बिहार के ऊपर एक अध्ययन करने के पश्चात यह किताब लिख पाया हूँ। इसमें बिहार की समस्याओं की चर्चा की गई है, इनके संभावित समाधान के साथ, बिहार की राजनीति व विभिन्न क्षेत्रों की चर्चा की गई है।
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@Prabhas53906541@mrkashyap1357 रिजर्वेशन कौन मांग रहा है? कहने का मतलब है कि जाति आधारित ही क्यों?
जो भी criterias होते हैं, उसे पूरा करना योग्यता होनी चाहिए ना। हिंदुओं के प्रतिनिधि हिंदू को ही होना चाहिए ना।
हालांकि इस बयान का मैं समर्थन/विरोध नहीं कर रहा हूँ।
@amishra1825@udaybirprakash1 मेरा जीवन तो बहुत छोटा रहा है अब तक का, लेकिन पूरे जीवन में कभी इन शब्दों को सुना नहीं है। हां सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक शब्दों को जरूर सुना और देखा है जैसे भीखमंगा, दूसरा वाला उदाहरण इसने भी दिया है।
@PrshntMishra_@Gemsofengineer@neha_laldas किसी की पीड़ा का मज़ाक नहीं बनाया जाता है, अगर वास्तव में आरक्षण का विरोध ही करना है तो सबसे पहले इस बात पर जोर देना चाहिए कि हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी के साथ भी जाति आधारित भेदभाव नहीं होने देंगे। किसी को भी वंचित नहीं होने देंगे सिर्फ जाति के वजह से।
@PrshntMishra_@Gemsofengineer@neha_laldas फिर वहीं बकवास किए जा रहा है तू। इतिहास पढ़ेगा तो पता चलेगा लगभग सारी व्यवस्थाएं शूद्रों के लिए थी लेकिन काफी अलग थी। सार्वजनिक कुओं में पानी के लिए अनुमति नहीं थी, उनके लिए अलग व्यवस्था थी। समस्या इस छुआछूत वाली मानसिकता से है।
@PrshntMishra_@Gemsofengineer@neha_laldas सुन... कोई समुदाय तेरे बाप का गुलाम नहीं है कि तू पानी देगा तब ही वो पानी पी सकेगा।
समस्या यह है कि पानी नहीं दिया गया, पानी नहीं पीया, यह किसने कहा री नफरती मूर्ख?