दरिया तेरी अब खैर नही ।
बूंदो ने बगावत कर ली है।
नादान ना समझ बुजदिल इनको।
लहरो ने बगावत कर ली है।
हम परवाने है। मौत समा ।
मरने का किसको ख़ौफ यहाँ।
रे तलवार तुझे झुकना होगा।
गर्दन ने बगावत कर ली है।
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