इस समय देश मे;
सामान्य मुख्यमंत्री है।
ओबीसी मुख्यमंत्री है।
आदिवासी मुख्यमंत्री है।
अल्पसंख्यक मुख्यमंत्री है।
लेकिन;
"अनुसुचित जाति से आने वाला कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री नही है"
जबकिं देश मे 17% के लगभग अनुसुचित जाति की जनसँख्या है। लेकिन उनका एक भी मुख्यमंत्री कंही पर नही है।
क्यो नही है?
विकास कुमार जाटव
माधुरी जाधव को यह ऐतराज है कि मिनिस्टर गणतंत्र दिवस पर बाबा साहब का नाम नही ले रहा है। सभी का ले रहे है। लेकिन बाबा साहब का नाम नही ले रहे थे।
माधुरी जाधव की सही बात है। जो नौशिखिया इसपर हाय तौबा मचाये है यह उनके लिए, उदाहरण के लिए अनुज शुक्ला को दिक्कत हो रही है तो यह बिल्कुल ऐसा है कि;
"अनुज शुक्ला के जन्मदिन पर उनके माँ-पिता के योगदान की जगह पड़ोस वाले रहमान चच्चा का गुणगान करना"
बाबा साहब ड्राफ्टिंग कमेंटी के चेयरमैन थे। ड्राफ्टिंग कमेटी ही निर्माता कही जाती है। उंसके 7 सदस्यों में से 2 विदेश, 2 इस्तीफे, दो कभी मीटिंग में नही आये। इसके बाद भी अकेले हर सैंक्शन पर अपने मत देकर, मेरिट डिमेरिट विस्तार से लिखकर, सभा मे बहस करवाकर व फिर वोटिंग करवाकर शामिल किया और फिर अंतिम रूप से इतना विशाल सँविधान भारत को दिया। जिसके लिए उन्हें "Father of the Constitution" कहा जाता है।
अब गणतंत्र पर "Father of the Constitution" को याद न करना ऐसे ही है जैसे अनुज शुक्ला के जन्मदिन पर पिता की जगह पड़ोस वाले रहमान चच्चा को याद करना।
माधुरी जाधव सम्मान की पात्र है।
उन्हें जय भीम। जय भारत।
Baba Sahab Dr B R Ambedker को नमन।
विकास कुमार जाटव
#RepublicDay
#RepublicDay2026
#RepublicDayIndia
National Flag
@vkjatav84@talk2anuradha Sir आप ने संविधान सभा के बारे में डिटेल में एक लेख लिख रखा है कृपया वो मिल जाएगा एक ओबीसी भाई राजेंद्र प्रसाद जी को संविधान लिखने वाला बोल रहा है माने आप की फेसबुक और ट्विटर दोनों पर देखा है नहीं मिल रहा है
यह भीड़ देखकर लोग बौखला जाएंगे आज !!
"मान्यवर कांशीराम जी" का मिशन रुकने वाला नहीं है✊
बहुजन क्रांति आई है..चमचों यह भीड़ पैसों की नहीं है यह भीड़ सामाजिक परिवर्तन की भीड़ है !!
बाबा तेरा मिशन अधूरा,हम सब मिलकर करेंगे पूरा !!
हुंकार भर दो लिखते जाओ
"बाबा साहब अमर रहे"🖐️🩵
दलित बच्चा 69 नंबर लाकर भी फैल
एक सवर्ण 54 लाकर पास
ये कैसा सामाजिक न्याय है?
मेरिट की बात करने वाले लोग यहां चुप क्यों है?
अच्छे पढ़ने वाले सवर्ण तो नौकरी में लग जाते हैं लेकिन पढ़ाई में कमजोर सवर्णों को नौकरी दिलाने के लिए EWS लाया गया है।