बहनजी के आदेश पर जिन पदाधिकारियों ने आकाश आनंद जी को सोशल मीडिया पर अनफॉलो किया था उन्होंने आकाश आनंद के माफ़ी मांगने वाले ट्वीट के बाद सभी पदाधिकारियों ने उन्हें पुनः फ़ॉलो कर लिया और फ़ॉलो करने की अपील कर रहे हैं।
इससे साफ़ स्पष्ट है कि आकाश आनंद जी की पार्टी में वापसी हो चुकी हैं, पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की अपील को बहनजी स्वीकार कर लिया हैं बाक़ी विरोधियों के पेट में दर्द तब भी था जब उन्हें पार्टी से निष्कासित किया था और अब भी बसपा विरोधियों के पेट में दर्द है जब उन्हें पार्टी में वापस लिया जा रहा हैं, और विरोधियों की दिक्कत आकाश आनंद नहीं है बल्कि बसपा ही है क्योंकि बसपा बहुजन महापुरुषों के विचारों पर चलने वाली पार्टी है, जातिवाद, सामंतवाद और लठैतवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने का काम करती हैं, दलित शोषित वंचित वर्ग के न्याय और हक-अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का काम करती हैं उनकी हिस्सेदारी देने की बात करती हैं, बस विरोधी पार्टियों को ये बसपा का एजेंडा पसंद नहीं आता हैं।
परम आदरणीय बहन जी,
आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं।
राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूँ।
पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं। मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।
श्री अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूँ। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है।
उस समय मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया, और अफ़वाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुँची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूँ।
मैं सिर्फ़ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूँ। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूँगा।
बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है।
जय भीम।
जय बसपा।
आप बार बार समाज को "मछुआरा" बोल बोलकर यह मानसिकता क्यों दिखा रहे हो कि उनका जन्म सिर्फ मछली पकड़ने के लिए ही हुआ है?
आप जैसे नेता जो खुद को निषाद समाज का नेता तो बोलते हैं लेकिन सरकार में शामिल होकर अपने परिवार की तरक्की करके शांत हो जाते हैं फिर चाहे समाज कितना भी पिछड़ा रहे।
परम आदरणीय बहन जी सादर चरण स्पर्श!
माननीया बहन जी आपको अवगत कराना है कि, मेरे लिए आपका आदेश दुनिया की किसी भी चीज़ से बढ़ कर है। आपके आदेश के आगे मेरे रिश्ते नाते, परिवार सभी बेहद छोटे हैं। आपके मार्गदर्शन में, मैं बीते पैंतीस वर्षों से बीएसपी और मान्यवार साहेब श्री कांशीराम जी और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित रहा हूं। आपने आज तक जो भी जिम्मेदारी दी है उसे अपने पूरे सामर्थ्य के साथ निभाने की कोशिश की है। आप मेरी राजनैतिक गुरू हैं, मेरी बड़ी बहन हैं, आपने मुझ जैसे अदने से व्यक्ति को क्या कुछ नहीं दिया, आपकी वजह से ही मैं विधान परिषद और राज्य सभा तक का सदस्य रहा हूँ । आपने मुझे इस लायक समझा कि आपने मुझ जैसे मामूली से कार्यकर्ता को अपने परिवार का सदस्य बनाया। ये आपका ऋण है, जो मैं इस जीवन में चुका भी नहीं सकता।
परमपूज्य आदरणीय बहन जी, मेरे आराध्य तथागत भगवान गौतम बुद्ध और मेरे राजनीतिक आदर्श मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी की क़सम खाता हूँ , कि मैंने कभी भी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया और आपके खिलाफ कुछ भी करने का तो मैं सपने में भी सोच नहीं सकता हूं। मेरा और मेरे परिवार का ये पूरा जीवन आपका ऋणी है। आदरणीय बहन जी, आपकी एक-एक नसीहत और आदेश मेरे लिए अंतिम शब्द हैं।
आदरणीय बहन जी, माननीय आकाश जी को सलाह देना तो दूर बीते कई महीनों से मेरी उनसे मुलाकात भी कुछ एक अवसर पर तब हुई जब उनके कार्यक्रम उन राज्यों में लगे जिनकी जिम्मेदारी आपने मुझे दी हुई थी।
