प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 76वीं जयंती पर आज केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद जी @JitinPrasada को उनके आवास पर अपनी पुस्तक ‘वरदान’ की प्रथम प्रति भेंट की।
मेरे द्वारा लिखी गई यह पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल में देश के आम नागरिकों पर पड़े आर्थिक प्रभाव का व्यापक और तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में लागू की गई बड़ी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता की निरंतर चर्चा होती रही है। इन उपलब्धियों के आंकड़े भी समय-समय पर देश के सामने आते रहे हैं। इसके बावजूद शासन की नीतियों से उत्पन्न एक व्यापक आर्थिक प्रभाव ऐसा है, जिसे अब तक समग्र रूप से जोड़कर देखने का प्रयास बहुत कम हुआ। ‘वरदान’ का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष इसी अनदेखे पक्ष को सामने लाता है।
पुस्तक में प्रस्तुत विस्तृत विश्लेषण के अनुसार पिछले 12 वर्षों के दौरान नीतिगत परिवर्तनों, प्रशासनिक सुधारों, नई आर्थिक व्यवस्थाओं, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभों तथा नागरिकों पर पड़े वित्तीय प्रभावों का समेकित मूल्यांकन लगभग 1075 लाख करोड़ रुपये की विशाल राशि की ओर संकेत करता है। यह निष्कर्ष केवल एक बड़ा आंकड़ा प्रस्तुत नहीं करता, बल्कि शासन के आर्थिक प्रभाव को देखने का एक नया दृष्टिकोण भी देता है।
यदि इस आकलन को सही परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो इसका महत्व केवल राशि की विशालता तक सीमित नहीं रहता। 1075 लाख करोड़ रुपये कोई सामान्य वित्तीय संख्या नहीं है। यह अनेक बड़े केन्द्रीय बजटों और महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संयुक्त आकार के बराबर है। यदि इतनी बड़ी राशि का लाभ अलग-अलग माध्यमों से नागरिकों, परिवारों और समूची अर्थव्यवस्था के भीतर बचत, सहायता, आयवृद्धि अथवा आर्थिक राहत के रूप में उत्पन्न हुआ है, तो इसे किसी एक योजना या नीति का परिणाम नहीं माना जा सकता। यह शासन की अनेक परतों, वित्तीय व्यवस्थाओं, प्रशासनिक निर्णयों और आर्थिक सुधारों के सम्मिलित प्रभाव का परिणाम है।
यहीं पुस्तक के शीर्षक ‘वरदान’ का वास्तविक अर्थ भी स्पष्ट होता है। वरदान केवल वह नहीं होता, जो किसी एक क्षण में प्राप्त हो और जिसका प्रभाव तत्काल दिखाई देने लगे। कभी-कभी वह अनेक छोटे-बड़े निर्णयों, दूरगामी नीतियों और व्यवस्थागत सुधारों के माध्यम से धीरे-धीरे नागरिकों के जीवन का हिस्सा बनता है। उसका वास्तविक आकार तब सामने आता है, जब वर्षों में हुए लाभों और बचत के बिखरे हुए आंकड़ों को एक साथ रखकर देखा जाता है।
‘वरदान’ में लगभग 1075 लाख करोड़ रुपये के इसी व्यापक आर्थिक प्रभाव को प्रमाणों, आंकड़ों और तार्किक विश्लेषण के आधार पर समझने तथा देश के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक मोदी सरकार की योजनाओं की सामान्य चर्चा से आगे बढ़कर उनके सम्मिलित आर्थिक प्रभाव का एक नया और विचारोत्तेजक आकलन प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री जी को पुनः जन्मदिन की बधाइयों के साथ आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना!
सामान्य बिक्री के लिए पुस्तक अगले सप्ताह से उपलब्ध होगी।
@PMOIndia@NamoApp
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Driver reported he found key to uber support team.
When I called driver his number was not reachable. Filed a support request on 27 Aug 26
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