प्रीत हो जाए तो बुराई नहीं दिखती है
नफ़रत हो जाए तो अच्छाई नहीं दिखती है
इसी वजह से कभी झूठ नहीं दिखता है
और इसी वजह से सच्चाई नहीं दिखती है
सत्य की राह के गड्ढों से न घबराना 'राज'
झूठ के रास्ते की खाई नहीं दिखती है
धर्मेन्द्र श्रीवास्तव
चंद्रशेखर आज़ाद ने राजगुरु को पिस्तौल चलाने की ट्रेनिंग दी थी और उनका निशाना काफ़ी सटीक था.
राजगुरु को 23 मार्च 1931 को भगत सिंह और सुखदेव के सााथ फांसी दी गई थी.
विवेचना में रेहान फ़ज़ल (@rehanfazalbbc ) सुना रहे हैं शिवराम राजगुरु की कहानी.
वीडियो: मुकेश कुमार
#सुमन_कल्याणपुर#जन्मदिन
बुझा दिए हैं ख़ुद अपने हाथों
मोहब्बतों के दीये जला के
मेरी वफ़ा ने उजाड़ दी हैं
उम्मीद की बस्तियाँ बसा के
फ़िल्म: शगुन (1964)
संगीत: ख़य्याम
गीत: साहिर लुधियानवी
स्वर: सुमन कल्याणपुर
ज़रा सी बात पे हर #रस्म तोड़ आया था,
दिल-ए-तबाह ने भी क्या मिज़ाज पाया था।
मुआफ़ कर ना सकी मेरी ज़िन्दगी मुझको,
वो एक लम्हा कि मैं तुझसे तंग आया था..!!
#परम्परा#लेखनी ✍️ #ग़ज़ल
🎬 Non Film
🖋️ जाँ निसार अख़्तर 🎵 खय्याम
🎤 मुकेश
@niranzangurjar@kanchansingh_23@yogpreet
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They told us hair loss is genetic.
But your hair CAN come back.
Here’s what’s killing your hair cells and how to bring them back to life (before it's permanent):🧵
गांधी इस मिट्टी की खुशबू हैं, इस हवा की सांस हैं, इस देश के दिल की धड़कन हैं। गांधी का नाम लेना सिर्फ इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि उस आत्मा को छू लेना है जो हर हिन्दुस्तानी के खून में दौड़ती है।
सोचिए, ये देश इतना आज़ाद है कि यहां कोई गांधी को गाली भी दे सकता है। मगर क्या यही आज़ादी पड़ोस के चीन में मिलेगी? वहां माओ की आलोचना करने की हिम्मत कौन कर सकता है? गांव-जवार ही नहीं, इंसान की पूरी ज़िंदगी फालूदा बना देंगे।
यही फर्क है भारत विचारों की धरती है, संवाद की धरती है, लोकतंत्र की धरती है। और इस लोकतंत्र की नींव गांधी के विचारों पर टिकी है।
गांधी ने हमें लड़ना सिखाया, मगर दुश्मन से नहीं नफ़रत से, हिंसा से, अन्याय से। उन्होंने हमें दिखाया कि ताकत बंदूक की नली से नहीं, बल्कि सत्य और अहिंसा से आती है।
आज चाहे कितने ही लोग गांधी की विरासत को छोटा करने की कोशिश करें, चाहे कितने ही झंडे और चेहरे सत्ता के प्रतीक बन जाएं, मगर इस मिट्टी से गांधी को कोई नहीं मिटा सकता।गांधी इस देश की रगों में उतरे हुए हैं।
वो किसान की थकान में हैं, मजदूर की पसीने में हैं, और सबसे बड़ी बात वो उस साहस में हैं जो हर भारतीय को अपने हक़, अपनी आवाज़ और अपने अस्तित्व के लिए खड़ा होना सिखाता है।
गांधी कोई मूर्ति नहीं जो सिर्फ चौक-चौराहों तक सीमित रह जाएं। गांधी वो विचार हैं जो इस देश के हर दिल में ज़िंदा हैं। भारत की तासीर प्रेम और भाईचारे में है, उसका रंग अहिंसा में है, उसकी ताकत संवाद में है।अगर हम गांधी को भूला देंगे तो भारत अपनी पहचान खो देगा।इसलिए कहना ही पड़ेगा ये देश गांधी का है, और गांधी का ही रहेगा। क्योंकि गांधी केवल इतिहास नहीं भारत का दिल हैं।🌹
नज़्म : रम्ज़//
तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे
मेरी तन्हाई में ख़्वाबों के सिवा कुछ भी नहीं
मेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हें
मेरे कमरे में किताबों के सिवा कुछ भी नहीं
इन किताबों ने बड़ा ज़ुल्म किया है मुझ पर
इन में इक रम्ज़ है जिस रम्ज़ का मारा हुआ ज़ेहन
मुज़्दा-ए-इशरत-ए-अंजाम नहीं पा सकता
ज़िंदगी में कभी आराम नहीं पा सकता
~जौन एलिया साहब❣️💌 🌻