संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन संसद भवन, नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah शाह जी से आत्मीय मुलाकात की।
इस अवसर पर राजसमंद लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं के सर्वांगीण विकास, जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों तथा
बादशाह अकबर के नौ रत्नों में से एक अबुल फजल को आंतरी में मारने वाले वीरसिंह देव के वंशज दतिया उपचुनाव जीत गए, इतिहास बोध भूलने वालों ने बुन्देलखण्ड में सिंधिया को प्रचार के लिए उतार कर नतीजे तय कर दिए
A blessed chance encounter with 101-year-old Ram Lal Ji of Geloli, Jayal, at Laxmi Petrol Station, Kuchera.
At 101, he carries with him memories of an era gone by. Grateful for this unexpected meeting and for his blessings. 🙏
📍 कुचेरा, नागौर
#मारवाड़#mirdha#मिर्धा
नीतियां कागज़ पर नहीं, परिणामों से मापी जाती हैं।
राजस्थान 17 राज्यों में वित्तीय स्वास्थ्य में 15वें स्थान पर है और निर्यात ₹25,000 करोड़ घट गया।
समिट नहीं, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और सुशासन ही निवेश आकर्षित करते हैं।
State of state's Finances
#Rajasthan
Despite unnecessary weekend work, after-hours duties, and unproductive administrative exercises, Rajasthan still had to cut its 2025–26 SGST revenue estimate by ₹1,900 crore (3%).
It's time for the @FinDeptRaj to ask a simple question: What is failing inside SGST?
@KumariDiya
राजस्थान जीएसटी विभाग में आखिर चल क्या रहा है?
गैर-बजट अवधि में वीकेंड पर काम, कार्यालय समय के बाद बिना लिखित आदेश के केवल मौखिक निर्देश, व्यापारियों को मनमाने फोन, स्वतः संचालित डिजिटल प्रणाली में मानवीय हस्तक्षेप, तथा फाइलों, अधिकार-क्षेत्र और निर्णय प्रक्रिया का अभूतपूर्व केंद्रीकरण—ये केवल प्रशासनिक कमियाँ नहीं, बल्कि गंभीर संस्थागत प्रश्न हैं।
जब पूरी व्यवस्था कुछ चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों तक सिमट जाए, तो पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। अधिकारों, फाइलों और निर्णय प्रक्रिया का ऐसा केंद्रीकरण प्रणालीगत अनियमितताओं तथा उच्च स्तर पर संभावित भ्रष्टाचार की आशंकाओं को जन्म देता है। ऐसे मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच समय की मांग है।
राजस्थान सरकार और विधानसभा को तत्काल संज्ञान लेकर विभाग की कार्यप्रणाली, निर्णय प्रक्रिया और जवाबदेही की निष्पक्ष समीक्षा करानी चाहिए।
#RajasthanGST #Transparency #RuleOfLaw #GoodGovernance #Accountability
Watch this by @PreetiChoudhry 🔥
A befitting reply to BJP MP Kangana Ranaut.
Above all, it is a salute to Indian womanhood . . . whose strength, sacrifice and resolve have shaped our nation's march towards justice and equality.
#India
Leaders failed to comprehend that youth & under age students will protest on ground with so much strength and conviction for an issue. This is an unprecedented event in the world.
राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूर्ण, रामनिवास मिर्धा की संसदीय विरासत आज भी मिसाल
राजस्थान विधानसभा ने आज अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण कर लिए. भारत के प्रथम आम चुनावों के बाद 15 जुलाई 1952 को विधानसभा की पहली बैठक आयोजित हुई थी, जिसने राज्य में संसदीय लोकतंत्र की औपचारिक शुरुआत की.
विधानसभा के 75 वर्षीय इतिहास में सर्वाधिक लंबे समय तक अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड श्री रामनिवास मिर्धा के नाम है. उन्होंने 25 अप्रैल 1957 से 3 मई 1967 तक लगातार दस वर्ष और आठ दिन अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई. उनके कार्यकाल में दिए गए अनेक संसदीय निर्णय और अध्यक्षीय निर्देश आज भी देश की विभिन्न विधानसभाओं में संसदीय परंपराओं के महत्वपूर्ण दृष्टांत माने जाते हैं.
लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्षता और संसदीय मर्यादा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली को नई दिशा दी. विधानसभा के 75वें स्थापना वर्ष पर संसदीय इतिहास में उनके योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया जा रहा है.
Today marks 75 years of the Rajasthan Legislative Assembly.
We also remember Shri Ram Niwas Mirdha, the Assembly's longest-serving Speaker (1957–1967). His rulings and parliamentary wisdom remain enduring benchmarks for legislative bodies across India.
#RajasthanAssembly75
On This Day | 26 June 1948
A defining moment in Rajasthan's political journey.
Rajputana Regional Council was reorganized into the Rajputana Pradesh Congress Committee with Gokulbhai Bhatt as its first President.
Later, it became the Rajasthan Pradesh Congress Committee.
आज जयपुर कार्यालय में अधिवक्ताओं श्री अरुण झाझड़िया, श्री अरविंद चौधरी एवं श्री अरविंद थालोर के साथ सार्थक चर्चा हुई। विधिक, सामाजिक एवं जन-नीति से जुड़े विषयों के साथ नागौर में विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों की सहायता हेतु विकसित किए जा रहे तंत्र पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बाड़मेर के चर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पुलिस कार्रवाई को सही ठहराया
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह फर्जी एनकाउंटर नहीं था, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में की गई...
#Barmer#AshokGehlot#CBI@Barmer_Harish
आज दिया-बत्ती के समय याद आया कि शायद यही एकमात्र धार्मिक आचरण था जिसे मेरी दादी और नानी, दोनों नियमित रूप से निभाती थीं।
लेकिन उनकी असली आस्था एक सरल जीवन-दृष्टि में थी . . . अच्छे कर्म करो, अच्छे कर्म लौटकर आएँगे।