करौली जिले के मंडरायल और डांग क्षेत्र में गहराता जल संकट बेहद चिंताजनक है। आज भी महिलाएं 3-3 किलोमी���र दूर से सिर पर मटके रखकर पानी लाने को मजबूर हैं। य�� सिर्फ पानी की समस्या नहीं, बल्कि सरकारों की विफलता और ग्रामीण-आदिवासी इलाकों की लगातार उपेक्षा का परिणाम है। जब शहरों में हर सुविधा उपलब्ध है, तब डांग क्षेत्र के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष क्यों करें?
नादौती-सवाई माधोपुर लिफ्ट परियोजना से यदि नींदर बांध में पानी छोड़ा जाए तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।
हम मांग करते हैं कि सरकार तत्काल स्थायी पेयजल समाधान सुनिश्चित करे, अन्य��ा जनता सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।
#डांग_मांगे_चंबल_पानी
मेरे सपोटरा डांग क्षेत्र के 30 गाँव आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार अब तक मौन बैठी है। यदि जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो हम मजबूर होकर एक बड़ा जनआंदोलन करेंगे। #डांग_मांगे_चंबल_पानी
आज भी देश के कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बेटियां अपनी जान जोखिम में डालकर गहरी खाइयों से पानी भरने को मजबूर हैं। यह सिर्फ जल संकट नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता और सामाजिक असमानता की दर्दनाक तस्वीर है।
ये चम्बल नदी इस क्षेत्र के बिल्कुल करीब से गुजर रही है और इस क्षेत्र क��� बीचोंबीच से 100/150km दूर पानी ले जाया जा रहा है जबकि डांग क्षेत्र पानी की समस्या से जूझ रहा है फिर भी चम्बल के पानी की सप्लाई डांग क्षेत्र में करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।
#डांग_मांगे_चंबल_पानी
जन-आंदोलन 🛑
🌊 "डांग क्षेत्र की यही पुकार, चंबल का पानी दो सरकार!"
• एक तरफ सूखी, फटी हुई जमीन और पानी के लिए मारता किसान
💧 बूंद-बूंद को तरसता डांग... अब और कितना इंतजार?
पानी हमारा हक है, इसे लेकर र���ेंगे
#डांग_मांगे_चंबल_पानी
@BhajanlalBjp