इस हिसाब से गुरुकुल व बनारस हिंदू विश्वविद्यालय आदि बड़े शिक्षा संस्थानों पर भी ताला लगना चाहिए। यह क्या बात हुई केवल मदरसों पर ही ताला क्यों, क्या मुस्लिम बच्चे मदरसों की तालीम के ��कदार नहीं है।
अपने धर्म के स्कूलों में अपने धर्म की शिक्षा ग्रहण करना कौनसा गुनाह है? यह तो शुद्ध रूप से मुस्लिम बच्चों के साथ अन्याय है। क्या उनके कोई अधिकार नहीं है?
क्या विश्वविद्यालय क्या विद्यालय जितने भी शिक्षा से जुड़े संस्थान है। उन सब में न्यूनतम गुणवत्ता का ख़ाना विद्यार्थियों को खिलाया जाता है।
यह तो बड़ी संस्था की बात हो गई, मेरे गाँव में भी मैं जिस सरकारी विद्यालय में पढ़ा हूँ। वहाँ भी म��ंने आधे पक्के चावल, आधी जली रोटियां और एकदम बेस्वाद सब्जी हमेशा खाई है।
आज भी मेरे गाँव के 'स्कूल' की वैसी ही हालात है। जहाँ आज भी दूध कम और ज्यादा पानी मिलाकर पिलाया जाता है। अध्यापकों के लिए उच्च गुणवत्ता का ख़ाना अलग से परोसा जाता है।
किंतु छात्र-छात्राओं के लिए वही घटिया ख़ाना है। यही हमारे विश्वगुरु भारत की हकीकत है। जिसको नकारा नहीं जा सकता है।
क्या बोलेगी सरकार इस पर?
यह सरकार इतनी घटिया है कि एक तरफ़ राम रहीम जैसे बलात्कारी बाबा को आसानी से जमानत दे देती है। वही दूसरी ओर एक इंसान है जिसने देशप्रेम की बात की, राष्ट्र हित की बात की वो सालों से जेल में है।
यह एक तरह से नाइंसाफी नहीं तो और क्या है? उमर खालिद को तो जेल में रखा है और राम रहीम के जमानत देकर "रोड़ शो" करवाए जाते हैं। यह कौनसी किताब में लिखा है कि जो देश���क्त हो उसे जेल में रखो और जो दोषी है वह बाहर खुली हवा में साँस ले।
उमर खालिद का कसूर इतना ही है कि वह मुसलमान है।मुसलमान होना कौनसा गुनाह है? कानून की ऐसी कौनसी किताब में लिखा है कि मुसलमान होना पाप है?
क्या इसका ज़वाब है सरकार के पास?
#UmarSixYearsWithoutTrail
जो लोग सच को सामने नहीं आने देते, और जो मुसलमानों को केवल एक अपराधी की नज़र से देखते हैं। वे लोग केवल देश में फैला कूड़ा-कचरा है। अगर ऐसे लोगों को झाड़ू लेकर साफ़ ना किया जाएगा, तो यह समूचे समाज में गंदगी ही गंदगी फैला दें गे।
इन लोगों की रोज़ सफाई होनी चाहिए, क्��ूंकि यह वही लोग है जो मुसलमानों को सिर्फ़ आंतकी ही नहीं बताते, देश विरोधी ताकतों से जुड़ा हुआ भी बताते हैं।
चूँकि, इनके ख़ुद के कोई विचार अथवा बौद्धिकता नहीं होती। जो कुछ बीजेपी का "व्हाट्सप्प विश्वविद्यालय" इनको पढ़ाता है। यह वही सच मान लेते हैं। एक तरीके से इनका मानसिक शोषण बीजेपी कर रही है और मुसलमानों के खिलाफ़ भड़का रही है।
अत: यह इस देश की बर्बादी का ��बसे बड़ा कारण है, क्यूंकि ज़ब तक इस देश में भाजपा है। इस देश को कोई और तबा नहीं कर सकता। भाजपा ने केवल मुसलमानों के खिलाफ़ लोगों के मन में नफ़रत फैलाने का काम सिद्द्त से किया है।
अगर यह काम भाजपा देश की उन्नति के लिए करती, तो आज इस देश का अलग की रूआब होता है। लेकिन नहीं इन्होंने तो केवल मुसलमानों को ही धूमिल करने की कसम खाई है।
जो लोग सच को सामने नहीं आने देते, और जो मुसलमानों को केवल एक अपराधी की नज़र से देखते हैं। वे लोग केवल देश में फैला कूड़ा-कचरा है। अगर ऐसे लोगों को झाड़ू लेकर साफ़ ना किया जाएगा, तो यह समूचे समाज में गंदगी ही गंदगी फैला दें गे।
इन लोगों की रोज़ सफाई होनी चाहिए, क्यूंकि यह वही लोग है जो मुसलमानों को सिर्फ़ आंतकी ही नहीं बताते, देश विरोधी ताकतों से जुड़ा हुआ भी बताते हैं।
चूँकि, इनके ख़ुद के कोई विचार अथवा बौद्धिकता नहीं होती। जो कुछ बीजेपी का "व्हाट्सप्प विश्वविद्यालय" इनको पढ़ाता है। यह वही सच मान लेते हैं। एक तरीके से इनका मानसिक शोषण बीजेपी कर रही है और मुसलमानों ���े खिलाफ़ भड़का रही है।
अत: यह इस देश की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण है, क्यूंकि ज़ब तक इस देश में भाजपा है। इस देश को कोई और तबा नहीं कर सकता। भाजपा ने केवल मुसलमानों के खिलाफ़ लोगों के मन में नफ़रत फैलाने का काम सिद्द्त से किया है।
अगर यह काम भाजपा देश की उन्नति के लिए करती, तो आज इस देश का अलग की रूआब होता है। लेकिन नहीं इन्होंने तो केवल मुसलमानों को ही धूमिल करने की कसम खाई है।
मंदिर-मस्जिद तोड़ने से, हिन्दुओं-मुसलमानों को आपस में लड़ाने से देश को विश्वगुरु नहीं बनाया जा सकता है। सरकार केवल जनता का इस्तेमाल करती है। जनता की रोजी-रोटी कैसे चलें? इसका किसी को कोई ख़्याल नहीं।
बस चुनाव के समय भूखे कुत्ते की तरह जनता के वोटों को हड्डी की तरह चूसने आ जाते हैं। इस तरह तो देश का विकास होने से ���हा।
@Millat_Times अकेले उत्तरप्रदेश में ही नहीं जहाँ-जहाँ बीजेपी है। उन सारे राज्यों में गुंडाराज है। यह कहना कदापि ग़लत नहीं होगा कि पूरे भारत में ही गुंडाराज है।
यह बीजेपी के लोग केवल मस्जिदों के पीछे क्यों पड़े हैं? कुछ भी हो मस्जिद तोड़ दो। इन लोगों की वजह से कोई मुसलमान खुलकर साँस भी नहीं ले पा रहा। यह कैसी रीत है? कैसा रिवाज़ है?
त्यौहार हिन्दुओं का होता है, मस्जिद तोड़ी जाती है मुसलमानों की। या तो फ़िर ऐसा करो दोनों के तोड़ दो, मंदिर मस्जिद कुछ भी ना रहे।
केवल अ��ेले मस्जिदों को क्यों तोड़ो? यह हुकूमत मुसलमानों को इतना सता रही है कि अब सब कुछ बर्दास्त से बाहर होता जा रहा है।
यह कैसा कानून है?
यह इस महिला के मानवाधिकार व इसके स्त्रीत्व लगे गहरे ज़ख्म है। हर दूसरी लड़की, महिला, बच्ची की यही हालात हो गई है। कितनी ही सरकारें आई गई, लेकिन महिलाओं की स्थिति कभी नहीं सुधरी।
स्त्रियों पर अत्याचार का खेल सदियों से चला आ रहा है, आज ज़ब देश को आजाद हुए करीब 80साल होने को है। तब भी वही परिपाटी दोहराई जा रही है।
नेताओं द्वारा बड़े-बड़��� नारे लगाए जाते हैं "नारी देवी है" क्या ऐसे देवी है? आप इस तरह से नारी के अधिकारों का गला घोट कर नारी की सुरक्षा में लगे हैं। लज्जा नहीं आती आपको?
नारी कोई वस्तु है क्या जिसको ज़ब चाहो अपने पास रख लो, ज़ब चाहे छोड़ दो। यह केवल इस अकेली मुस्लिम महिला की पीड़ा नहीं, हजारों लड़कियों की कहानी है। जो हर रोज़ इस सड़े हुए समाज से तंग आ गई है।
@PoojaMathur01 मैं आपकी बहादुरी की प्रशंसा करता हूँ, आपने जो रिपोर्टिंग की, वो गौरव की बात है। किंतु सरकार बेरुख़ हो गई है, एक तरीके की तानाशाही सच बोलने वाले लोगों के ऊपर थोपी जा रही है। यह दुःख की बात है।
यह बुजदिल लोगों का देश है, यहाँ जो सबका अच्छा सोचेगा उसके साथ बुरा होगा और निश्चित ही होगा। यह वही देश जहाँ धर्म के नाम पर लोगों को लड़वाया जाएगा।
यह सरकार बहुत बड़ा सिहासी खेल खेल रही है। जिसमें हिंदू-मुसलमान गेंहूँ की तरह पिसते जा रहे हैं। जो इनको ���ाथ बैठाकर एक थाली में खिलाने की बात करे। उसको बीजेपी वाले रास्ते से हटा देते है।
जो मोदी की जय बोलेगा, वो ही बोल पाएगा अन्य ��ोई नहीं। यह कायर लोगों का देश है। हर किसी में कायरता भरी हुई है। हर कोई पत्रकार, लेखक, विचारक मोदी के आगे दूम हिलाता है।
सलाम है, इस भाई के ज़ज्बे को।
धर्म की रक्षा करना कोई गुनाह नहीं है, और अपने धर्म का प्रचार करना भी कोई ग़लत काम नहीं है। लेकिन इन जैसे लोग गुंडागर्दी, मारपीट, अनुचित व्यवहार और गाली-गलौच जैसे काम करते हैं।
दूसर�� धर्म के लोगों को परेशान करते हैं, उनके साथ बुरा आचरण निभाते है। यह सरासर ग़लत है, शांति से अपने धर्म का प्रचार कीजीए। कौन ही रोकेगा।