शिक्षा के लिए 21 हजार करोड़ का दान
मूलतः रींगस (सीकर ) के रहने वाले दुनिया में मेटल किंग के नाम से मशहूर वेदांता ग्रुप' के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन की सारी कमाई का 75% शैक्षणिक कार्यों के लिए दान करने का ऐलान किया है। किसी भी भारतीय के द्वारा दान की जाने वाली यह सबसे बड़ी रकम होगी। अनिल अग्रवाल के पूर्वज रींगस से बिहार चले गए थे और अनिल ने अवसरों की पहचान करके दुनिया भर में अपने व्यापार को जमाया। आज उनका नाम दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल होता है। उदयपुर में हिंदुस्तान जिंक से लेकर बाड़मेर में केयर्न वेदांता तक उनके ही उपक्रम हैं।
यह गौरतलब है कि अनिल अग्रवाल ने खुद उच्च शिक्षा हासिल नहीं की लेकिन अपनी बुद्धिमत्ता और विरासत में मिली व्यापारिक सूझ-बूझ से उन्होंने बड़े से बड़े सौदे किए। अनिल अग्रवाल लंदन में रहते हैं लेकिन राजस्थान से उनका जुड़ाव निरंतर बना रहता है। उनके बेहतरीन विचारों, खास तौर से मां को लेकर उनके मर्मस्पर्शी विचारों और हमारी परंपराओं को लेकर उनके सजगता के लिए मैं उन्हें फॉलो करता हूं।
@AnilAgarwal_Ved
भगवान श्री कृष्ण ने कौरवों को समझाया था कि पाण्डवों को पाँच गाँव दे दो और झगड़ा समाप्त करो।कौरव नहीं माने। फिर पाण्डवों ने इतिहास रच दिया।
#SirfPaanchGaon
बिपरजॉय बनाम जीमण जॉय
मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि हमारी जीजिविषा के आगे ये अंधड़-तूफान बहुत छोटी चीज हैं।
कोई तूफान टेंट गिरा सकता है, उड़ा सकता है लेकिन जीमने के अधिकार को नहीं छीन सकता
जय जय राजस्थान 😁😁