जहाँ पे लोग पुरानी शराब बेचते हैं
हम उस गली में कलम और किताब बेचते हैं
यकीन मानिए फूलों से कीमती हैं वो
सड़क किनारे जो बच्चे गुलाब बेचते हैं
• शाहिद नूर
फिर क्या होगा उसके बाद?
उत्सुक होकर शिशु ने पूछा,
"माँ, क्या होगा उसके बाद?"
रवि से उज्जवल, शशि से सुंदर,
नव-किसलय दल से कोमलतर।
वधू तुम्हारी घर आएगी उस
विवाह-उत्सव के बाद।'
पलभर मुख पर स्मित-रेखा,
खेल गई, फिर माँ ने देखा ।
उत्सुक हो कह उठा, किन्तु वह
फिर क्या होगा उसके बाद?'
फिर नभ के नक्षत्र मनोहर
स्वर्ग-लोक से उतर-उतर कर।
तेरे शिशु बनने को मेरे
घर लाएँगे उसके बाद।'
मेरे नए खिलौने लेकर,
चले न जाएँ वे अपने घर ।
चिन्तित होकर उठा, किन्तु फिर,
पूछा शिशु ने उसके बाद।'
अब माँ का जी उब चुका था,
हर्ष-श्रान्ति में डुब चुका था ।
बोली, "फ़िर मैं बूढ़ी होकर,
मर जाऊँगी उसके बाद।"
यह सुनकर भर आए लोचन
किन्तु पोछकर उन्हें उसी क्षण
सहज कुतूहल से फिर शिशु ने
पूछा, "माँ, क्या होगा उसके बाद?
कवि को बालक ने सिखलाया
सुख-दुख है पलभर की माया
है अनन्त का तत्व-प्रश्न यह,
फिर क्या होगा उसके बाद?
-बालकृष्ण राव
इतिहास का सबसे दिलचस्प नजारा...दो मिनट की ये पोस्ट रौंगटे खड़े कर देगी..अंत तक जरुर पढ़े
1. दिसंबर 2003 में यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री द्वारा सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया गया...see more
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..
याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :-
1. दूध ना पचे तो - सोंफ
2. दही ना पचे तो - सोंठ
3. छाछ ना पचे तो - जीरा व काली मिर्च
4. अरबी व मूली ना पचे तो - अजवायन
5. कड़ी ना पचे तो - कड़ी पत्ता
6. तेल, घी, ना पचे तो - कलौंजी
7. पनीर ना पचे तो - भुना जीरा
8. भोजन ना पचे तो - गर्म जल
9. केला ना पचे तो - इलायची
10. ख़रबूज़ा ना पचे तो - मिश्री का उपयोग करें
◾योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
◆ लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है।
◆ हाई बी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करें।
◆ लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें।
◆ कूबड़ निकलना - फास्फोरस की कमी।
◆ कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं।
◆ दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी।
◆ सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी।
◆ सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें।
◆ अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें।
◆ जम्भाई - शरीर में आक्सीजन की कमी।
◆ जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें।
◆ ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।
◆ किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये। गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है।
◆ अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं।
◆ वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा।
◆ परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं।
◆ पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है।
◆ RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है।
◆ सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें।
◆ पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है।
◆ भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है।
◆ HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा।
◆ गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें।
◆ चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है।
◆ शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है।
◆ वात के असर में नींद कम आती है।
◆ कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।
◆ कफ के असर में पढाई कम होती है।
◆ पित्त के असर में पढाई अधिक होती है।
◆ आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है।
◆ शाम को वात-नाशक चीजें खानी चाहिए।
◆ प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए।
◆ सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है।
◆ व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए।
◆ भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए।
◆ जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं।
◆ निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास ( लंघन ) से बुखार शांत होता है।
◆ भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है।
◆ दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
◆ माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं।
◆ तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए।
◆ छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है।
◆ कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है। ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है।
◆ मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए।
◆ सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें।
उसकी ज़ुबाँ से जैसा निकले सब वैसा हो जाता है
वो बस अच्छा कहती है और सब अच्छा हो जाता है
महंगी चीजें वो न खरीदे तो सस्ती हो जाती हैं
वो सस्ते की ओर भी देखे तो महंगा हो जाता है
उसको ग़ौर से देखने वालो थोड़ा ये भी ध्यान रहे
उसको ज़ियादा देखता है जो वो अंधा हो जाता है
उसका बस ये पूछना दुख के मारों से तुम कैसे हो
उसके इतना पूछने से ही दुख आधा हो जाता है
उसके हाथ नहीं है मानो पारस पत्थर है कोई
वो जिस जिस को छू देता है सब सोना हो जाता है
दो सौ साल जियोगे तुम वो कहता है अक्सर मुझ से
मर जाने की बात करूँ तो वो ग़ुस्सा हो जाता है
उसकी बस ये आदत उसके दुख का कारण बनती है
उसका कोई नहीं होता है वो सबका हो जाता है
—— VARUN ANAND🌷
जो तिरे दर से निकलता है बिखर जाता है
तुम जिसे छोड़ के जाते हो वो मर जाता है
रास्ता देखता रहता है अकेला ही शजर
जो मुसाफ़िर भी गुज़रता है गुज़र जाता है
फिर कभी भी ये न कहना कि बिछड़ना है तुम्हें
हिज्र के नाम से भी दिल मिरा डर जाता है
क्या मोहब्बत के उसूलों का नहीं उस को पता
कर के वा'दा वो हर इक बार मुकर जाता है
~ Syeda Filza Taskeen
मोहब्बत बोझ बन कर ही भले रहती हो काँधों पर
मगर ये बोझ हटता है तो काँधे टूट जाते हैं
बिछड़ कर आप से ये तजरबा हो ही गया आख़िर
मैं अक्सर सोचता था लोग कैसे टूट जाते है
ज़ियादा कामयाबी भी बहुत नुक़सान देती है
फलों का बोझ बढ़ने से भी पौदे टूट जाते है
~वसीम नादिर