1. जो लोग चुनाव नहीं जीत पाए वो सड़कों पर अराजकता फैलाकर जीतना चाहते थे
2. प्रधानमंत्री का आवास घेरना और संसद पर हंगामा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता
3. भारत एक बड़ा देश है और ऐसी परिस्थितियों में इमरजेंसी के अलावा कोई और चारा नहीं था
4. पब्लिक की याददाश्त बहुत कमज़ोर होती है और वो पुरानी बातें भूल जाती है
~ 1977 चुनावों में हार के बाद इंदिरा गांधी
रुचिका सिंह एक कदम आगे निकली गुमराह कर रही
गाली देने वाली 25 साल की है और माफी मांगने
वाली 15 साल की इसमें भी तथ्य सामने आ रहे
चेहरा भी अलख दाँतों में फरक है साफ नजर आ रहा
नोएडा पुलिस अच्छे से संज्ञान ले
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।
Dear @AshwiniVaishnaw ji, they’re filming the act of crime and you are just sitting helplessly, why?
Arrest them and bulldoze their houses so they learn their lesson
Shabana Azmi
Prakash Raj
Anurag Kashyap
Anubhav Sinha
Dia Mirza
Rahul Bose
Gauahar Khan
Zoya Akhtar
Swara Bhasker
Kunal Kamra
Naseeruddin Shah
Abhijit Dipke
Neha Bora
Saurav Das
None of them have Supported the Jharkhand Students Protest
🚨 कांग्रेस… तुमने क्या कर दिया 🥲
ये हैं 26 साल के चंडी तिवारी। परीक्षा के लिए अपनी संपत्ति बेच दी, लेकिन रिजल्ट ही नहीं आया।
अभिजीत को देखकर झारखंड में प्रदर्शन करने पहुंचे। अब खाने को भी नहीं है क्योंकि विदेशी फंडिंग नहीं आ रही।
मां SC समुदाय से हैं, लेकिन कोई नेहा भारती सपोर्ट करने नहीं आई। निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं, लेकिन न राहुल गांधी हैं, न केजरीवाल।
नौकरी चाहिए, पैसे नहीं हैं… लेकिन ध्रुव राठी भी वीडियो नहीं बना रहे।
इस गरीब आदमी के पास कोई नहीं है क्योंकि यह राज्य BJP शासित नहीं है।
अगर BJP की सरकार होती तो ये सारे “फ्रॉड” उसके साथ खड़े होते 🙏
#Jharkhand #PaperLeak #SilentOpposition