@k_satyarthi दो शख्सियतों की मुलाकातें विचारों व अनुभवों को साझा करने, सीखने समझने का बड़ा अवसर बनती हैं। करुणा के विचार के इर्दगिर्द हुई बात तो सबके लिए सीखने योग्य होंगी। लेख के माध्यम से साझा करें तो बात दूर तक पहुँचे, सब जानें। भूटान की घटनाओं को जानने को भारतीय उत्सुक रहते हैं।
@Arvind21121988@k_satyarthi किताबें तो सारी अच्छी हैं। तुम पहले क्यों नहीं आए के तो 10-11 एडिशन आए हैं। राजकमल प्रकाशन की एक पोस्ट इसपर देखी थी। पर सपनों की रोशनी की यहां विशेष रूप से ज़िक करना चाहूंगा। अलग मिज़ाज वाली किताब है। सेल्फ हेल्प बुक कही जा सकती है लेकिन पारंपरिक नहीं है लिखने का अंदाज अलग है।
@k_satyarthi यह प्रसंग मैंने आपकी आत्मकथा "दियासलाई" में पढ़ा था। विस्तार से है और आपने पाठक से लेखक बनने की अपनी पहली यात्रा को बहुत रस लेकर लिखा है। समाजकार्य के साथ-साथ साहित्य सृजन में भी आपका लगातार योगदान रहा है, वह अनुकरणीय है। बतौर पाठक हम तो कहेंगे- आप लिखते रहें 🙏
My dear young friends,
when your legs are powered by purpose,
your arms grown large enough to embrace every soul,
your eyes see the invisible faces,
your ears tuned to the sound of silence,
your minds charting new waters,
your hearts filled with compassion.
Trust me, my heroes,
a revolution of justice, equity, peace, and sustainability
is knocking at the door.
You are the present and the future.
March on, march on!
Let us march together toward a new world.
(August 21, 2025)
@SATYouthNetwork
Kailash Satyarthi के जीवन की वो 1 घटना जिससे बच गईं 2 लाख जिंदगियां...
'किताबनामा' में बात करते हुए समाज सेवी, लेखक और नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित @k_satyarthi ने वरिष्ठ पत्रकार @sanjeevpaliwal के साथ बचपन की वो घटना साझा की जिसने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. @sahitya_tak के यूट्यूब चैनल पर देखिए पूरा एपिसोड. @KSCFIndia@BBAIndia #kitabnama
पूरा एपिसोड: https://t.co/OzxiriuvSt
भाई अनुपम खेर जी, कल रात सिने जगत में आपके द्वारा रखे गए मील के एक नए पत्थर, 'तन्वी द ग्रेट' को देखने का मौका मिला। आपको और आपकी टीम को बहुत बधाई। आपने एक ऑटिस्टिक (दिव्यांग) बेटी के सपने, इरादे, हौसले और संघर्ष की कहानी में मानवीय गरिमा, समावेशिता और देशभक्ति के संदेश के साथ बेहद नाजुक संवेदनाओं, भावनाओं और अनुभूतियों के सभी रंगों को जिस सरलता से चित्रपट पर उतारा है, वह अद्भुत है। साधुवाद! @AnupamPKher #tanvithegreat
31 महीने में मेरी पुस्तक 'तुम पहले क्यों नहीं आए' का छठवां संस्करण
आ गया है। यह प्रमाणित करता है कि हिन्दी के पाठक मानवीय और संवेदनशील विषयों में कितनी रुचि रखते हैं। मै आपके प्रेम से अभिभूत हूँ, और अपने पाठकों का हृदय से आभार प्रकट करता हूं।
आज मेरी टेबल पर रामायण रखी देखकर मेरे एक सहयोगी ने पूछा- "राम और रावण में मूल अंतर क्या है?"
मैंने उत्तर दिया- "रावण अपार ज्ञान, सत्ता और संपत्ति के गठजोड़ पर टिकी, करुणा विहीन व्यवस्था का प्रतीक है। ऐसी व्यवस्था विध्वंसकारी होती है और उसका अंत निश्चित है।
वहीं राम, एक साधारण मनुष्य के भीतर छिपी परिवर्तनकारी करुणा की असीम शक्ति के प्रतीक हैं।
राम की पूजा करुणा की जीत है, और रावण का विनाश करुणा-विहीनता की हार है।
@vijaye9@KSCFIndia@DrMohanYadav51 इतिहास विशेषकर मध्य प्रदेश पर आपकी जानकारी विलक्षण है। ऐसा लग रहा था कि किसी पुरातत्त्वविद से मिलना हुआ। आपके जाने के बाद भी आपकी बातें होती रहीं।
@proud_shalini@k_satyarthi ये अमेजन का लिंक है। यहां से किताब ऑर्डर की जा सकती है। मैंने book fair में ली थी। पढ़ भी ली। मज़ा आ गया पढ़कर।
https://t.co/UxBpPQdOeS
Ten years ago, on this very day, I was humbled to receive the Nobel Peace Prize in Oslo, Norway. It has been an extraordinary honour. I am deeply grateful to all those who have supported me and played a part in my journey. I reiterate the clarion call I made during my Nobel acceptance speech in 2014, ‘Together, let us Globalise Compassion’.
@NobelPrize
@RajkamalBooks@k_satyarthi@FreeEveryChild दिल को छूने वाली किताब के 22 महीने में पांच संस्करण, वाह बहुत सुन्दर। किताब की सामग्री को देखते हुए यह बिल्कुल हैरान करने वाला नहीं है। लेखक और प्रकाशक सभी बधाई के पात्र हैं।
@k_satyarthi सही बात। धर्म धारण करने की आदर्श चीज की बजाय अपनी अपनी मान्यता थोपने की होड़ का रास्ता हो गया है। और इसमें पूरी दुनिया में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता।