सबसे बड़ा झूठ है कि चैनलों में डिबेट ऐंकर ज़्यादा काम करता है। उसके जितना कम काम पूरे चैनल में कोई नहीं करता। वह चाहे तो एक ही कपड़े में साल भर ऐंकरिंग कर सकता है, कपड़े से पसीने की बू तक नहीं आएगी। कम लागत, कम काम के लिए ही है डिबेट शो। बस चार फ़ालतू लोग शहर में होने चाहिएँ।
जुमलाजीवी असंसदीय? शर्म असंसदीय? संसद में भ्रष्ट, विश्वासघात, पाखंड, ड्रामा असंसदीय होगा? इन शब्दों के बग़ैर विपक्ष कैसे विरोध करेगा, सत्ता पक्ष के लोगों को निबंध लिख कर बताना चाहिए। यह ख़बर अमर उजाला में छपी है। आज़ादी का अमृत महोत्सव मुबारक।
अमरीका में भारत के चीफ जस्टिस ने कहा है कि नागरिकों को स्वतंत्रता-लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए अथक परिश्रम करना चाहिए। जस्टिस चंद्रचूड़ कह चुके हैं कि सरकार के झूठ को उजागर करते रहना चाहिए। दोनों काम के कारण ज़ुबैर जेल में है। कुछ निंदा कर रहे हैं, बाक़ी जश्न मना रहे हैं। 2
वह झूठ उजागर कर रहा था,तब उससे ख़तरा हो गया।धर्म के नाम पर नफ़रत के खेल को उजागर किया, तो उसी से नफ़रत हो गई। आहत भावनाओं के इस खेल में उन्हें ख़तरा नहीं जो झूठ के तंत्र के साथ हैं। ख़तरा उन्हें है जो झूठ को उजागर करते हैं। ज़ुबैर जेल में है। 1/2
माननीय जनता,
मेरे इस्तीफ़े की बात ठीक उसी तरह अफ़वाह है, जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे इंटरव्यू देने के लिए तैयार हो गए हैं और अक्षय कुमार बंबइया आम लेकर गेट पर मेरा इंतज़ार कर रहे हैं।
आपका,
रवीश कुमार,
दुनिया का पहला और सबसे महँगा ज़ीरो टीआरपी ऐंकर