पर आ गया, UGC रेगुलेशन के विरोध में जब बड़े बड़े नेताओं के पोस्ट पर CN लगने लगा तब भी इन्हें सोशल मीडिया का ताकत समझ नही आया, इनके पैड वर्कर ने खूब चरित्रहनन किया।
हाँ सवर्णो का आंदोलन ग्राउंड लेवल पर कॉकरोज की तरह मजबूती नही दिखा, उसके पिछे कारण है।
कोई लीडरशिप नही था, किसी भी बड़े पार्टी नेताओं का समर्थन नही था। सब चुप थे।
आज सरकार NEET आंदोलन के कारण बैकफुट पर है, इस आंदोलन का समर्थंक लगभग हर वर्ग से मिल रहा है भजपा के पास अब सिर्फ नाम मात्र दिहाड़ी मजदूर समर्थंक सवर्ण ही बचे है, बेशक बहुत से एन्टी भजपा GC कॉकरोच के मूवमेंट को सपोर्ट नही कर रहे है, लेकिन वे भजपा के भी समर्थन में नही है।
इनका सिस्टम फेल हो चुका, लेफ्ट लिबरल सहित तमाम ग्रुप इनके नाकों दम कर दिया है ।।
"Who Will Talk About Reservation?"
Amidst the protests, the words of furious NEET aspirant Harsh Dubey on my show last night has gone viral.
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धर्मेंद्र प्रधान ने यूजीसी की पड़ी लकड़ी उठाकर बीजेपी के कोर वोटर को नाराज कर दिया था।
जब आप अपनी सेना के एक बड़े वर्ग को उदासीन कर देंगे, तब तो दुश्मन आपके ऊपर वार करेगा ही।
जिनके लिए यूजीसी लेकर आए थे, उनमें से एक भी कॉकरोच आंदोलन के विरोध में नहीं आया।
बीजेपी को भी सीखने की आवश्यकता है, यह अक्सर पब्लिक का मूड भांपने गलती कर जाते हैं।
अरे भाई अपना अपना ही होता है उसे दूसरों के लिए नाराज नहीं करते,
इतनी सी बात इनके समझ में नहीं आती।
@narendramodi@BJP4India