बिना किसी FIR के जुनैद भाई के घर और बहन के ससुराल पुलिस का पहुंचना और यूपी बुलाना सरासर मनमानी है!
कसूर सिर्फ इतना है कि दाढ़ी-टोपी है और नाम उर्दू में है। इस नाइंसाफी के खिलाफ आवाज़ उठाइए!
जामिया के कुछ छात्र जंतर मंतर से लौट रहे थे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया और साथ थाने ले जाने लगी, वहाँ से गुज़र रहीं सामाजिक कार्यकर्त्ता ज़ेबा खान और पत्रकार अफ़ज़ल आलम ने हिम्मत दिखाते हुए उन बच्चों को छुड़ाया, और पुलिस से सवाल पूछा कि प्रोटेस्ट में जाना कैसे जुर्म है?
"हम एक वेबसाइट शुरू कर रहे हैं जहां घायल प्रदर्शनकारी और पुलिस द्वारा मारपीट का शिकार हुए लोग शामिल पुलिसकर्मियों की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं,
अगर दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो हम उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे और अदालत का रुख करेंगे।"
: Saurav Das (spokesperson)
हैलमेट में अपना चेहरा छिपाए दिल्ली पुलिस का ये जवान एक लड़की के माथे पर वार कर रहा है . पुलिस वालों ने सारी सीमाएं तोड़ दी .
पुलिस की ये लाठियां सरकार को भारी पड़ेगी .
@CPDelhi@DCPNewDelhi@DelhiPolice वर्दी वाले इन अपराधियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी ?
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
पता चला है कि कल और रविवार है जिसके चलते बहुत ज्यादा भीड़ आ सकती है,
ऐसे में सरकार आज रात हमें हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने की कोशिश कर सकती है।
: अभिजीत दीपके
27 दिन बाद सोनम वंचूक जी ने आज अपना अनशन तोड़ दिया!!
अनशन तोड़ने के बाद सोनम वंचूक जी फिर वापिस आये दिल्ली जंतर मंतर पर!!!
अभीजीत दीपके ओर सोनम वंचूक आये जंतर मंतर पर वापिस!!
सोनम वंचूक जी के आने पर युवाओं ने लगाए इंकलाब जिंदाबाद के नारे!!
@Wangchuk66@abhijeet_dipke
अभिजीत दिपके-
"मोदी जी, मैं आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लें!
वरना, यह मामला सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह आपके इस्तीफे तक भी पहुंच जाएगा"
ग़ज़ब
“CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान भी अव्यवस्थाएं देखने को मिली थीं”: @asadowaisi
संसद मार्च में पुलिस के लाठीचार्ज और छात्रों को पिटाई को गलत बताते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान जो हुआ वो शायद अब आप लोग भूल रहे हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के अंदर घुसकर लाइब्रेरी और कैंटीन में छात्रों को मारा गया था. इस दौरान एक लड़के की आंख की रोशनी भी चली गई थी."