भाजपा सरकार की हालत देखिए, आरक्षण के मुद्दे पर अपने ही केंद्रीय मंत्री आपस में भिड़ गए! 😂
सवाल सीधा है, चिराग पासवान आखिर बाबा साहेब आंबेडकर से ज्यादा काबिल कैसे हो गए?
जीतन राम मांझी ने आखिर गलत क्या कह दिया?
लेकिन नहीं, आरक्षण पर सवाल उठाने वाला कोई भी हो, उसे तुरंत घेरना है और व्यवस्था को बिना बहस के डिफेंड करना है।
इस पूरे खेल में आदित्य भाई ने चिराग पासवान के सारे धागे खोल दिए! 🔥
कानून किसी के खिलाफ भेदभाव का माध्यम नहीं, न्याय का साधन होना चाहिए।
SC/ST Act जैसे कानूनों में भी दुरुपयोग पर रोक, निष्पक्ष जांच और निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
#JusticeForAll#EqualJustice#StopMisuseofScStact
हर गांव-शहर, हर गली-मोहल्ले में,
>UGC Roll Back
>SC/ST एक्ट में सुधार करो
>राष्ट्रीय सवर्ण आयोग बनाओ
>EWS का सरलीकरण करो
>आरक्षण में बदलाव करो
इन मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे है।
अठालवे जी, जाटव जी और पासवान जी का लक्ष्य इस बच्चे तक आरक्षण पहुँचाने से रोकना है। ये किस जाति का है, पता नहीं, पर इसे आरक्षण चाहिए यह इसकी थाली में पानी का होना बताता है।
कानून किसी के खिलाफ भेदभाव का माध्यम नहीं, न्याय का साधन होना चाहिए।
SC/ST Act जैसे कानूनों में भी दुरुपयोग पर रोक, निष्पक्ष जांच और निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
#JusticeForAll#EqualJustice#StopMisuseofScStact
सवर्ण समाज के खिलाफ UGC कानून और गलत बयानबाजी से असहमति जताते हुए महेश कुमार पाण्डेय ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से इस्तीफा दे दिया।
यह इस्तीफा सिर्फ पद से त्याग नहीं, बल्कि अपनी बात और स्वाभिमान के लिए खड़े होने का संदेश है।
Darbhanga: 200 Brahmins booked under the SC/ST Act.
Now, Firozabad: 20 Kshatriya Rajput brothers booked under the same Act.
How many more examples before we admit the law is being misused?
SC/ST Act needs urgent reform. Enough is enough.
अब चिराग पासवान की घेराबंदी सिर्फ बाहर से नहीं, NDA के भीतर से भी शुरू हो गई है! 😂
ओम प्रकाश राजभर ने सीधा सवाल खड़ा कर दिया।
अगर चिराग पासवान Creamy Layer में आते हैं और सच में अपने समाज के सबसे गरीब व्यक्ति का हित चाहते हैं, तो फिर आरक्षण का लाभ छोड़कर उस जगह किसी जरूरतमंद को मौका क्यों नहीं मिलना चाहिए?
और सबसे बड़ा पंच तो यही था...
“क्या सब दिन वही आरक्षण लेते रहेंगे?” 😂🔥
कल तक चिराग जी मांझी परिवार को इस्तीफा देने की सलाह दे रहे थे। अब NDA के ही मंत्री कह रहे हैं कि पहले आप उदाहरण पेश कीजिए!
अब मामला दिलचस्प हो गया है।
मांझी भी बोल रहे हैं, संतोष सुमन भी बोल रहे हैं और अब राजभर भी मैदान में उतर गए।
लगता है Creamy Layer और Sub Classification की बहस ने जाति की राजनीति के कई पुराने ताले खोल दिए हैं।
अब जवाब भाषण से नहीं चलेगा चिराग जी, जनता पूछ रही है...
क्या सामाजिक न्याय का लाभ कुछ राजनीतिक परिवारों की स्थायी संपत्ति है या सबसे नीचे खड़े व्यक्ति तक भी पहुंचेगा? 🔥
एक बाइक से किसी की टक्कर हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट हुई।
झगड़ा हुआ था तो सामान्य मारपीट और BNS की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हो सकता था। लेकिन अगर पूरे विवाद में जातिवाद का कोई संबंध ही नहीं था, तो सिर्फ एक पक्ष के SC/ST समुदाय से होने के आधार पर SC/ST Act भी लगा दिया गया ..
सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि हर झगड़े, हर गाली या हर अपमान को SC/ST Act का अपराध नहीं माना जा सकता। इसके लिए यह दिखना जरूरी है कि अपमान या धमकी जाति के कारण की गई थी, लेकिन सुनता कौन है..
#WATCH | पटना, बिहार | केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण के विषय पर कहा, "जो बहस चल रही है, वो बहस स्वतः नहीं है। 2024 में सर्वोच्च न्यायालय ने सर्वसम्मति से एक सुझाव दिया, एक निर्णय दिया कि राज्य चाहे तो शेड्यूल कास्ट कोटा में भी सब-कोटा का विभाजन कर सकता है। इसके संबंध में भारत के कई राज्यों में कोटा में भी सब-कोटा की बात की गई है। इससे फायदा ये हुआ है कि शेड्यूल कास्ट में कोटा का लाभ जो कुछ वर्ग के लोग कई सालों से लेते आ रहे थे, 90 प्रतिशत पोस्ट पर वही लोग हैं और जो लोग आर्थिक व शैक्षणिक दृष्टिकोण से नीचे तबके पर हैं वे केवल 10 प्रतिशत में सीमित हैं। उदाहरण है पंजाब। पंजाब में जब बंटवारा नहीं था तो क्लास 1 में 7-8 जातियां थीं, जो 95 प्रतिशत उसका लाभ ले रही थीं लेकिन जब बंटवारा हुआ तो वो जातियां थीं वे 45 प्रतिशत पर सिमट गईं। जिसे लाभ नहीं मिल रहा था, उसे भी लाभ मिलना शुरू हो गया। बिहार में भी दलित और महादलित वर्ग बना... सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप आरक्षण में बंटवारा होना चाहिए, जिससे नीचे तबके के वे लोग जो आरक्षण का लाभ नहीं ले पाए, उन्हें लाभ मिल सके..."
चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री हैं, उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय मिला हुआ है। आरक्षण में सुधार के विरोध में इतने आक्रामक हैं कि वो लगातार बयान दिए जा रहे कैमरे के सामने। इसी चक्कर में फ़र्ज़ी ख़बर फैला रहे।
सोचिए, एक पार्टी का अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री खुलेआम झूठ बोल रहा है, लेकिन कोई उसे फैक्ट-चेक करने वाला नहीं है। उसे झूठ बोलने दिया जा रहा है, क्योंकि इससे दलित समाज में ये माहौल बनेगा कि आरक्षण को छूने की कोई योजना नहीं है। जबकि इसी बिहार से आने वाले जीतन राम माँझी लगातार आरक्षण में सुधार के समर्थक हैं। वर्गीकरण के समर्थक हैं।
कहाँ ऐसा हुआ? कहाँ पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को किसी मंदिर में नहीं घुसने दिया? जब वो राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में नामित की गई थीं तभी उनकी तस्वीर आई थी उनके गाँव के मंदिर में साफ़-सफाई व पूजा करते हुए। राष्ट्रपति बनने के बाद तो ऐसा कहीं हुआ ही नहीं कि उन्हें रोका गया हो।
जुलाई 2023 में ये फ़र्ज़ी ख़बर फैली थी। दिल्ली स्थित जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीर के साथ ये दावा वायरल किया गया था कि उनके साथ भेदभाव हुआ है। जबकि सच्चाई यह थी कि रथयात्रा के कारण भारी भीड़ को देखते हुए राष्ट्रपति ने स्वयं बाहर से दर्शन करने का निर्णय लिया था। वो शुरू से भगवान जगन्नाथ की भक्त रही हैं। आज 3 साल बाद एक बार फिर से इस झूठ को दोहराया जा रहा है, वो भी एक केंद्रीय मंत्री द्वारा।
पिता केंद्रीय मंत्री थे। माँ एक केंद्रीय मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्ट की बेटी हैं। स्वयं दलितों के लिए आरक्षित सीट से लड़ते हैं। चिराग पासवान को आरक्षण चाहिए, झूठ फैलाने के मामले में भी।
अब ये आंदोलन गांव की तरफ़ बढ़ रहा है मैंने अपने लोगो से आग्रह किया था की जब तक जंतर मंतर पर अनुमति ना मिल जाए तब देश के हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन हो ।
कल 30 अगस्त को बल्लभगढ़ में हमारे कोर कमेटी के सदस्य श्री दीपक गौड़ जी के नेतृत्व में प्रदर्शन है यदि आप आसपास हैं तो जरूर पहुंचिए और इस प्रदर्शन को सफल बनाइए ।
विधवा गरीब ब्राह्मण औरत का दुख कोई नहीं सुनने वाला नहीं यही आजादी का अमृत महोत्सव है जिसमे गरीब की कोई सुनवाई नहीं अब तो सुने सरकार क्या मरने के बाद ही संवेदना जगाती है।
रोती बिलखती दशोदरी , पाण्डेय , ग्राम झरी, ग्राम पंचायत बरही जनपद पंचायत हनुमना जिला मऊगंज मध्य प्रदेश,
आजादी के 8 दशक बाद ऐसी हालत है गांव से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हुई।
Collector Mauganj महोदय जी क्या महिला का घर गिरने का इंतजार आपके द्वारा किया जा रहा है।
गरीब दुखियारी महिला घर कभी भी गिर सकता है। मानवता मर चुकी है सिर्फ दिखावे के विकास का ढोल पीटा जा रहा है।
किसी भी वक्त यह घर धरासाई हो सकता है,जो अब पूर्ण रूपेन रहने लायक नहीं रह गया है, घर की सभी दीवारें डैमेज हो चुकी हैं। ये वायरल मामला 5 वर्ष से है
अभी तक शासन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया,
अब तो सुनो सरकार क्या इस महिला मर जाए यही चाहती है मऊगंज प्रशासन और स्थानीय विधायक क्यों अभी तक इस महिला के घर की पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
#Mauganj #मऊगंज
RHA Reforms Demand 1: National Commission for General Category (NCGC)
A statutory commission fighting for GC rights.
Open to your feedback & suggestions as we take this forward.
“मैं विधवा हूँ, और मेरी बहू भी विधवा है”
“हमे कोई भी सरकारी लाभ नहीं मिलता”
“प्रधान कहता है, तुम ठाकुर हो, तुम्हें किसी योजना की क्या जरूरत”
ये स्थिति है सवर्णों की देश में
इसलिए-- #सवर्ण_आयोग_बनाओ
#UGC_RollBack_महापंचायत
स्थान : पृथ्वीराज चौहान मैदान (करहेड़ा), एनसीआर, साहिबाबाद, जिला - गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
दिनांक : 30 अगस्त 2026
समय : सुबह 11.00 बजे
सभी सवर्ण समाज साथियों से निवेदन है कि लोकेशन नीचे दी गई है आप अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस महापंचायत को ऐतिहासिक बनाएं।
आयोजक : समस्त सवर्ण समाज
#kshatriyakarnisena #iamrajshekhawat #akhandkarniparty #UGCRollBack #delhi #Ghaziabad #Sahibabad #Karheda