मान० बहन जी हमारी पार्टी के ही कुछ साथी मुझे आपसे मिले सम्मान के कारण मुझ पर ये आरोप लगाते हैं कि मैं पार्टी पर कब्जा करना चाहता हूं, मैं माननीय आकाश आनंद जी को गुमराह करने की कोशिश कर रहा हूं...इसमें लेशमात्र भी सच्चायी नहीं है! आदरणीय बहन जी मैं आपसे विनम्र निवेदन के साथ कहा रहा हूं कि ये मेरे राजनैतिक विरोधियों की साजिश है ,जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, जिसकी सच्चाई एक न एक दिन आपके सामने ज़रूर आ जाएगी।
आदरणीय बहन जी, मेरी आपसे हाथ जोड़ कर विनती है कि मेरे सन्यास लेने को आप आकाश जी की वापसी से मत जोड़िए, माननीय आकाश आनंद जी मेरे दामाद से पहले आपके भतीजे हैं, और आदरणीय आनंद भाईसाहब के बेटे हैं। उनके अंदर आपका खून बहता है, उन्होने जीवन के दो दशक आपकी छत्र छाया और देख-रेख में बिताए हैं, मेरे जैसा मामूली सा कार्यकर्ता भला उनको क्या ही गुमराह कर पाएगा। उनका अच्छा-बुरा आप किसी और से ज्यादा बेहतर समझती हैं, उनको वापस जिम्मेदारी देना या ना देना ये आपका फैसला है !🙏 इसे मेरे सन्यास लेने से जोड़ कर आप मुझ जैसे मामूली कार्यकर्ता को उसकी हैसियत से ज्यादा महत्त्व दे रही हैं।
आदरणीय बहन जी, आप खुद में त्याग और दया की मूर्ती हैं, जब बात समाज के हित की आई तो आपने मुख्य मंत्री की कुर्सी और राज्यसभा के सदस्य पद को भी ठोकर मार दी, आदरणीय बहन जी, आप हमारी मार्गदर्शक ही नही हमारी आदर्श भी हैं, और अगर आज आपको लगता है कि मेरे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रहने से हमारे संतो , गुरुओं और महापुर्षों के बनाए हुए बहुजन मिशन को नुकसान पहुंच रहा है तो मैं अभी इसी वक्त राजनैतिक और सामाजिक जीवन से सन्यास ले रहा हूं। आदरणीय बहन जी, मेरा ये जीवन आपका ऋणी है, ऐसे में सन्यास तो बहुत छोटी चीज है आपके लिए अगर मुझे कभी अपनी जान भी देनी पड़े तो वो भी मेरे लिए फक्र की बात होगी।
ससम्मान , जय भीम!! जय भारत!!!
जय बहुजन समाज!
आपका कार्य कर्ता
अशोक सिद्धार्थ
नोट- देरी के लिए क्षमा प्रार्थी!!!
पूरे भारत में केवल 15/85 का नारा देने वाले क्या सरकार से सवाल नहीं पूछ सकते कि इस मंत्रालय के मंत्री भी बहुजन समाज से हैं तो फिर आंकड़ा कम क्यों ?#बसपा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के यशस्वी पूर्व मुख्यमंत्री, लोकसभा में सपा संसदीय दल के नेता आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
हम ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं।
यू.पी. के जिला गाजियाबाद में खोड़ा के एक नौजवान युवक सूर्या चौहान की हुई हत्या की घटना अति दुखद व चिन्ताजनक। इस प्रकार की आयदिन हो रही घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन को सही कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही इस घटना में शामिल अपराधियों की पहचान करके उन्हें कानूनी सजा जरूर दी जाए।
इसके साथ ही चुनाव का समय जैसे-जैसे नज़दीक आता जाएगा ऐसी घटनाओं के व्यापक दुष्परिणाम होंगे। अतः सरकार पूरी तरह सतर्क रहे।
दुनिया की पहली महिला जो बलात्कार का समर्थन करती है , इसके कपड़ो के रंग से पता चल रहा है कि ये किसकी कार्यकर्ता है !! ये अपनी बेटी के बलात्कारी का भी समर्थन करेगी क्या?? पैसे से ख़रीदे गये लोग जल्दी भाग जाते है !!!
जो मंच से व्यवस्था को आईना दिखाता था,
आज उसी आईने में खुद को तलाशता है।
सवाल वही है जनता का, जवाब बदला-बदला,
कुमार विश्वास अब किस विश्वास को निभाता है?
दर्शनार्थियों की सुरक्षा और ट्रैफ़िक व्यवस्था का चाक-चौबंद प्रबंध किया जाए। छुट्टियों और नव वर्ष पर श्रद्धालुओं की संख्या का बढ़ जाना स्वाभाविक है। शासन-प्रशासन को इसके लिए पहले से ही व्यवस्था करनी चाहिए।
नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
भाजपा जाए तो नौकरी आए!
हमारा नैतिक समर्थन प्रतियोगी छात्रों के साथ हमेशा रहा है और रहेगा। ये राजनीति का नहीं युवाओं के भविष्य का सवाल है।
#15_दिसंबर_महाआंदोलन_लोकसेवाआयोग
“ मैं अपने देश वापस जाना चाहती हूँ। आपने ही मेरा टिकट कैंसल किया है, इसलिए मुझे वही टिकट फिर से चाहिए—पहले जैसा!
मैं फ्रांस वापस जाऊँगी। मुझे किसी की ज़रूरत नहीं है; मैं फ्रांस वापस जा रही हूँ।
मुझे मेरा टिकट चाहिए! उन्होंने सब कुछ बर्बाद कर दिया है।”
ये हालत हमारे देश के हो गये है सरकार सो रही है!!
#IndigoAirlines